जानिए आखिर क्यों असम में पीएम मोदी के आने पर जश्न मना रहे हैं लोग, दीयों से सजाया गया शहर

देश
किशोर जोशी
Updated Feb 06, 2020 | 20:39 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोडो समझौता होने के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार को असम के कोकराझार की यात्रा करेंगे। पीएम की इस यात्रा के लिए कोकराझार को खूबसूरती से सजाया गया है।

Assam People lighten lamps on streets ahead of PM Narendra Modi's visit to Kokrajhar
असम:जानिए क्यों PM मोदी के स्वागत में दीयों से सजाया गया शहर 

मुख्य बातें

  • कोकराझाड़ में पीएम मोदी की कल की रैली से पहले स्वागत की ज़बर्दस्त तैयारियां
  • ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन ने बाइक रैली निकाली और शहर में कई जगहों पर प्रज्ज्वलित किए गए दीपक
  • पीएम मोदी की रैली में राज्य के अन्य क्षेत्रों से चार लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना

कोकराझार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम के कोकराझार का दौरा करेंगे लेकिन पीएम मोदी के इस दौरे से पहले स्वागत की ज़बर्दस्त तैयारियां चल रही हैं। बोडो समझौता होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीएम मोदी असम के कोकराझार में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे। पीएम की इस यात्रा से पहले कोकराझार को जश्न के अंदाज में बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। पूरे शहर में दिए जलाए गए हैं, ऐसा लग रहा है मानों दीवाली आ गई हो। लोगों ने सड़कों के किनारे पर मिट्टी के दीये जलाए है और ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन ने बाइक रैली निकाली। 

27 जनवरी को हुए थे हस्ताक्षर

 बोडो समझौते पर दस्तखत के बाद यहां जश्न जैसा माहौल है। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार मोदी 27 जनवरी को हुई ‘ऐतिहासिक बोडो समझौते की प्रशंसा’ में वहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पूर्वोत्तर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ जबर्दस्त प्रदर्शन होने के बाद से प्रधानमंत्री की यह पहली पूर्वोत्तर यात्रा होगी। इस हिंसक प्रदर्शन में तीन लोगों की जान भी चली गयी थी।

 

चार लाख लोगों के जुटने की संभावना

इस कार्यक्रम (प्रधानमंत्री की सभा) में बोडो स्वायत्त जनजाति जिलों और राज्य के अन्य क्षेत्रों से चार लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है। बयान के अनुसार असम की विविधता का प्रदर्शन करने के लिए वहां के जातीय समूहों का सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है।

समझौते पर 27 जनवरी, 2020 को नई दिल्‍ली में हस्‍ताक्षर किए गए थे। मोदी ने ट्वीट करते हुए इस दिन को भारत के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण दिवस कहा था।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि ‘बोडो समझौता कई कारणों से अलग है। जो लोग पहले हथियार के साथ प्रतिरोधी समूहों से जुड़े हुए थे वे अब मुख्‍य धारा में प्रवेश करेंगे और हमारे राष्‍ट्र की प्रगति में योगदान देंगे।

1615 एनडीएफबी कैडरों ने किया था आत्‍मसमर्पण

 एनडीएफबी के विभिन्‍न गुटों के 1615 कैडरों ने आत्‍मसमर्पण किया है और ये लोग समझौते पर हस्‍ताक्षर होने के दो दिनों के अंदर मुख्‍यधारा में शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि बोडो समूहों के साथ समझौता बोडो लोगों की अनूठी संस्‍कृति को संरक्षित करेगा और लोकप्रिय बनाएगा। 

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