शर्मनाक! भूख की मार से बिलबिलाए बच्चे को खानी पड़ी मिट्टी, दुखी मां बोली-'अब नहीं पाल सकती'

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Updated Dec 03, 2019 | 16:37 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Kerala child eat soil:केरल से गरीबी और भुखमरी का ऐसा मामला सामने आए है जिससे मानवता शर्मसार हो जाए,यहां एक गरीब महिला ने सरकार से गुहार लगाई कि कि वो उसके बच्चों को अपनी शरण में ले लें

शर्मनाक! भूख की मार से बिलबिलाए बच्चे को खानी पड़ी मिट्टी, दुखी मां बोली-'अब नहीं पाल सकती'
गरीबी के चलते हालात इतने बिगड़े कि उसके छह बच्चों को पेट भरने के भी लाले पड़ गए (प्रतीकात्मक फोटो) 

मुख्य बातें

  • केरल से गरीबी के चलते भुखमरी का मामला सामने आया है
  • एक मां अपने छह बच्चों का पेट भरने में असमर्थ हो गई
  • एक बच्चे को भूख की वजह से मिट्टी तक खानी पड़ी
  • दुखी मां ने सरकार से कहा कि- मैं अब इन बच्चों को नहीं पाल सकती हूं

नई दिल्ली: गरीबी बहुत बड़ा अभिशाप है और जो इसकी मार झेलता है वही इसका दर्द जानता है, गरीबी के चलते भुखमरी का एक ऐसा ही मामला सामने आया है केरल से जहां एक मां अपने बच्चों का पेट भरने में इतनी ज्यादा असमर्थ हो गई कि उसने सरकार से कहा कि वो अब अपने बच्चों को नहीं पाल सकती। 

गरीबी के चलते हालात इतने बिगड़े कि उसके छह बच्चों को पेट भरने के भी लाले पड़ गए तो उसके बच्चे को मिट्टी और कीचड़ तक खानी पड़ी, ये किसी भी समाज के लिए बेहद ही शर्म की बात है।

मामला केरल के तिरुवनंतपुरम का है जहां के उपलामोदु पुल पर एक अस्थायी तंबू में ये महिला अपने छह बच्चों के साथ रह रही थी, ये जगह सचिवालय से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर है।

एक बच्चे को तो भूख की वजह खानी पड़ी मिट्टी
बताया जा रहा है कि उसका पति शराबी है और वह अपने बच्चों को खाना नहीं खिला पा रही है। इस पत्र में उसने यह भी बताया था कि एक बच्चे ने तो भूख की वजह से मिट्टी भी खा लिया। महिला की गुहार ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है।

यहां एक महिला ने भूख की वजह से अपने बच्चे को मिट्टी खाते देख राज्य सरकार से अपील की थी कि वह बच्चों को अपनी शरण में ले लें। श्रीदेवी की यह दयनीय कहानी को सुनकर कई लोग मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। महिला की यह गुहार तब लोगों के सामने आई, जब बाल कल्याण समिति ने चार बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया। इन बच्चों में दो लड़के हैं जो सात साल और पांच साल के हैं। वहीं दो लड़कियां हैं जो चार साल और दो साल की हैं।

इसके बाद महिला सहित उसके दो छोटे बच्चों को, जो कुछ ही महीने के हैं, उन्हें राज्य द्वारा संचालित आश्रय गृह में भेज दिया गया है।तिरुवनंतपुरम के महापौर के श्रीकुमार ने महिला को निगम के एक कार्यालय में नौकरी भी दी है। निकाय यह सुनिश्चित करेगा कि महिला के बच्चों को शिक्षा से वंचित न होना पड़े। महिला को एक फ्लैट भी मुहैया कराया जाएगा।

 

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