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खाना खाने के बाद भी क्यों लगती है भूख, बार-बार भूख लगना किस बीमारी का लक्षण है, डॉक्टर ने बताई साइलेंट कंडीशन

Frequent Hunger Even After Eating Causes: अगर खाना खाने के बाद भी भूख शांत नहीं होती, पेट फूलता है और भारीपन बना रहता है, तो इसे सिर्फ गैस की समस्या समझने की गलती न करें। बता दें कि शरीर में गंभीर स्थिति की शुरुआती संकेत हो सकता है। खाने के बाद भी भूख बार-बार क्यों लगती है, क्यों बढ़ती है ओवरईटिंग और कैसे इसे कंट्रोल किया जा सकता है, चलिए डॉक्टर्स से जानते हैं..

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भर पेट खाने के बाद भी क्यों थोड़ी देर बाद लगती है भूख
Authored by: VineetExpert view: Dr. Shrey Srivastav
Updated Feb 16, 2026, 18:08 IST

Frequent Hunger Even After Eating Causes: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि खाना खाने के एक-दो घंटे बाद फिर से भूख लगने लगती है? पेट भरा होने के बावजूद कुछ न कुछ खाने का मन करता है, और ऊपर से पेट फूलना व भारीपन भी बना रहता है। हममें से ज्यादातर लोग इसे पाचन की समस्या या ज्यादा खाने की आदत मान लेते हैं। लेकिन अगर यह रोज का पैटर्न बन जाए, तो यह शरीर के अंदर चल रही इंसुलिन गड़बड़ी या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, इंसुलिन रेजिस्टेंस की शुरुआत अक्सर ऐसे ही छोटे-छोटे संकेतों से होती है। यह समस्या क्या है, कैसे आपकी भूख और सेहत को प्रभावित करती है, इस विषय पर जानने के लिए हमने बात की सीनियर कंसल्टेंट फिजीशियन और डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी और सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से। आज के लेख में पढ़िए इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी...

अभी खाना खाया फिर थोड़ी देर बाद क्यों लगती है

हम जो खाना खाते हैं, उससे बनने वाला ग्लूकोज शरीर को ऊर्जा देता है। इंसुलिन का काम है इस ग्लूकोज को खून से कोशिकाओं तक पहुंचाना। लेकिन जब शरीर इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहता, तो ग्लूकोज कोशिकाओं तक सही से नहीं पहुंच पाता।

डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी बताते हैं कि ऐसी स्थिति में शरीर के सेल्स को ऊर्जा की कमी महसूस होती है, जबकि खून में शुगर मौजूद रहती है। दिमाग इसे भूख के रूप में समझता है और बार-बार खाने का सिग्नल देता है। यही कारण है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस में बार-बार भूख लगना आम लक्षण है।

भूख और तृप्ति के हार्मोन का असंतुलन

इंसुलिन का असर सिर्फ शुगर पर नहीं, बल्कि भूख से जुड़े हार्मोन पर भी पड़ता है। जब इंसुलिन लंबे समय तक ज्यादा बना रहता है, तो हार्मोनल बैलेंस बिगड़ने लगता है। ऐसे में शरीर में ये बदलाव देखने को मिल सकते हैं -

  • घ्रेलिन हार्मोन, जो भूख बढ़ाता है, खाने के बाद भी ठीक से कम नहीं होता।
  • लेप्टिन हार्मोन, जो पेट भरने का संकेत देता है, सही से काम नहीं करता।
जब इन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है तो व्यक्ति को पर्याप्त भोजन के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलती।

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार, इस असंतुलन के कारण लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। ज्यादा खाना और बार-बार स्नैकिंग पेट में गैस, ब्लोटिंग और भारीपन को बढ़ा सकती है।

भूख को प्रभावित करने वाले हार्मोन

भूख को प्रभावित करने वाले हार्मोन

तृप्ति देने वाले अन्य हार्मोन भी होते हैं प्रभावित

डॉक्टर्स बताते हैं कि शरीर में जीएलपी-1 और सीसीके जैसे हार्मोन भी होते हैं, जो खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराते हैं। लेकिन इंसुलिन लेवल गड़बड़ होने पर इनकी क्रिया भी कमजोर पड़ सकती है। इस स्थिति में अक्सर ये समस्याएं दिखती हैं -

  • खाना जल्दी हजम हो गया ऐसा महसूस होना
  • मीठा या कार्बोहाइड्रेट की ज्यादा क्रेविंग
  • थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाने की आदत

धीरे-धीरे यह पैटर्न वजन बढ़ाने और पेट में लगातार भारीपन का कारण बन सकता है।

बढ़ता वजन और प्रीडायबिटीज का खतरा

एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर इंसुलिन रेजिस्टेंस को समय पर नहीं पहचाना गया, तो यह आगे चलकर प्रीडायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज में बदल सकता है। डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी कहते हैं कि शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं जैसे -

  • थकान
  • खाने के बाद नींद आना
  • बार-बार भूख लगना और पेट फूलना।

लेकिन यही संकेत भविष्य में बड़ी बीमारी का आधार बन सकते हैं। इसलिए इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

भूख कंट्रोल रखने के सीक्रेट टिप्स

भूख कंट्रोल रखने के सीक्रेट टिप्स

कैसे भूख और इंसुलिन रेजिस्टेंस होगा कंट्रोल

अच्छी बात यह है कि सही लाइफस्टाइल से इंसुलिन रेजिस्टेंस को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

  • संतुलित आहार लें, जिसमें प्रोटीन और फाइबर पर्याप्त हो।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि करें, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
  • वजन नियंत्रित रखें और मीठे-प्रोसेस्ड फूड कम करें।

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव का मानना है कि जब इंसुलिन का स्तर संतुलित होता है, तो भूख और तृप्ति के हार्मोन भी सामान्य होने लगते हैं। इससे बार-बार भूख, पेट फूलना और भारीपन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी के अनुसार, लगातार भूख लगना और पेट में भारीपन इंसुलिन रेजिस्टेंस का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसे समय रहते पहचानना जरूरी है। वहीं डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम और वजन प्रबंधन से इस स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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