'आर्मी' स्कूल की स्थापना कर रहा है आरएसएस, डिफेंस फोर्स के लिए ट्रेंड होंगे छात्र

देश
Updated Jul 30, 2019 | 00:38 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब सैनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में कदम बढ़ाने जा रहा है। वह एक 'आर्मी' स्कूल की स्थापना कर रहा है, जहां बच्चों को आर्मी की ट्रेनिंग दी जाएगी।

RSS Army School
RSS Army School  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • आरएसएस अपना पहला 'आर्मी' स्कूल की स्थापना कर रहा है, इस का पहला सत्र अगले साल अप्रैल में शुरू होगा
  • स्कूल के लिए पूर्व आर्मी और किसान राजपाल सिंह ने 20,000 वर्ग मीटर जमीन दान में दी है
  • स्कूल में का नाम पूर्व आरएसएस सरसंघचालक राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया के नाम पर है
  • इस स्कूल में छठी क्लास से 12वीं क्लास तक के बच्चों को डिफेंस फोर्स के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा

लखनऊ : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के शिकारपुर में एक 'आर्मी' स्कूल की स्थापना कर रहा है। राजपाल सिंह ने इस स्कूल के लिए जमीन दान में दी है। उन्होंने बताया कि स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा पाठ्यक्रम का पालन किया जाएगा। स्कूल में छात्रों को डिफेंस फोर्स के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस स्कूल का नाम रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर रखा गया है। इस स्कूल के लिए इमारत निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।  

पूर्व आर्मी और किसान राजपाल सिंह द्वारा दान किए गए 20,000 वर्ग मीटर में फैले इलाके में इस स्कूल का निर्माण हो रहा है। इसका निर्माण पिछले साल अगस्त में शुरू हुआ था। यह जमीन अब नए बनाए गए ट्रस्ट राजपाल सिंह जनकल्याण सेवा समिति का हिस्सा है। इस स्कूल में एक तीन मंजिला भवन एकेडमिक्स के लिए होंगे, एक तीन मंजिला भवन में होस्टल, डिस्पेंसरी और सभी स्टाफ के रहने के लिए आवास होंगे और एक बड़ा स्टेडियम होगा। 

आरएसएस का यह स्कूल अगले साल अप्रैल से शुरू होगा। इस स्कूल को आरएसएस की शिक्षा शाखा विद्या भारती चलाएगी। इस स्कूल का नाम पूर्व आरएसएस सरसंघचालक राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया के नाम पर है। आरएसएस द्वारा संचालित इस तरह का यह पहला स्कूल है। रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर यूपी में बुलंदशहर के शिकारपुर में शुरू हो रहा है। यहां पूर्व आरएसएस चीफ का जन्म 1922 में हुआ था। 

लड़कों के लिए इस आवासीय विद्यालय का निर्माण अभी जारी है। इसमें छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्र होंगे और अप्रैल से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के पश्चमी यूपी और उत्तराखंड के क्षेत्रीय संयोजक अजय गोयल ने बताया कि यह एक प्रयोग है जो हम देश में पहली बार कर रहे हैं और इस मॉडल को भविष्य में अन्य स्थानों पर दोहराया जा सकता है। विद्या भारती देश भर में 20,000 से अधिक स्कूल चलाता है।

इस योजना पर काम कर रहे गोयल ने बताया कि छात्रों के पहले बैच के लिए प्रॉस्पेक्टस लगभग तैयार है और हम अगले महीने से आवेदन आमंत्रित करेंगे। हम पहले बैच में छठी कक्षा के लिए 160 छात्रों को लेंगे। आरक्षण योजना के तहत शहीदों के बच्चों के लिए 56 सीटें आरक्षित रहेंगी। सितंबर में रिटायर सेना अधिकारियों से मुलाकात हो सकती है और  उम्मीद है वह इसके सुधार के लिए सुझाव देंगे। गोयल ने कहा कि देश भर से कई सेना के अधिकारी आरएसएस और इससे जुडे़ संगठनों के संपर्क में हैं।  मीटिंग की तारीख एक सप्ताह के भीतर तय की जाएगी।

आरएसएस ने स्कूल स्तर पर सेना की शिक्षा और प्रशिक्षण की पुरजोर वकालत की है। बीएस मूनजे ने 1937 में नासिक में भोंसला मिलिट्री स्कूल स्थापित की थी। मूनजे आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार के गुरु थे। आरएसएस के नेता इस स्कूल कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। लेकिन आरएसएस इसे चलाने में सीधे तौर पर शामिल नहीं है। यह केंद्रीय हिंदू मिलेट्री शिक्षा सोसायटी द्वारा चलाया जाता है।
 

 

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