लॉकडाउन: सोशल मीडिया के जरिए तिगुने दामों पर बेच रहा था शराब, पुलिस ने जाल बिछाकर किया अरेस्ट

कोरोना संक्रमण के चलते पूरे देश में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में शराब के शौकीनों को शराब नहीं मिल पा रही है और लोग इस दौर में शराब की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं।

A Bengaluru Man arrested who selling alcohol online during the coronavirus lockdown
सोशल मीडिया के जरिए मंहगे रेट पर बेच रहा था शराब, हुआ अरेस्ट  |  तस्वीर साभार: Getty Images

मुख्य बातें

  • बेंगलुरु में एक व्यक्ति को कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान शराब बेचने के आरोप में किया गया गिरफ्तार
  • आरोपी किरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीगुने दामों पर बेच रहा था शराब
  • बेंगलुरु के आबकारी विभाग द्वारा की गई, ऑनलाइन ही पेमेंट स्वीकार करता था आरोपी

बेंगलुरु: कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन के दौरान भी कुछ लोग ऐसे हैं जो ब्लैक मार्केंटिंग में लगे हैं और ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के बेंगलुरु से आया है। यहां के विजयनगर में रहने वाले एक शख्स ने लॉकडाउन के दौरान फायदा उठाने के लिए ऊंची कीमतों पर सोशल मीडिया के माध्यम से शराब बेचना शुरू कर दिया। 

घर तक पहुंचाता था शराब

यह शख्स सरकार द्वारा निर्धारित दामों की अनदेखी करते हुए एमआरपी से तीगुने दामों पर इंस्टाग्राम के जरिए शराब बेच रहा था। किरण नाम के इस शख्स को पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तार कर लिा है। मामला तब सामने आया है जब पुलिस को आरोपी के वाहन पर शक हुआ। कथित तौर पर, आरोपी अपने ग्राहकों को शराब पहुंचाने का काम भी करता था। इस दौरान पुलिस ने उसे रोका और पूछताछ शुरू की तो सच्चाई सामने आई।

आरोपी ने शराब कैसे खरीदी
एक जांच में पता चला कि आरोपी ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की मदद से डिफेंस कैंटीन से शराब खरीदी। वह लॉकडाउन के दौरान पैसे कमाने के लिए शराब का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ऊंचे दामों पर शराब बेचता था और पेमेंट भी ऑनलाइन ही लेता था।

इस तरह देता था डिलीवरी
 टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आरोपी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर अपने ग्राहकों से संपर्क कर रहा था। आरोपी कथित तौर पर शराब सीधे अपने ग्राहकों तक नहीं पहुंचाता था। वह गूगल पे और फोनपे पर पेमेंट लेता था। पेमेंट मिलने के बाद आरोपी अपने ग्राहकों को शराब देने के लिए एक जगह पर बुलाता था।  बताई गई जगह पर आरोपी किरण ग्राहक से पहले पहुंच जाता था और शराब को छिपा देता था। जैसे वह देखता था कि ग्राहक आ गया है वह दूर हो जाता था। वह पहले अच्छी तरह जान लेता था कि कहीं ये कोई पुलिस रेड तो नहीं है। आश्वस्त होने के बाद वह ग्राहक को शराब देता था।

आबकारी विभाग द्वारा बिछाया गया जाल
जब आबकारी विभाग को आरोपी के बारे में पता चला, तो उन्होंने जाल बिछाकर उसे फंसाने का फैसला किया। आबकारी अधिकारियों ने किरण से संपर्क किया, उससे शराब पहुंचाने के लिए कहा। जब आरोपी इस सौदे के लिए सहमत हो गया तो आबकारी डिप्टी कमिश्नर (पश्चिम क्षेत्र) बीआर हिरेमथ और इंस्पेक्टर वानाजाक्षी के नेतृत्व में एक टीम उस स्थान पर पहुंची, जहां किरण शराब के साथ पहुंचा था। इसके बाद उसे अरेस्ट कर लिया गया।

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