Nagrikta Sanshodhan Kanoon Protest UPDATES: जामिया केस में सभी 6 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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Updated Dec 17, 2019 | 17:52 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Nagrikta Sanshodhan Kanoon (CAA) Protest Updates: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के अलग अलग हिस्सों में विरोध हो रहा है। साकेत कोर्ट ने जामिया केस में 6 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

Anti Citizenship Act Protests Updates: असम के डिब्रूगढ़ में भारी विरोध के बाद फिर कर्फ्यू लागू
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहा है विरोध 

Nagrikta Sanshodhan Kanoon (CAA) Protest: असम के डिब्रूगढ़ में भारी विरोध के बाद एक बार फिर कर्फ्यू लगाया गया है। हालांकि इन इलाकों में सुबह 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी। इस बीच जामिया हिंसा मामले में आपराधिक इतिहास वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि उसमें कोई छात्र नहीं है। नागरिकता संसोधन कानून के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर इलाके में उपद्रवियों ने बवाल करते हुए बसों में तोड़फोड़ की। इस कानून के खिलाफ जामिया विश्वविद्यालय के बाहर छात्र एक बार फिर जुटे हैं। 

जामिया मामले में आरोपियों को न्यायिक हिरासत
दिल्ली के साकेत कोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय मामले में सभी छह आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ गत रविवार को जामिया इलाके में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों ने चार बसों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस जामिया परिसर में दाखिल हुई। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने छात्रावास और लाइब्रेरी में उनकी पिटाई की। 

जामिया के बाहर जुटे छात्र

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध थम नहीं रहा है। रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद छात्र विश्वविद्यालय के बाहर एक बार फिर एकत्र  हुए हैं।

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने जामिया विश्वविद्यालय में पुलिस कार्रवाई को जलियांवाला बाग कांड से जोड़ा। उन्होंने कहा कि छात्र युवा बम की तरह होते हैं, लिहाजा वो केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि वो इस तरह की कार्रवाई न करे जिसकी वजह से छात्र और उग्र हों। 

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी कोलकाता में लोगों को संबोधित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बहुमत वाली सरकार भी संविधान नहीं बदल सकती है। सीएए पर केंद्र सरकार का कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि जामिया में जिस तरह से छात्रों के ऊपर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की वो बहुमत वाली सरकार का बेजा ताकत है।

कोलकाता हाईकोर्ट में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिका में कहा गया है कि सरकारी खर्च का बेजा इस्तेमाल करते हुए ममता बनर्जी का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पोस्टरों के जरिए प्रचार प्रसार कर रही हैं। 

सूत्रों के मुताबिक जामिया में जिस समय विरोध प्रदर्शन जारी था, पुलिस की तरफ से एक भी गोली नहीं चलाई गई। जिन 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है उनका क्रिमिनल रिकॉर्ड है। इस संबंध में और दूसरे असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है। गृहमंत्रालय ने गोली चलाए जाने के आरोपों को खारिज कर दिया है। 

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में डीएमके नेताओं ने चेन्नई कलेक्ट्रेट और चेपक स्टेडियम में विरोध किया। डीएमके नेताओं का कहना है कि यह कानून देश के पंथ निरपेक्ष चरित्र पर प्रहार है। केंद्र सरकार को विचार करने की जरूरत है आखिर ऐसा क्यों हुआ कि पूरा देश सड़कों पर है।

जामिया इलाके में विरोध प्रदर्शन की वजह से कई जगहों पर जाम की आशंका है। दिल्ली-नोएडा डीएनडी पर भारी जाम लगा हुआ है। सरिता विहार और ओखला वाले रास्ते पर भी जाम है। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वो किसी तरह के बहकावे में ना आएं। सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे भ्रामक खबरों से भी दूर रहें। 

असम पुलिस के महानिदेशक भाष्कर ज्योति महंता का कहना है कि सीएए के विरोध में चार लोगों की मौत हुई है। हालात ऐसे बन गए थे कि पुलिस के पास गोली चलाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। अब हालात नियंत्रण में है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हालात नियंत्रण में है। डीजीपी ओ पी सिंह ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने माहौल को खराब करने की कोशिश की थी। 

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