BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए आज से नामांकन, जे पी नड्डा रेस में सबसे आगे

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सवाल ये है कि उस कुर्सी पर कौन काबिज होता है। ये बात अलग है कि कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा रेस में सबसे आगे हैं।

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए आज से नामांकन, जे पी नड्डा रेस में सबसे आगे
बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं जे पी नड्डा 

मुख्य बातें

  • बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं जगत प्रकाश नड्डा, हिमाचल प्रदेश से है नाता
  • अमित शाह की मदद के लिए बनाए गए थे कार्यकारी अध्यक्ष
  • कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए हरियाणा में बीजेपी की दोबारा सरकार बनी और महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए आज नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी प्रदेशों में अध्यक्षों और संगठन के चुनाव के बाद यह प्रक्रिया शुरू होगी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के काम में हाथ बंटाने के लिए जगत प्रकाश नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन आज जब नामांकन के शुरू होने के साथ अंतिम प्रक्रिया पूरी होगी तो बीजेपी को एक पूर्णकालिक चेहरा मिल जाएगा।

अब सवाल यह है कि कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा के विरोध में क्या कोई और चेहरा होगा या वो निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। इसका फैसला तो औपचारिक तौर बीजेपी संगठन से जुड़े हुए लोग करेंगे। लेकिन जानकारों का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम है कि जे पी नड्डा के सामने और कोई चेहरा होगा। औपचारिक तौर पर चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

जे पी नड्डा के बारे में बताया जाता है कि वो पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों लोगों की पसंद हैं। दशकों से उनकी सांगठनिक क्षमता, छात्र राजनीति का अनुभव और इसके साथ संघ के साथ उनकी करीबी उनके चयन में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही उनकी साफ छवि भी उनके चयन का मुख्य आधार बन सकती है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनावी प्रक्रिया को देख रहे राधा मोहन सिंह का कहना है कि 20 जनवरी यानि सोमवार को नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी और यदि जरूरत हुई तो अगले दिन यानि 21 जनवरी को मतदान कराया जाएगा।आमतौर पर बीजेपी की परंपरा रही है कि अध्यक्ष पद के लिए आम सहमति से एक चेहरा चुना जाता है, अगर उस परंपरा को देखें तो जे पी नड्डा का अध्यक्ष बनना तय है।

नए अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष अमित शाह का साढ़े पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। अमित शाह के अध्यक्ष रहते हुए बीजेपी ने अपनी पूरी राजनीतिर पड़ाव में शीर्ष को स्पर्श किया। बीजेपी की पताका 2014 से बिना किसी चुनौती के फहर रही है। अगर 2014 के चुनावी नतीजों को देखें को बीजेपी को 272 का जादुई आंकड़ा अपने दम पर हासिल हो गया था। लेकिन 2019 का चुनाव बीजेपी के लिए और शानदार रहा। मोदी सरकार एक बार फि सत्ता पर काबिज हुई जिसे मोदी 2.0 के नाम से भी जानते हैं।

अमित शाह एक ऐसी विरासत को छोड़ कर जाएंगे जिसे बचाने और बढ़ाने की चुनौती होगी। वो एक लंबी लकीर खींच चुके हैं जिसे उनके किसी भी उत्तराधिकारी के लिए बड़ी चुनौती होगी तो विस्तार के संभावनाओं के रास्ते भी खोलती है। जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और सत्ता के केंद्र में पार्टी के होने से भावी अध्यक्ष की राह आसान भी होगी। 

 

अगली खबर
loadingLoading...
loadingLoading...
loadingLoading...