Tamilnadu: बैनर से युवती की मौत मामले में मद्रास HC हुआ सख्त, 'सरकार और प्रशासन से उठ गया है भरोसा'

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Updated Sep 13, 2019 | 12:25 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Banner takes life: तमिलनाडु में अवैध बैनर की चपेट में आने के कारण जान गंवा चुकी युवा महिला इंजीनियर को लेकर अब विवाद शुरू हो चुका है।

illegal banner takes life of young engineer
बैनर के कारण युवती की मौत पर बढ़ा विवाद  

चेन्नई : तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक 23 वर्षीय महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने के बाद इस पर राजनीतिक विवाद बढ़ता ही जा रहा है। ये हादसा गुरुवार को हुआ। दरअसल सड़क पर एक अवैध होर्डिंग के गिर जाने के बाद ही ये हादसा हुआ था जिसमें महिला इंजीनियर की मौत हो गई थी। होर्डिंग के गिरने के बाद वह एक पानी के टैंकर से चकरा गई थी। इसके बाद फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। सुभाश्री के शव को अस्पताल से उसके आवास पर पहुंचा दिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक सड़क पर लगे अवैध होर्डिंग AIADMK पार्टी के थे। आईटी कंपनी में काम करने वाली सुभाश्री पल्लवरम-थोराईपक्कम अपनी स्कूटी पर थी उसी समय एक लाइफसाइज होर्डिंग उस पर आ गिरी। उसी समय सेकेंड्स में ही सामने से आ रहे एक वॉटर टैंकर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी जिसमें उसके सिर पर गंभीर चोटें आ गई।

चश्मदीद गवाहों के अनुसार स्कूटी में उसके पीछे बैठी लड़की ने हेल्मेट पहन रखे थे। जिस होर्डिंग के कारण सुभाश्री की मौत हुई उस पर तमिलनाडु सीएम ई पलानीस्वामी और डिप्टी सीएम ओ पन्नीरसेल्वम और पूर्व सीएम जयललिता की तस्वीरें लगी थी। ये होर्डिंग बिना अनुमति के सड़क के बीचोंबीच अवैध तरीके से लगाए गए थे। 

मद्रास हाई कोर्ट की फटकार
बैनर से लड़की की मौत मामले में मद्रास हाई कोर्ट की तल्ख प्रतिक्रिया आई है। अवैध बैनर को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने तीखे शब्दों में कहा कि और कितने के लहू से रोड को पाटना चाहते हैं आप। क्या देश में एक व्यक्ति की जिंदगी की कीमत इतनी सस्ती है? प्रशासन इतना लापरवाह क्यों है। 

कोर्ट ने कहा कि अवैध होर्डिंग्स और बैनर को बैन करने के लिए आदेश जारी कर-कर के थक गए हैं। जस्टिस सेशासायी ने कहा कि यह प्रशासन की लापरवाही को दिखाता है। हमें खेद है कि सरकार पर से हमारा विश्वास उठ गया है।

इधर वॉटर टैंकर के ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से ही चेन्नई सिविक बॉडी ने उन प्रेस सेंटर को बंद करवा दिया है जो इस तरह के होर्डिंग्स को छापते थे। इस मामले पर विवाद धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। 

 

 

एआईएडीएमके नेता ने एक तरफ कहा है कि हमने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है वहीं विपक्षी पार्टी डीएमके ने यंग महिला की मौत के लिए राज्य सरकार और राज्य की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।

डीएमके ने आरोप लगाया है कि राज्य में अवैध होर्डिंग लगाने के पीछे राज्य की गैरजिम्मेदार सरकार और पुलिस प्रशासन का हाथ है। सत्ता के घमंड में चूर इन नेताओं की वजह से और कितनी जानें गंवानी पड़ेगी।

 

 

डीएमके नेता ई करुणानिधि ने कहा है कि ये बैनर होर्डिंग्स सत्ताधारी पार्टी के द्वारा लगवाए गए थे। हमारी पार्टी शुरू से ही इस बात की वकालत करती आ रही है कि बैनर कल्चर को हटाया जाना चाहिए। अब इस यंग गर्ल की मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है? पीड़िता के परिवार वालों को अच्छा मुआवजा दिया जाना चाहिए। 

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