What is lung cancer? क्या होता है लंग (फेफड़े) कैंसर? कितने स्टेज है इसके, और जानिए इसके कारण

What is Lung Cancer: अभिनेता संजय दत्त को फेफड़ों का कैंसर हुआ है। उनका ये कैंसर तीसरे स्टेज पर है। यहां जानें लंग कैंसर के बारे में, इसके चरणों के बारे में और ये कैसे होता है।

Lung Cancer
फेफड़ों के कैंसर के बारे में जानें 

मुख्य बातें

  • लंग कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो फेफड़ों में होता है
  • सिगरेट-बीड़ी धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर के लिए प्रमुखतम जोखिम कारक है
  • स्टेज 3 में कैंसर छाती की दीवारों, फेफड़ों की मांसपेशियां, दिल के आसपास की त्वचा तक फैल गया हो सकता है

What is Lung Cancer, types, stages, causes: बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त को लंग कैंसर होने की जानकारी मिली है। बताया जाता है कि उनको यह बीमारी तीसरी स्टेज पर है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में घातक या खतरनाक कोशिकाओं के बढ़ने पर होता है। ये कोशिकाएं मस्तिष्क, फेफड़े, अग्न्याशय और लगभग कहीं भी बन सकती हैं। कैंसर के पांच चरण होते हैं: स्टेज 0, स्टेज 1, स्टेज 2, स्टेज 3, और स्टेज 4।

फेफड़ों का कैंसर क्या है?

हेल्थ डॉट कॉम के अनुसार, लंग कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें फेफड़े के ऊतक में घातक कोशिकाएं बनती हैं। जैसे ही इन कोशिकाओं का अधिक उत्पादन होता है, वे एक ट्यूमर के रूप में बन सकते हैं और आसपास के शरीर के ऊतक, लिम्फ नोड्स और रक्तप्रवाह में फैल सकते हैं। फेफड़ों के कैंसर के दो मुख्य प्रकार हैं: नॉन स्मॉल सैल और स्मॉल सैल लंग कैंसर। 

लंग कैंसर की चार स्टेज होती हैं। यहां हम बात करेंगे स्टेज 3 की। इस स्टेज में हो सकता है कि पूरे फेफड़े खराब हो जाएं। कैंसर छाती की दीवारों, फेफड़ों की मांसपेशियां, दिल के आसपास की त्वचा तक फैल गया हो। छाती की विपरित दिशा में लिम्फ नोड्स का फैलाव हो गया है। नॉन स्मॉल सैल लंग कैंसर के 4 लेवल होते हैं। स्टेज 3 दो भागों में विभाजित होता है। 

स्टेज 3A नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर

इसमें कैंसर शरीर में दूर के स्थानों तक नहीं फैलता है, लेकिन यह पास के लिम्फ नोड्स में फैल सकता है। कुछ मामलों में कीमोथेरेपी और रेडिएशन से पहले सर्जरी की जा सकती है। अन्य मामलों में पहले कीमो और रेडिएशन से इलाज शुरू होता है और सर्जरी बाद में हो सकती है। इस स्टेज के लोगों के लिए पांच साल तक जीवित रहने की दर लगभग 14% है।

स्टेज 3B नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर

 इसमें कैंसर छाती के अन्य भागों में बढ़ गया है या गर्दन या विपरीत फेफड़े में पास के लिम्फ नोड्स में फैल गया है। ये कैंसर पूरी तरह से सर्जरी द्वारा नहीं हटाया जा सकता है; जो लोग इसे सहन कर सकते हैं वे कीमो और रेडिएशन थेरेपी की कोशिश कर सकते हैं। ACS के अनुसार, इस स्टेज के साथ पांच साल की जीवित रहने की दर लगभग 5% है।

वहीं स्मॉल सैल लंग कैंसर के 2 चरण होते हैं- सीमित और व्यापक। सीमित में ट्यूमर एक फेफड़े में और उसके आसपास लिम्फ नोड्स में मौजूद होता है। वहीं व्यापक स्तर में ट्यूमर शरीर के दूसरे अंगों में भी फैल जाता है।  

स्मोकिंग इसका सबसे बड़ा कारण है

इस कैंसर को ठीक किया जा सकता है। ये इस पर निर्भर करता है कि इंसान को कैंसर है, ये किस स्टेज पर जाकर पता लगा है और उसके बाद उसे सही ट्रीटमेंट मिले। इस कैंसर से बचने के लिए सबसे पहली चीज जो आप कर सकते हैं वह है तंबाकू उत्पादों से बचना। सिगरेट पीना फेफड़ों के कैंसर के 90% मामलों में जिम्मेदार है। उन लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है जो अधिक धूम्रपान करते हैं या जिन्होंने कम उम्र में धूम्रपान शुरू किया था। यहां तक कि अगर आप वर्तमान में धूम्रपान करते हैं और अब छोड़ते हैं तो भविष्य में फेफड़ों के कैंसर के विकास की संभावना कम हो जाएगी। हालांकि ये कैंसर उन लोगों को भी हो सकता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। यदि आप स्मोकिंग नहीं करते हैं और सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आते हैं तो इससे भी लंग कैंसर हो सकता है। अगर परिवार में किसी को पहले हुआ है तो ये आपको हो सकता है।

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