CAA को लेकर शाहीन बाग में बोले मणिशंकर अय्यर -'देखना है कि किसके हाथ मजबूत हैं हमारे या उस कातिल के'-VIDEO

देश
रवि वैश्य
Updated Jan 14, 2020 | 21:16 IST

Mani Shankar Aiyar at the protest against CAA: दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर पहुंचे और सरकार के खिलाफ तीखा बयान दिया।

CAA:सीएए को लेकर मणिशंकर अय्यर गरजे कहा-'देखना है कि किसके हाथ मजबूत हैं हमारे या उस कातिल के'-VIDEO
सीएए के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं वहीं दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में लगातार प्रदर्शन जारी है   |  तस्वीर साभार: ANI

नई दिल्ली:संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं वहीं दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में लगातार प्रदर्शन जारी है और वहां पर खासतौर पर महिलाएं खासी सक्रिय हैं और दिनभर सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं जिसकी वजह से शाहीन बाग विरोध का एक सेंटर सा बन गया है।

मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर शाहीन बाग बाग पहुंचे और लोगों को संबोधित किया, गौरतलब है कि अय्यर मोदी सरकार के खिलाफ पहले भी कई मुद्दों पर हमलावर रहे हैं। 

मणिशंकर अय्यर ने शाहीन बाग में प्रदर्शकारियों को संबोधित करते हुए कहा- जो भी कुर्बानियां देनी हों उसमें मैं भी शामिल होने के लिए तैयार हूं, अब देखना है कि किसके हाथ मजबूत हैं हमारे या उस कातिल के..

 

 

 

गौरतलब है कि दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ विरोध को पूरे अच्छे खासे दिन हो गए हैं बताते हैं करीब 1 महीने से वहां इसको लेकर प्रदर्शन जारी है। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा नजर आती है जो डटकर नागरिकता कानून का विरोध कर रही हैं।

 

 

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को संशोधित नागरिकता कानून  के खिलाफ प्रदर्शन के मद्देनजर कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर यातायात पाबंदियों पर व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को विचार करने का निर्देश देते हुए कहा कि जहां कहीं भी प्रदर्शन हो रहा है पुलिस के पास यातायात को नियंत्रित करने की शक्तियां हैं।

मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने हालांकि कहा कि अदालत द्वारा प्रदर्शन, प्रदर्शन की जगह और यातायात को कैसे संभालना है, इसे लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता क्योंकि यह जमीनी हकीकत और पुलिस की बुद्धिमता पर निर्भर करता है।अदालत ने पुलिस से कहा कि वह यातायात पाबंदियों के मुद्दे पर कानून-व्यवस्था को बरकरार रखने के मद्देनजर विचार करे।

जनहित याचिका में कहा गया कि कालिंदी कुंज वाला रास्ता दिल्ली, फरीदाबाद (हरियाणा) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने की वजह से बहुत महत्व रखता है।

लेकिन अब लोगों को डीएनडी एवं अन्य वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति बन रही है और साथ ही समय तथा ईंधन की बर्बादी भी हो रही है।

 

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