सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों के 14 दोषियों को दी सशर्त जमानत, अब करनी होगी समाजसेवा 

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को साल 2002 में गुजरात के सरदारपुरा गांव से जुड़े मामले में दोषी 14 लोगों को सशर्त जमानत दी है।

Suprem court
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नई दिल्ली: मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को साल 2002 में हुए गुजरात दंगों के 14 दोषियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट ने सभी 14 दोषियों को सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने दोषियों से कहा है कि वो जब तक जमानत पर रहेंगे उन्हें उस अवधि में जमानत के काम करने होंगे। जिस मामले में लोगों को राहत मिली है वो सरदारपुरा गांव से जुड़ा मामला है।

क्या है सरदारपुरा मामला 

18 साल पहले हुए इन 1 मार्च 2002 को गुजरात के सरदारपुरा गांव में हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक दंगे में 33 लोगों को जिंदा जलाकर मार डाला गया था। देर रात लोगों की भीड़ ने सरदारपुरा गांव निवासी इब्राहिम शेख के घर पर धावा किया था। उस वक्त इब्राहिम शेख के घर पर आस-पास के कुछ और मुस्लिम परिवार के सदस्यों ने शरण ले रखी थी। ऐसे में भीड़ ने मकान को घेर कर आग के हवाले कर दिया। जिससे मकान के अंदर मौजूद 20 महिलाओं सहित मौजूद कुल 33 लोगों की मौत हो गई थी। 

निचली अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 73 अभियुक्तों में से 42 को रिहा कर दिया था जबकि 31 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सरदारपुरा मामला दंगों के उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसकी जांच उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने की थी। मार्च 2014 को सभी आरोपियों ने गुजरात हाईकोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी। 

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