Coronavirus:'हवा से कोरोना वायरस' फैलने को लेकर डरें नहीं, एक्सपर्ट डॉक्टर की सुनिए कैसे रखें खुद का ध्यान

हेल्थ
रवि वैश्य
Updated Apr 18, 2021 | 09:03 IST

लैंसेट जर्नल की नई स्टडी के मुताबिक कोरोना वायरस हवा में भी फैलता है वैज्ञानिकों ने इस स्टडी में दावा किया है कि ज्यादातर ट्रांसमिशन हवा के रास्ते से हो रहा है।

corona virus study
मास्क की क्वॉलिटी और फिटिंग पर खास ध्यान दें संक्रमित व्यक्ति के साथ रहते हैं तो हाई क्वालिटी के पीपीई किट पहनें 

मुख्य बातें

  • लैंसेट जर्नल ने अपनी स्टडी में बताया है कि हवा में कोरोना वायरस फैल रहा है
  • विशेषज्ञों की टीम ने वायरस के हवा से फैलने को लेकर कई सबूत पेश किए हैं
  • कपड़ों के मास्क पहनना बंद कर दीजिए और कपड़े की जगह  N95 या KN95 पहनें

कोरोना वायरस की दूसरी लहर पूरे दुनियाभर में अपना कहर बरपा रही है वहीं इसके बचने के उपायों पर भी खासा काम हो रहा है तमाम रिसर्च हो रही हैं, हाल ही में मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' (The Lancet) ने अपनी स्टडी में बताया है कि हवा के जरिए भी कोरोना वायरस (Airborne या Aerosol) फैल रहा है। इस स्टडी ने लोगों के बीच एक भय का माहौल बना दिया है लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं बल्कि सावधान रहने की है।

पिछले साल कोरोना की लहर के दौरान भी कई देशों के वैज्ञानिकों ने ऐसा दावा किया था हालांकि WHO ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में इसे मान्यता नहीं दी थी लेकिन इस बार लैंसेट की स्टडी में वैज्ञानिकों ने दस कारण गिनाते हुए हवा के जरिये कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की बात कही है।

वहीं एक्सर्ट का कहना है कि दुनिया में कोरोना महामारी से बचाव के लिए जो तरीका अपनाया जा रहा है, उसमें बदलाव की जरूरत है।

विशेषज्ञों की टीम ने वायरस के हवा से फैलने को लेकर कई सबूत पेश किए हैं, उनके मुताबिक वायरस का ट्रांसमिशन आउटडोर  की तुलना में इंडोर में ज्यादा होता है और इंडोर में अगर वेंटिलेशन हो तो इसकी संभावना काफी कम हो जाती है।

आकलन के मुताबिक दुनिया भर में कोविड संक्रमण फैलने में सबसे बड़ी भूमिका साइलेंट ट्रांसमिशन की है और यह मुख्य रूप से एयरबोर्न ट्रांसमिशन के संकेत देता है।

वहीं अब इस पूरे मामले पर मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉ. फहीम यूनुस ने कहा है कि हवा से कोरोना वायरस फैलने को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। डॉ. फहीम ने कहा, 'ये हमें पता है कि कोरोना बूंदों से लेकर हवा तक फैलता है। हवा से कोरोना वायरस फैलने का ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि हवा ही संक्रमित है बल्कि इसका अर्थ ये है कि हवा में वायरस काफी वक्त तक बना रह सकता है।'

घरों और इमारतों के अंदर भी इससे खतरा है इसलिए आप लोगों को अपना बचाव करने के लिए हमेशा मास्क पहनने की जरूरत है, उन्होंने सलाह दी है कि कपड़ों के मास्क पहनना बंद कर इसकी जगह आपको अब N95 या KN95 पहनना चाहिए। 

इंडोर में लोगों के साथ रहते हुए भी मास्क का इस्तेमाल करें साथ मास्क की क्वॉलिटी और फिटिंग पर खास ध्यान दें संक्रमित व्यक्ति के साथ रहते हैं तो हाई क्वालिटी के पीपीई किट पहनें। डॉ. फहीम ने बताया कि सबसे पहले इन्फेक्शन होने पर खुद को 14 दिन के लिए अलग कर लें, इस दौरान अलग कमरे में रहे हैं, अलग बाथरूम का इस्तेमाल करें और अपने बर्तन भी अलग कर लें। 

अगर एक ही कमरा हो तो मोटे पर्दे या स्क्रीन से बीच में दीवार खड़ी करें और उसके पीछे रहे हैं, अगर बाथरूम एक ही हो तो जाने से पहले फेसमास्क पहनें और इस्तेमाल के बाद पूरा सर्फेस साफ करें। 

उन्होंने दावा किया है कि घर पर ही सही तरीके से रहने से 80-90% लोग ठीक हो सकते हैं। हो सके तो हर रोज तापमान, सांस की गति, पल्स और बीपी नापें, 60-65 की उम्र में हाई बीपी, मोटाबे, मधुमेह झेल रहे लोगों को कोरोना का खतरा ज्यादा होता है।


 

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