P.Chidambaram: जेल में बंद चिदंबरम को नहीं रास आ रही 'जेल की रोटी', बोले घट गया 4 किलो वजन

देश
रवि वैश्य
Updated Oct 03, 2019 | 19:52 IST

P.Chidambaram Weight Loss: कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम  3 अक्टूबर तक तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं बताया जा रहा  है कि उन्हें जेल में मिलने वाला खाना रास नहीं आ रहा है। 

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पी चिदंबरम (फाइल फोटो) 

मुख्य बातें

  • पी चिदंबरम तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं,उन्हें सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था
  • अपनी जमानत याचिका में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उन्हें जेल के अंदर मिलने वाले खाने की आदत नहीं है
  • पी चिदंबरम ने घर का पका भोजन दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया था

नई दिल्ली: कहा जाता है कि जेल की रोटी रास नहीं आती है और ऐसे में जेल में बंद लोग घर के खाने की मांग करते हैं हालांकि ये पूरी नहीं होती, हम बात कर रहे हैं वरिष्ठ कांग्रेस नेता और देश के वित्त और गृहमंत्री रहे पी चिदंबरम ( P Chidambaram) की जो तिहाड़ जेल  (Tihar Jail) में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें सीबीआई (CBI) ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें दिल्ली की एक अदालत ने 3 अक्टूबर तक तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

कांग्रेस नेता के खिलाफ सीबीआई भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके खिलाफ धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही है।

74 साल के इस हैवीवेट कांग्रेसी नेता ने अपनी जमानत याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि क्योंकि उन्हें जेल के अंदर मिलने वाले खाने (Jail Food) की आदत नहीं है, इसके चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है और उनका वजन 4 किलो तक कम हो गया है। 

पी चिदंबरम ने घर का पका भोजन दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया था, इससे पहले भी चिदंबरम अदालत में कह चुके हैं कि जेल में उन्हें अच्छा खाना नहीं दिया जा रहा है इस वजह से उनका वजन भी कम हो रहा है जिसपर कोर्ट ने इंकार कर दिया गया था। 

आईएनएक्स मीडिया (INX Media) मामले में तीन दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया।

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर कथित तौर पर आरोप है कि जब वह 2007 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे, तो उन्होंने आईएनएक्स मीडिया समूह में अवैध तरीके से 305 करोड़ रुपए की विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड मंजूरी दी थी। इसके बाद  15 मई 2017 में सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। 

 

 

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