दिल्ली: पी चिदंबरम को झटके पे झटका, सरेंडर अपील को अदालत ने किया खारिज

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Updated Sep 13, 2019 | 16:08 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

दिल्ली की एकअदालत ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के आत्मसमर्पण आवेदन को खारिज कर दिया। चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय को आत्मसमर्पण करने के लिए एक आवेदन दिया था।

 P. Chidambaram
पी चिदंबरम (फाइल फोटो) 

मुख्य बातें

  • INX मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय को आत्मसमर्पण करने की चिदंबरम की याचिका को कोर्ट ने किया खारिज
  • ईडी ने कहा कि पी चिदंबरम की गिरफ्तारी आवश्यक है लेकिन उचित समय आने पर करेंगे
  • आईएनएक्स मीडिया केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं पी चिदंबरम

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को दिल्ली एक अदालत ने पी चिदंबरम को झटका देता हुए उनके आत्मसमर्पण करने के आवेदन को खारिज कर दिया है। दरअसल पी चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय को आत्मसमर्पण करने के लिए एक आवेदन दिया था जिसको अदालत ने खारिज कर दिया है। बता दें कि चिदंबरम अभी आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े सीबीआई मामले में न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को अदालत को बताया कि चिदंबरम की गिरफ्तारी आवश्यक हैं और वह उचित समय पर ऐसा करेंगे। ईडी की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम के आवेदन को विरोध करते हुए विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहर  से कहा, 'हमने इस मामले में छह लोगों को तलब किया है। उनमें से तीन से पूछताछ की गई। हमें सभी छह व्यक्तियों से पूछताछ करने की आवश्यकता है ताकि हम आरोपी (चिदंबरम) का सामना कर सकें।'

 

 

उचित समय पर गिरफ्तार करेंगे: ईडी
मेहता ने आगे कहा, 'वह (चिदंबरम) सबूतों से छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।  हम उन्हें एक उचित समय पर गिरफ्तार करेंगे, क्योंकि हिरासत में पूछताछ करने के लिए ईडी के पास केवल 15 दिन उपलब्ध होंगे।'

'आत्मसमर्पण करने का अधिकार है'
ईडी के प्रस्तुतिकरण के जवाब में, चिदंबरम की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को सूचित किया कि कांग्रेस नेता को आत्मसमर्पण करने का अधिकार है। उन्होंने का कि कि ईडी द्वारा दिए गए कारणों पर विचार किया गया था। सिब्बल ने कहा, 'यह एक दुर्भावनापूर्ण विचार है, चिदंबरम को दंडित करने और परेशान करने के इरादा से है।आरोपी को हमेशा अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने का अधिकार है। कोई भी अभियोजन को रोक नहीं सकता है।'

गौरतलब है कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार केस में सीबीआई ने मई 2017 में  एफआईआर दर्ज करते हुए कहा था कि 2007 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे, तो उन्होंने अनियमित्ता के जरिए आईएनएक्स मीडिया ग्रुप में 305 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दी थी। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
 

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