अरुण जेटली के परिवार ने पेंशन लेने से किया इनकार- कम वेतन वाले कर्मचारियों को की जाए दान

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Updated Oct 01, 2019 | 11:53 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

अरुण जेटली के परिवार ने पूर्व मंत्री की मौत के बाद उनकी पेंशन को दान करने का फैसला किया है। इसके लिए अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने उपराष्ट्रपति को पत्र लिखा है।

Arun Jaitley
अरुण जेटली के परिवार ने किया पेंशन दान करने का फैसला 

नई दिल्ली: दिवंगत वित्त मंत्री अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने सोमवार को राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा है और यह पत्र पेंशन से जुड़ा हुआ है। राज्यसभा के सभापति को भेजे गए इस पत्र में और पीएम मोदी को भी चिह्नित किया गया है। पत्र मे संगीता जेटली ने कहा है कि अरुण जेटली की मृत्यु के बाद उन्हें मिलने जा रही पेंशन को चतुर्थ श्रेणी के राज्यसभा कर्मचारियों को दे दिया जाए।

पूर्व मंत्री अरुण जेटली के परिवार ने इस दौरान अरुण जेटली के स्वभाव का भी जिक्र किया कि वह दूसरों की मदद करने के लिए तत्पर रहते थे। लंबी बीमारी के बाद बीते 24 अगस्त को अरुण जेटली का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया था। उन्हें सांस फूलने और बेचैनी की शिकायत थी जिसके बाद 9 अगस्त को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।

संसद सदस्यों के वेतन और भत्ते से जुड़े अधिनियम के अनुसार, एक पूर्व सांसद न्यूनतम 20,000 रुपए प्रति माह पेंशन और हर साल 1,500 रुपए प्रति माह की अतिरिक्त पेंशन का हकदार है, दोनों सदनों के सदस्य के तौर पर पांच साल से अधिक की अवधि तक सेवा दिए जाने के बाद यह पेंशन दी जाती है। अरुण जेटली 1999 से राज्यसभा के सदस्य थे, जिसके कारण उन्हें प्रति माह 22,500 रुपये अतिरिक्त मिलते थे। इस प्रकार, उसके पास कुल पेंशन लगभग 50,000 रुपये प्रति माह होती।

पति या पत्नी या मृत सांसद या पूर्व सांसद के आश्रित को मिलने वाली पेंशन सदस्य के पेंशन की 50 प्रतिशत के बराबर होती है। इसका मतलब अरुण जेटली के परिवार को लगभग 25,000 रुपए प्रति माह या 3 लाख रुपए प्रति वर्ष की पेंशन मिलने वाली थी।

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