अमित शाह की दो टूक-किसी भी हाल में वापस नहीं होगा नागरिकता संशोधन कानून  

देश
आलोक राव
Updated Dec 17, 2019 | 19:01 IST

Citizenship Amendment Act : गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ जो विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, उसके पीछे कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि यह कानून वापस नहीं होगा।

Amit Shah Interview on Citizenship Act, speaks on Protests against CAA at Times Now, अमित शाह की दो टूक-किसी भी हाल में वापस नहीं होगा नागरिकता संशोधन कानून  
Amit Shah on CAA : अमित शाह ने कहा-सरकार छात्रों के खिलाफ नहीं। 

मुख्य बातें

  • नागरिकता संशोधन कानून पर अमित शाह बोले-किसी भी हाल में वापस नहीं होगा यह एक्ट
  • सीएए पर कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां कर रही हैं दुष्प्रचार, इससे देश के मुसलमानों को नुकसान नहीं
  • गृह मंत्री ने पूछा जामिया विश्वविद्यालय में पत्थर कहां से आए, छात्रों पर नहीं दंगाइयों पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन कानून पर देश भर में जारी विरोध-प्रदर्शन और विपक्ष के सवालों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार किसी भी हाल में नागरिकता संशोधन कानून को वापस नहीं लेगी। टाइम्स नाउ की मैनेजिंग एडिटर नविका कुमार के साथ खास बातचीत में अमित शाह ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर विपक्ष दुष्प्रचार और लोगों को गुमराह कर रहा है। गृह मंत्री ने कांग्रेस और विपक्ष से सवाल किया कि क्या ये पार्टियां पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले सभी मुस्लिम लोगों को नागरिकता देने का बयान दे सकती हैं?   

जामिया मिलिया मुस्लिम विश्वविद्यालय में पुलिस के दाखिल होने और छात्रों पर कार्रवाई के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस छात्रों पर नहीं बल्कि दंगा करने वाले लोगों पर कार्रवाई करेगी। सार्वजनिक और जनता की संपत्ति को नुकसान से बचाने की जिम्मेदारी पुलिस की है।  जांच में पता चल रहा है कि विश्वविद्यालय में बहुत सारे लोग ऐसे भी थे जो बाहर से आए थे। 

नागरिकता संशोधन विधेयक पर अलग-अलग विश्वविद्यालयों में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर अमित शाह ने कहा कि देश में जो भी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं वे कांग्रेस के इशारे पर हो रहे हैं। कोई ये बताए कि नागरिकता संशोधन कानून से देश के मुसलमानों को क्या नुकसान हो रहा है? सभी छात्रों को नागरिकता संशोधन कानून का अध्ययन करना चाहिए। हमारी सरकार छात्रों के साथ बातचीत के खिलाफ नहीं है।

नागरिकता संशोधन विधेयक पर भ्रांति बना रहा विपक्ष
अमित शाह ने कहा-'विरोधी पार्टियों के दुष्प्रचार के कारण लोगों में भ्रांति बन रही है। नागरिकता संसोधन विधेयक में कहीं पर भी किसी की नागरिकता वापस लेने का प्रावधान नहीं है। इसके तहत नागरिकता पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए छह अल्पसंख्यक समुदायों को मिलेगी। ये लोग धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर भारत आए हैं और भारत में शरण लिए हुए हैं। इनके पास कोई दस्तावेज नहीं है। सालों से ये कष्टपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे हैं। भारत और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू और लियाकत अली के बीच समझौता हुआ था। इसमें अल्पसंख्यकों की देखभाल और उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करने की बात कही गई थी लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा नहीं हुई।

'कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी'
गृह मंत्री ने कहा-'देश भर में 250 से ज्यादा विश्वविद्यालय हैं और इनमें से 22 विश्वविद्यालयों ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया है। बाकी सब जगहों पर प्रतीकात्मक विरोध हुए हैं। लोग पथराव करेंगे, बसों में आग लगाएंगे और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाएंगे तो पुलिस कार्रवाई करेगी। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस को सक्रिय होना पड़ता है। विश्वविद्यालय में सभी छात्र थे तो अंदर से पथराव कौन कर रहा था। इस प्रदर्शन का मुख्य कारण कांग्रेस, टीएमसी, लेफ्ट और आप पार्टी का दुष्प्रचार है।'

'विरोध करने वाली पार्टियों को मेरी चुनौती है'
गृह मंत्री ने कहा-'मेरा सभी विरोध करने वाली पार्टियों को चुनौती है। देश की जनता के सामने ये पार्टियां बयान दें कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले सभी मुस्लिम लोगों को भारत की नागरिकता दे देनी चाहिए। यह बयान देने का विपक्षी पार्टियां साहस दिखाएं और यह नहीं कह सकते तो इसका विरोध न करें। हम क्या कर रहे हैं। एनआरसी क्या है? एनआरसी इस देश के नागरिकों का रजिस्टर बनाना है। इस देश में कोई भी रह सकता है क्या? कौन से देश के नागरिकों का रजिस्टर नहीं है? आधार से नागरिकता तय नहीं होती है। एनआरसी से किसी को क्या डर होना चाहिए। इस देश के किसी भी मुस्लिम नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा। एक प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है कि आप इतना बवाल कर रहे हो।'

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