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Explained: क्यों दी जा रही है पानी को चबाकर पीने की सलाह, कैसे एक आदत सेहत बदल सकती है

Pani Chabakar Pine Ke fayde: क्या पानी को चबाकर पीने से सच में सेहत को कोई फायदा होता है या यह सिर्फ सुनी-सुनाई बात है? रोजमर्रा की भागदौड़ में हम पानी पीना तो नहीं भूलते, लेकिन सही तरीके से पीना शायद ही जानते हों। आज हम आपको बताएंगे पानी चबाकर पीने के क्या फायदे माने जाते हैं, किन बातों का ध्यान रखें और एक्सपर्ट इस पर क्या कहते हैं। तो चलिए जानते हैं...

पानी चबाकर पीना क्या होता है

पानी पीने की सबसे अच्छी आदतें

Pani Chabakar Pine Ke fayde: हम सभी पानी पीते हैं, लेकिन शायद ही कभी यह सोचते हैं कि पानी पीने का तरीका भी हमारी सेहत पर असर डाल सकता है। बड़े-बड़े घूंट लेकर पानी को एक ही बार में गटक लेना लगभग हर किसी की आदत है। लेकिन हाल के दिनों में एक नया तरीका चर्चा में है - पानी को धीरे-धीरे, छोटे घूंटों में, मानो चबाकर पीना। यह सुनने में अजीब लगता है, पर हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि इस तरीके से शरीर पानी को बेहतर ढंग से अपनाता है, पेट हल्का रहता है और पाचन को आराम मिलता है।

अब ऐसे में लोगों के मन में इसको लेकर कई सवाल हैं - क्या वास्तव में यह तरीका फायदेमंद है, क्या यह कोई नई खोज है या सिर्फ एक ट्रेंड, क्या यह सब वैज्ञानिक नजरिए से सही भी है? चलिए इसे एक्सपर्ट की मदद से उन्हीं सवालों के जरिए समझते हैं, जो हम सभी के मन में सबसे पहले आते हैं और जानने की कोशिश करते हैं कि क्या पानी पीने का यह नया तरीका हमारे लिए सच में अच्छा है।

आखिर यह पानी चबाकर पीना क्या होता है?

आशा आयुर्वेद की डायरेक्टर, आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. चंचल शर्मा कहना है कि पानी चबाने का मतलब यह नहीं कि पानी को दांतों से चबाया जाए। बल्कि इसका असल में मतलत है पानी को बहुत छोटे-छोटे घूंट में लेना, कुछ क्षण मुंह में रोकना, लार के साथ घुलने देना और फिर धीरे से निगलना। इससे शरीर को पानी संभालने का समय मिलता है।

यह तरीका चर्चा में क्यों आया?

आपने अक्सर देखा होगा कि तेजी से पानी गटकने से कई लोगों को पेट फूलने, भारीपन, गले में झटका लगने या पानी पीते ही बार-बार शौचालय जाने जैसी दिक्कतें होती हैं। इसलिए लोगों ने धीरे-धीरे और ध्यान देकर पानी पीने की ओर ध्यान देना शुरू किया है।

क्या धीरे-धीरे पानी पीने से पाचन को फायदा होता है?

डॉ. चंचल का कहना है कि जब पानी अचानक पेट में गिरता है तो कभी-कभी पेट की स्वाभाविक लय बिगड़ जाती है। लेकिन धीरे-धीरे पानी पीने से यह दबाव कम होता है और पेट को पानी को संभालने में सुविधा मिलती है। हालांकि इसे पाचन ठीक करने का पक्का उपाय नहीं कहा जा सकता, लेकिन हल्का आराम जरूर मिलता है।

लार और पानी का रिश्ता क्या है?

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि लार में जो तत्व होते हैं, वे खाने को तोड़ने में मदद करते हैं और पानी पर उनका सीधा असर नहीं होता। लेकिन जब पानी कुछ क्षण मुंह में रुकता है तो शरीर में पाचन प्रक्रिया से जुड़ी कुछ संकेत-प्रणालियां एक्टिव हो जाती हैं। इसलिए इसे पूरी तरह मिथक भी नहीं कहा जा सकता है।

जल्दी पानी गटकने की दिक्कत
जल्दी पानी गटकने की दिक्कत

जल्दी-जल्दी पानी गटकने से क्या दिक्कतें हो सकती हैं?

