कोरोना वायरस: भारत की दरियादिली का कायल हुआ चीन, मुश्किल वक्त में मदद पाकर हुआ भावुक

China : चीन के राजदूत ने कहा कि साल 2003 में चीन में सार्स वायरस का प्रकोप फैला था। उस समय रक्षा मंत्री जार्ज फर्नाडिस की अगुवाई में एक भारतीय शिष्टमंडल शंघाई पहुंचा था।

China deeply touched by India's medical aide for Corona Virus
भारत ने चीन को भेजी है चिकित्सा सामग्री।  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • कोरोना वायरस के प्रकोप से लड़ रहा है चीन, भारत समेत दुनिया के कई देशों ने भेजी है मदद
  • चीन सहित दुनिया के 25 देशों में कोरोना के वायरस ने दी है दस्तक, चीन में 1800 से अधिक लोगों की जान गई
  • चीन में दिनोंदिन बढ़ती जा रही है कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या, इससे युद्ध स्तर पर लड़ रहा चीन

नई दिल्ली : कोरोना वायरस से लड़ने में भारत की मदद पाकर चीन गदगद हो गया है। चीन ने कहा है कि मुश्किल दौर में भारत ने जो उसकी मदद की है वह उसके दिल को छू लेने वाली है। चीन ने कहा कि भारत की इस मदद ने 2003 में सार्स के प्रकोप से लड़ाई की याद दिला दी। उस समय रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल चीन आया था। बता दें कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत ने चिकित्सा सामग्री की एक बड़ी खेप बीजिंग भेजी है।

चीन में कोरोना वायरस बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। यह वायरस चीन सहित दुनिया भर के करीब 25 देशों के करीब 73,000 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। चीन में इस वायरस से अभी तक कम से कम 1868 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहां वायरस से संक्रमित और मरने वाले लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। वायरस से लड़ने के लिए दुनिया के कई देशों ने चीन की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।


कुछ दिनों पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि चीन की मदद के लिए भारत सरकार चिकित्सा सामग्री एवं उपकरण भेज रही है। इस मदद का जिक्र अब भारत में चीन के राजदूत सुन वेडान्ग ने की है। वेडान्ग ने मंगलवार को कहा, 'चीन मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में भारत की मदद ने हमारे दिल को छू लिया है।' राजदूत ने कहा कि भारत की यह मदद साल 2003 की याद दिलाती है जब चीन सार्स के हमले से लड़ाई लड़ रहा था। 

चीन के राजदूत ने कहा, 'साल 2003 में चीन में सार्स वायरस का प्रकोप फैला था। उस समय रक्षा मंत्री जार्ज फर्नाडिस की अगुवाई में एक भारतीय शिष्टमंडल शंघाई पहुंचा था। इस शिष्टमंडल की अगवानी करने का मुझे सौभाग्य मिला।'

चीन एक बार फिर मुश्किल दौर से गुजर रहा है। कोरोना वायरस का प्रकोप हुबेई प्रांत में सबसे ज्यादा है। हुबेई प्रांत के वुहान शहर सबसे ज्यादा लोग इस वायरस से पीड़ित हैं। यह वायरस इसी शहर से फैलना शुरू हुआ। वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन सरकार ने वुहान शहर को चारों तरफ से सील कर दिया है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मौजूद थे लेकिन भारत सरकार ने समय रहते उन्हें एयरलिफ्ट कर लिया। 

वैज्ञानिक कोरोना वायरस का प्रतिरोधक टीका अभी विकसित नहीं कर पाए हैं। दरअसल, यह वायरस कोरोना प्रजाति का ही एक किस्म है। इसकी मारक क्षमता की दर दो से तीन है। यानि कि इस वायरस से संक्रमित होने वाले 100 लोगों में से दो से तीन लोगों की मौत होती है। फिर भी वैक्सीन विकसित न होने की वजह से यह जानलेवा बना हुआ है। अभी तक का अनुमान है कि यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैला।

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