Pollution: संसद में प्रदूषण पर चर्चा, BJP सांसद बोले- पहले केजरीवाल खांसते थे, अब पूरी दिल्ली खांस रही

देश
लव रघुवंशी
Updated Nov 19, 2019 | 18:15 IST

Pollution Discussion In Parliament: प्रदूषण को लेकर लोकसभा में चर्चा हुई। बीजेपी सांसद परवेश वर्मा, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी समेत अन्य सांसदों ने इस पर अपनी बात रखी।

Parvesh Verma
बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा 

मुख्य बातें

  • संसद का शीतकालीन सत्र जारी है, दूसरे दिन हुई प्रदूषण पर चर्चा
  • मनीष तिवारी ने मांग उठाई कि प्रदूषण पर एक स्थाई समिति बनाई जानी चाहिए
  • घटिया स्तर के पटाखे, खासकर चीन के खराब पटाखों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण का स्तर बढ़ा: पिनाकी मिश्रा

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और आस-पास के शहरों में पिछले दिनों खूब प्रदूषण हुआ। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर खूब राजनीति भी हुई। सुप्रीम कोर्ट से भी राज्य सरकारों को खूब फटकार लगी। अब मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन प्रदूषण पर लोकसभा में चर्चा हुई। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि वायु प्रदूषण को कम नहीं किया जा सकता। इसका एक उदाहरण चीन का शहर बीजिंग है जहां सरकार ने युद्धस्तर पर काम शुरू करके वहां की हवा को स्वच्छ किया।

वहीं दिल्ली से बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा ने दिल्ली की आप सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरा। उन्होंने कहा, 'पिछले 4.5 सालों से दिल्ली के सीएम कहते रहे कि प्रधानमंत्री उन्हें काम नहीं करने देते, दिल्ली के उपराज्यपाल उन्हें काम नहीं करने देते। पिछले 6 महीनों में हर कोई उन्हें काम करने दे रहा है, वह सब कुछ मुफ्त में बांट रहे हैं।' 

उन्होंने कहा कि आज जो उन्होंने (दिल्ली सीएम) दिल्ली को दिया है वो ये है कि 5 साल पहले अकेला दिल्ली सीएम खांसता था, आज पूरी दिल्ली खांस रही है। उन्होंने दिल्ली में सबको प्रदूषण मुफ्त दिया है।'

इसके अलावा टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मास्क लगाकर अपना भाषण दिया और कहा, 'दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 9 भारत में हैं। जब हमारे पास 'स्वच्छ भारत मिशन' है, तो क्या हमारे पास 'स्वच्छ हवा मिशन' नहीं हो सकता है? क्या हमें स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार सुनिश्चित नहीं किया जाना चाहिए?' 

मनीष तिवारी ने कहा, 'जब दिल्ली में हर साल प्रदूषण का मुद्दा होता है, तो ऐसा क्यों है कि इस पर सरकार और इस सदन से कोई आवाज नहीं उठती है? लोगों को इस मुद्दे पर हर साल सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाने की जरूरत क्यों है? यह गंभीर चिंता का विषय है। यह महत्वपूर्ण है कि आज यह सदन राष्ट्र को यह संदेश देता है कि जिन्हें उन्होंने अपना प्रतिनिधि चुना है वो इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील और गंभीर हैं। बात सिर्फ वायु प्रदूषण की नहीं है; हमारी नदियां भी आज प्रदूषित हैं।' 

तिवारी ने यह भी कहा कि दिल्ली के प्रदूषण को लेकर हर साल पड़ोसी राज्यों पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में किसानों के पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि इस तरह के दावे गलत हैं। तिवारी ने सदन में मांग उठाई कि प्रदूषण पर एक स्थाई समिति बनाई जानी चाहिए जो सिर्फ इससे और जलवायु परिवर्तन से संबंधित विषयों को देखे और हर संसद सत्र में एक दिन उसके कामकाज की समीक्षा हो।

वहीं बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने कहा, 'घटिया स्तर के पटाखे, खासकर चीन के खराब पटाखों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ती कारों की संख्या भी प्रदूषण का बड़ा कारण है।'

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