CAA पर क्या कांग्रेस भ्रम की शिकार है, यूं नहीं उठ रहे सवाल, नेताओं के अलग अलग सुर

क्या कांग्रेस को लगता है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के पीछे कोई तार्किक आधार नहीं है। सिर्फ लोगों को यह संदेश देने की कोशिश है कि वो इस विषय पर मोदी सरकार के खिलाफ कुछ बोलती नजर आ रही है।

CAA पर क्या कांग्रेस भ्रम की शिकार है, यूं नहीं उठ रहे सवाल, नेताओं के अलग अलग सुर
सीएए पर कांग्रेस नेताओं के सुर अलग अलग 

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून पर क्या कांग्रेस के नेता किसी भ्रम के शिकार हैं, या वास्तव में उन्हें लगता है कि यह कानून संविधान के खिलाफ है और मोदी सरकार ने जो कुछ किया है वो भारत के विधान के खिलाफ है। दरअसल सीएए पर कांग्रेस नेताओं के बोल अलग अलग हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता ने केरला साहित्य के कार्यक्रम में कहा था कि सीएए का विरोध करना असंवैधानिक है। और कोई भी राज्य सरकार उसे लागू करने से इंकार नहीं कर सकती है क्योंकि यह केंद्र का कानून है। लेकिन उसके साथ ही वो यह भी कहते हैं कि केरल सरकार का सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला सही है, कानून की कसौटी पर सुप्रीम कोर्ट सीएए की वैधानिकता का परीक्षण करेगा। 

अब यह जानना भी जरूरी है कि अहमद पटेल का क्या कहना है। वो कहते हैं कि  जिस तरह से पंजाब में भी इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया है, ठीक वैसे ही कांग्रेस शासित प्रदेशों में भी सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश करा कर केंद्र सरकार को संदेश दिया जाएगा कि देश की ज्यादातर आबादी इस कानून के खिलाफ है। 


सीएए के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शथि थरूर ने कुछ सलाह भी दी है। वो कहते हैं कि इस कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन रुक सकता है अगर नरेंद्र मोदी और अमित शाह कहें कि वो एनआरसी के विचार को त्याग रहे हैं। यही नहीं वो एनपीआर के लिए भी नहीं कहेंगे ताकि इस काम में लगे कर्मचारी लोगों से यह न पूछें कि आप के माता और पिता कहां पैदा हुए थे और उसके बारे में दस्तावेजों की मांग करें।

 


सच ये है कि पीएन मोदी और गृहमंत्री इस तरह का आश्वासन देने के लिए तैयार नहीं हैं और यही उनके असली मंतव्य की कहानी बयां करती है। और यह जरूरी है कि दोनों लोगों के मनोभावों को देश की जनता समझे।
 

 

 

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर