बंदरों को फ्रूटी, समोसे की आदत से परेशान हेमा मालिनी, मथुरा में खोलना चाहती हैं 'मंकी सफारी' [VIDEO]

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Updated Nov 21, 2019 | 17:15 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Safety for Mathura monkeys : मथुरा से बीजेपी सांसद बंदरों के लिए 'मंकी सफारी' खोलना चाहती हैं। उन्होंने बंदरों की तारीफ के साथ-साथ निंदा भी की।

Safety for Mathura monkeys : बंदरों को फ्रूटी, समोसे की आदत से परेशान हेमा मालिनी, मथुरा में खोलना चाहती हैं 'मंकी सफारी'
BJP MP Hema Malini says on Safety for Mathura monkeys  |  तस्वीर साभार: ANI

नई दिल्ली : मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद हेमा मालिनी बंदरों के लिए 'मंकी सफारी' खोलना चाहती हैं। बीजेपी सांसद ने गुरुवार को कहा कि बंदरों में मनुष्यों  की खाने की आदत विकसित हो गई है जो कि अच्छी बात नहीं है। उन्होंने मथुरा में बंदरों के लिए 'मंकी सफारी' बनाए जाने की मांग की है ताकि बंदरों को खाने के लिए प्राकृतिक फल मिल सके। हेमा मालिनी ने कहा कि मनुष्यों की शोहबत में आकर बंदर समोसा और फ्रूटी खाना सीख गए हैं, उन्हें अब फल पसंद नहीं आ रहे हैं जो कि अच्छी बात नहीं है।

मथुरा और दिल्ली में बंदरों के उत्पात को लेकर लोकसभा में बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी को एक समस्या के रूप में उभारा। जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि उनके चुनाव क्षेत्र में विभिन्न लोगों की मौतें हुई हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले पर ध्यान देने का आग्रह किया।

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान मामले को पार्टी लाइन से हटकर उठाया गया। इस खतरनाक और गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार से कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले को उठाते हुए, मालिनी ने कहा कि मेरे लोकसभा क्षेत्र मथुरा में बंदरों के हमले से वृंदावन और उसके आसपास के इलाके में कई लोगों की मौत हो गई है।

हेमा मालिनी ने कहा कि बंदरों के प्राकृतिक आवास सिकुड़ गए हैं और वे भोजन की तलाश में आवासीय इलाकों में चले जाते हैं, वृंदावन में लोग उनके साथ सख्ती से निपटने के लिए मजबूर हैं। तीर्थयात्री बंदरों को 'कचोरी' और 'समोसा' जैसे तले हुए भोजन खाने को देते हैं जिसके कारण वे बीमार पड़ रहे हैं। बीमार और जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बंदरों की नसबंदी के प्रयास किए गए थे, जिससे वे बहुत हिंसक  हो गए। उन्होंने जानलेवा हमले किए हैं। वृंदावन में लोग मारे गए हैं।
उन्होंने ने कहा कि जानवरों को भी जीने का अधिकार है और वन विभाग को एक "बंदर सफारी" बनाना चाहिए जो समस्या को हल करेगा। "कृपया मामले को हल्के में न लें। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है।

 

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