क्या है आज से शुरू होने जा रहा 'वंदे भारत' और 'समुद्र सेतु' मिशन, 64 विमान इन देशों के लिए भरेंगे उड़ान

भारत सरकार आज से विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष विमान सेवा शुरू करने जा रही है जिनकी मदद से उन्हें सकुशल और सुरक्षित वापस भारत लाया जाएगा। इस मिशन को वंदे भारत और समुद्र सेतु नाम दिया गया है।

vande bharat and samudra setu mission
क्या है वंदे भारत और समुद्र सेतु मिशन 

मुख्य बातें

  • भारत सरकार आज से विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष विमान सेवा शुरू करने जा रही है
  • विदेशों से भारतीयों को एयरलिफ्ट कराने के इस मिशन को 'वंदे भारत मिशन' नाम दिया गया है
  • इन देशों में फंसे नागरिकों को भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहने को कहा गया है

भारत आज से विदेशों में फंसे भारतीयों को निकालने का मिशन शुरू करने जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार आज से विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष विमान सेवा शुरू करने जा रही है जिनकी मदद से उन्हें सकुशल और सुरक्षित वापस भारत लाया जाएगा। 7 मई से लेकर 13 मई तक ये सेवाएं जारी रहेंगी।आपको बता दें कि 1990 में विदेशी जमीन से बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट कराया गया था तब से लेकर आजतक भारत सरकार के सामने ऐसी परिस्थिति नहीं आई, लेकिन कोरोना वायरस के इस महामारी के दौर में भारत सरकार को विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट करवाने की नौबत आ गई है।

इस कड़ी में विदेशों में फंसे हजारों भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट करने के लिए कुल 64 विमान आज से लेकर 13 मई तक इन देशों की उड़ान भरेंगे। इस मिशन को 'वंदे भारत मिशन' नाम दिया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि मिशन की तैयारी पूरी कर ली गई है और इन देशों में फंसे नागरिकों को भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहने को कहा गया है।

इसके अलावा भारतीय नौसेना भी समुद्र सेतु मिशन शुरू करने जा रही है जिसके तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को जहाजों के जरिए लाया जाएगा। नेवी शिप 'जलस्व' और 'मगर' को इस काम में लगाने की योजना है। आपको बता दें कि सरकार ने ये स्पष्ट किया है कि वैसे भारतीय नागरिक जो कोविड-19 नेगेटिव पाए गए हैं सिर्फ उन्हें ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।

क्या है 'वंदे भारत मिशन'

कोविड-19 लॉकडाउन के कारण विदेशों में फंसे करीब 15,000 भारतीय नागरिकों को भारत के लिए एयरलिफ्ट करवाने के लिए आज से 13 मई तक के लिए 64 विमानें उड़ान भरेंगी। इसके पूरा हो जाने के बाद ये 1990 के कुवैत मिशन के बाद दूसरा सबसे बड़ा मिशन होगा। 1990 में करीब 1.7 लाख भारतीयों को कुवैत से एयरलिफ्ट किया गया था। बताया जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE)के लिए 10 विमान शुरू किए जा रहे हैं जबकि यूएस और यूके के लिए 7-7 विमान शुरू किए जा रहे हैं। जबकि सऊदी अरब के लिए  विमान भेजे जा रहे हैं। विमान सिंगापुर और दो विमान कतर के लिए भेजे जा रहे हैं। 7 फ्लाइट मलेशिया और बांग्लादेश के लिए जबकि 5-5 फ्लाइट कुवैत और फिलिपींस के लिए भेजे जाएंगे। वहीं ओमान और बहरीन के लिए 2-2 फ्लाइट्स भेजे जाएंगे।

कहां से कितनी फ्लाइट
सबसे ज्यादा 15 फ्लाइट्स केरल से उड़ान भरेंगे जबकि 11-11 दिल्ली और तमिलनाडु से उड़ान भरेंगे। 7-7 महाराष्ट्र और तेलंगाना से उड़ान भरेंगे जबकि 5 गुजरात से और जम्मू कश्मीर, कर्नाट्क और गुजरात से 3-3 फ्लाइट्स उड़ान भरेंगे। पंजाब और उत्तर प्रदेश से 1-1 विमान उड़ान भरेंगे। करीब 2000 लोगों को रोजाना भारत एयरलिफ्ट किया जाएगा। 7 एयर इंडिया के विशेष विमानों को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए शिड्यूल किया गया है। भारतीय को विदेशी जमीन से पिकअप करने से पहले उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्हें भारत आने के बाद 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा।

किन्हें मिलेगी प्राथमिकता
वैसे लोग जो माइग्रेंट वर्कर हैं या फिर जिनका वीजा एक्सपायर हो गया है वैसे लोगों को एयरलिफ्ट के लिए सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी। बुजुर्ग, प्रेग्नेंट महिलाएं, बीमार व्यक्ति, स्टूडेंट्स, पारिवारिक समस्या के कारण घर आने की जरूरत महसूस करने वालों को भारत आने की प्राथमिकता दी जाएगी। लंदन से आने वाले प्रत्येक यात्री के लिए 50,000 रुपए कीमत की टिकट होगी। अमेरिका से आने वालों के लिए के लिए 1-1 लाख रुपए क टिकट होगी। दुबई से आने वालों के लिए 13,000 रुपए का टिकट। जो भी नागरिक विदेश से वापस भारत आ रहे हैं उन्हें अपने पास आरोग्य सेतु मोबाइल एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।

क्या है 'समुद्र सेतु मिशन'

उड़ानों के अलावा भारतीय नेवी ने भी समुद्र सेतु मिशन लॉन्च किया है जिसके तहत नेवी के जहाजों के जरिए विदेशी जमीन पर फंसे भारतीय नागरिकों को भारत लाया जाएगा। नेवी के अधिकारियों के मुताबिक नेवी की पहली शिप 8 मई से पहले चरण में मालदीव के माले से भारतीय नागरिकों को वॉटरलिफ्ट करेगी। इस ट्रिप में करीब 1000 लोगों को भारत लाया जाएगा। इस दौरान शिप पर सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाएगा साथ ही शिप पर मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ी सारी सुविधाएं मौजूद होंगी। इसके अलावा आईएनएस शर्दुल को दुबई के लिए रवाना किया जा रहा है। शिप से लाए जाने वालों को कोच्चि और केरल में छोड़ा जाएगा वहां से उन्हें पहले क्वारंटीन में 14 दिनों के लिए रखा जाएगा। 

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