बहुत से लोग बिना सोचे बस पानी को सीधा गटक लेते हैं। यह आदत देखने में सामान्य लगती है, पर वैज्ञानिक दृष्टि से आपकी कुछ परेशानियां बढ़ा सकती है। सबसे आम दिक्कतें आमतौर पर ये ज्यादा देखी गई हैं-

  • पेट अचानक भारी महसूस होना
  • पानी पीते ही बार-बार पेशाब लगना
  • गले में असहजता या ठंड लगना
  • पेट में हवा भरना और फूलना
  • पाचन की स्वाभाविक लय प्रभावित होना

वजन या पेट फूलने में कैसे फायदेमंद
वजन या पेट फूलने में कैसे फायदेमंद

क्या यह तरीका वजन या पेट फूलने में राहत दे सकता है?

बहुत से लोगों को चबाकर पानी पीने की आदत फॉलो करने के बाद काफी हल्का और पतला महसूस होता है। ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि इससे वजन भी कम होता है। लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो इसका वजन पर कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, यह तरीका पेट फूलने की समस्या या भारीपन में राहत दे सकता है, क्योंकि धीमे घूंट लेने से हवा कम जाती है। यही वजह है कि लोगों को हल्का और पेट पिचका महसूस होता है। पानी चबाकर पीने के जो फायदे देखे गए हैं उनमें शामिल हैं,

  • पेट में हल्कापन
  • खाने के साथ पानी पीने पर भारीपन कम
  • गैस बनने की संभावना थोड़ी कम
  • पाचन में थोड़ी सहजता

किन लोगों को सावधान रहना चाहिए?

डॉ. चंचल की मानें तो अधिकतर लोगों के लिए यह तरीका बिल्कुल सुरक्षित है। लेकिन जिन लोगों को गले में अक्सर संक्रमण होता है, या खाने की नली से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें अचानक पानी पीने का तरीका बदलने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बहुत ठंडे पानी को मुंह में देर तक रखने से भी असहजता हो सकती है।

कैसे अपनाएं ये तरीका
कैसे अपनाएं ये तरीका

रोजमर्रा में इस आदत को कैसे अपनाएं?

अगर आप इस तरीके को आजमाना चाहते हैं तो इसे धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इसमें कुछ आसान तरीके आपकी मदद कर सकते हैं,

  • पानी हमेशा छोटे घूंट में लें
  • घूंट को 2–3 क्षण मुंह में रोकें
  • बोतल की बजाय गिलास से पानी पिएं
  • चलते-फिरते पानी न पिएं
  • खाने के तुरंत बाद बहुत ठंडा पानी न लें

क्या यह कोई जादुई उपाय है?

नहीं, डॉक्टर मानते हैं कि यह कोई चमत्कारी उपाय नहीं है। यह बस पानी पीने का एक शांत और संतुलित तरीका है जो शरीर पर हल्का, सकारात्मक असर डाल सकता है। अगर किसी को लगातार गैस, एसिडिटी या पेट संबंधी दिक्कतें हैं, तो उनके सिर्फ पानी पीने का तरीका बदलना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समय पर भोजन, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

पानी पीने की सबसे अच्छी आदतें
पानी पीने की सबसे अच्छी आदतें

पानी पीने की सबसे अच्छी आदतें कौन-सी हैं?

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है। बल्कि इसके लिए आपको कुछ सही आदतें अपना जरूरी है। ऐसे में एक्सपर्ट्स इन आदतों को सबसे बेहतर मानते हैं,

  • दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीना
  • बहुत ठंडा पानी न पीना
  • छोटे घूंट लेना
  • भोजन के दौरान जरूरत के अनुसार हल्का-हल्का सिप लेना
  • प्यास के संकेत समझकर पानी पीना

आखिर में बात सिर्फ इतनी है कि पानी पीने का तरीका छोटा-सा बदलाव है, पर शरीर पर इसका प्रभाव बड़ा हो सकता है। धीरे-धीरे पानी पीना शरीर को सहज महसूस कराता है और पेट पर अनावश्यक दबाव नहीं डालता। यह कोई चमत्कार नहीं, पर एक अच्छी, सरल और अपनाने योग्य आदत जरूर है। अगर आप इस तरीके आजमाएंगे, तो कुछ दिनों में ही खुद महसूस करेंगे कि यह छोटा बदलाव आपके दिन को कितना हल्का और सुकून भरा बना सकता है।

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Vineet
Vineet Author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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