CCD के फाउंडर वी जी सिद्धार्थ लापता, सामने आया ये लेटर, जानिए क्या लिखा है इसमें

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Updated Jul 30, 2019 | 10:53 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

मशहूर बिजनेसमैन और कैफे कॉफी डे के फाउंडर वी जी सिद्धार्थ लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच उनका एक लेटर सामने आया है जो उन्होंने अंतिम बार अपने एम्प्लाइज के लिए लिखा था।

CCD Founder missing his letter
CCD फाउंडर वी जी सिद्धार्थ लापता 

नई दिल्ली : मशहूर बिजनेसमैन और कैफे कॉफी डे के फाउंडर वी जी सिद्धार्थ कर्नाटक के मंगलुरु से लापता बताए जा रहे हैं। वी जी सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद हैं। पुलिस उनके घर पर परिजनों से पूछताछ कर उनकी तलाश करने में जुटी है। वहीं मंगलुरु में नेत्रावती नदी में भी मछुआरों की मदद से उनकी तलाश की जा रही है।

इस बीच वी जी सिद्धार्थ का एक लेटर सोशल मीडिया पर सामने आया है जो कहा जा रहा है कि लापता होने से पहले उन्होंने एम्प्लाइज को लिखा था। हालांकि इसे वेरिफाइड नहीं बताया जा रहा है। जानिए क्या लिखा है इस लेटर में-

हमारे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और कॉफी फैमिली

37 सालों की कड़ी मेहनत के बाद हमने कंपनी में 30,000 और इससे जुड़े संस्थानों में हमने 30,000 से ज्यादा नौकरियां पैदा की। इसके अलावा टेक कंपनियों में भी हमने 20,000 अन्य नौकरियां निकालीं जिसमें मैं शुरू से ही शेयरहोल्डर रहा हूं। लेकिन मुझे ये कहते हुए काफी दुख हो रहा है कि मेरे काफी प्रयासों के बाद भी मैं अपने बिजनेस में प्रॉफिट लाने में नाकाम रहा। 

मैं ये बताना चाहता हूं कि कंपनी को मैंने अपना सबकुछ दिया। उन सभी लोगों को जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया उन्हें निराश करने के लिए मैं काफी दुखी हूं। मैंने काफी लंबी लड़ाई लड़ीं लेकिन अब मैं हार गया हूं क्योंकि मैं अपने प्राइवेट इक्विटी पार्टनर का अब ज्यादा दबाव नहीं झेल सकता हूं। मुझ पर शेयर खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

मैंने छह महीने पहले ही अपने दोस्त से बड़ी मात्रा में पैसे उधार लेकर इसे पूरा किया था। कई सारे लोगों के कर्ज के नीचे दबे होने के कारण आज मेरी ये स्थिति हो गई है। पूर्व इनकम टैक्स डीजी ने हमारे शेयर जब्त कर मानसिक तौर पर मुझे काफी परेशान कर रखा था। हालांकि रिवाइज रिटर्न हमने फाइल कर दिया था। 

मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप मजबूत बने रहें और नए मैनेजमेंट के साथ इस बिजनेस को बेहतर ढंग से चलाते रहें। मैं अपनी सारी गलतियों के लिए खुद को अकेला जिम्मेदार मानता हूं।  हर तरह की वित्तीय ट्रांजैक्शन की जिम्मेदारी मैं खुद लेता हूं। मेरी टीम, ऑडिटर और सीनियर मैनेजमेंट मेरे द्वारा किए गए ट्रांजैक्शन के लिए पूरी तरह से अनजान थे। कानून का गुनहगार मैं हूं क्योंकि ये सारी चीजें मैंने ही हर किसी से यहां तक कि अपने परिवार से छुपाई। 

मेरा उद्देश्य किसी को धोखा देना नहीं था, मैं एक आंत्रप्रेन्योर के तौर पर असफल रहा। मुझे उम्मीद है कि आप सब मुझे समझेंगे और मुझे माफ कर देंग। मैंने अपनी सारी संपत्तियों और उनकी कीमत के दस्तावेज अटैच कर दिए हैं ताकि हमारे कर्ज चुकाने में इससे कुछ मदद मिल जाए। 

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