Supreme Court के संज्ञान में कानून के तहत बनाए गए हैं डिटेंशन सेंटर- सूत्र

देश
Updated Dec 26, 2019 | 17:09 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में कानून के तहत ही देश के अलग-अलग हिस्सों डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। गुरुवार को सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी।

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सुप्रीम कोर्ट  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • देश के अलग-अलग राज्यों में बनाए गए डिटेंशन सेंटर SC के संज्ञान में बनाए गए हैं
  • डिटेंशन सेंटर वैसी जगह है जहां पर अवैध विदेशी नागरिकों को रखा जाता है
  • केंद्र ऐसे नागरिकों को देश से बाहर निकाल सकती है इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें यहां रखा जाता है

नई दिल्ली : डिटेंशन सेंटर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर ही देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित किए गए थे। गुरुवार को सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। डिटेंशन सेंटर या शिविर कारावास केंद्र वह स्थान है जहां उन विदेशी नागरिकों को रखा जाता है जिनके राष्ट्रीयता सत्यापन (nationality verification) और संबंधित सरकारों द्वारा जारी यात्रा दस्तावेजों का सत्यापन लंबित है।  

ऐसे डिटेंशन सेंटर पिछले कई दशकों से कई राज्यों में सक्रिय है और ये स्थापित किए जाने वाले ऐसे सेंटर किसी भी तरह से नेशनल रजिस्टर ऑफ एनआरसी (एनआरसी) से संबंधित नहीं हैं। 

फोरेनर्स एक्ट 1946 केंद्र को ये शक्ति देता है कि वह किसी भी विदेशी नागरिक की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सके और जरूरत पड़ने पर उसे किसी एक खास स्थान पर रख सके। इसके अलावा पासपोर्ट एक्ट (भारत में प्रवेश), 1920 के तहत केंद्र किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसके पास वैध पासपोर्ट वीजा या ट्रैवल दस्तावेज नहीं है उसे भारत से निकाल बाहर कर सकता है। 

संविधान की अनुच्छेद 258 (1) के तहत केंद्र की इन शक्तियों को राज्य सरकारों को सौंप सकता है, इसके अलावा केंद्र शाषित प्रदेश भी संविधान की अनुच्छेद 239 के तहत इन शक्तियों को लागू कर करने के लिए बाध्य है।

क्या है डिटेंशन सेंटर
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान से जब डिटेंशन सेंटर के बारे में कहा था उसके बाद हर किसी के मन में इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हर कोई अपने-अपने तरीके से इसकी व्याख्या कर रहा है इस तरह से उनके मन में डर बैठ रहा है। कोई कह रहा है कि उनके पास उसकी पहचान से संबंधित कागजात नहीं हैं तो उन्हें डिटेंशन सेंटर में डाल दिया जाएगा फिर उसे देशनिकाला कर दिया जाएगा। 

यहां आपको बता दें कि वास्तव डिटेंशन सेंटर वैसी जगह होती है जहां पर अवैध विदेशी नागरिकों को रखा जाता है। केंद्र सरकार को संविधान के तहत ऐसी शक्ति दी गई है कि वह ऐसे अवैध विदेशी नागरिकों को देश से बाहर निकाल सकती है। इस प्रक्रिया के दौरान उन नागरिकों को इन डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है।  
  

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