Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पढ़ीं कश्मीर के नामचीन कवि  'दीनानाथ नादिम'  की पंक्तियां

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया जिसमें उन्होंने कई अहम एलान किए साथ ही देश की अर्थवस्था की तस्वीर भी पेश की उन्होंने इस दौरान कश्मीरी कवि 'दीनानाथ नादिम'  की पंक्तियां भी पढ़ीं।

Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पढ़ीं कश्मीर के नामचीन कवि  'दीनानाथ नादिम'  की पंक्तियां
साहित्य अकादमी से सम्मानित कश्मीरी कवि दीनानाथ नादिम ने इन पंक्तियों को लिखा है 

नई दिल्ली:  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  2020-21 का बजट पेश किया इस दौरान वो खासे जोश में थीं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणायें भी कीं। उन्होंने अपने भाषण में कश्मीर का जिक्र भी किया दरअसल उन्होंने एक कश्मीरी कवि दीनानाथ नादिम  की कविता की पंक्तियां का भी उच्चारण किया। 

निर्मला सीतारमण ने कश्मीरी भाषा कविता पढ़ी और  उस कविता का अनुवाद भी उन्होंने बताया जो कुछ इस तरह से है-
हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग़ जैसा
हमारा वतन डल लेक में खिलते हुए कमल जैसा
हमारा वतन नौजवानों के गरम खून जैसा
मेरा वतन, तेरा वतन, हमारा वतन
दुनिया का सबसे प्यारा वतन

साहित्य अकादमी से सम्मानित कश्मीरी कवि दीनानाथ नादिम ने इन पंक्तियों को लिखा है, साहित्य जगत में उनका बेहद सम्मान है। दीनानाथ नादिम 20 वीं सदी के एक प्रमुख कश्मीरी कवि थे। 

उनको कश्मीरी साहित्य की अग्रिम पंक्ति में रखा जाता है। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह शिहिल कुल के लिये उन्हें सन् 1986 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

उनका जन्म 18 मार्च 1916 को श्रीनगर शहर में हुआ था और उनके साथ आधुनिक कश्मीरी कविता का युग शुरू हुआ।

उन्होंने कश्मीर में प्रगतिशील लेखकों के आंदोलन का भी वस्तुतः नेतृत्व किया था उनका निधन  7 अप्रैल 1988 हुआ था।

 

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