Benefits of drumstick: सिर से लेकर पांव तक के रोगों की दवा है सहजन, जानें इसे खाने के आश्चर्यजनक फायदे

Health benefits of drumstick : आयुर्वेद में सहजन को अमृत माना गया है। इसकी पत्तियां, फल और छाल सिर से लेकर पांव तक की बीमारियों में काम आते हैं। ये ऐसी सब्जी है जिसे हर किसी को जरूर खाना चाहिए।

सहजन कई बीमारियों की दवा है
Benefits of drumstick, सहजन के स्वास्थ्य भरे फायदे 

मुख्य बातें

  • सहजन की पत्तियां, छाल और फलियां औषधिय गुणों से भरी हैं
  • पेट की हर दिक्कत में इसकी पत्तियां और फलियां काम आती हैं
  • मोच, साइटिका, गठिया में इसकी पत्तियों और छाल का काढ़ा पीएं

आयुर्वेद में सहजन को अमृत इस कारण माना गया है, क्योंकि ये तीन सौ से ज्यादा बीमारियों की दवा है। खास बात ये है कि इसकी सब्जी भी बेहद स्वादिष्ट होती है और रोगों के इलाज में भी ये बहुत काम आता है। दक्षिण भारतीय घरों में सहजन का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है। इसकी नर्म पत्तियां और फल दोनों ही सब्जी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं। सहजन की फली, हरी पत्तियों व सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कांप्लेक्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

जानें, किन बीमारियों में सहजन का प्रयोग होता है फायदेमंद

  1. पेटदर्द या पेट से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या जैसे गैस, अपच और कब्ज आदि में सहजन के फूलों का रस पीएं या इसकी सब्जी अधिक से अधिक बना कर खाएं। ये पेट की हर समस्या को दूर करता है।
  2. आंखों की रोशनी कम हो रही है हो तो सहजन की फली, इसकी पत्तियां और फूल का प्रयोग अधिक से अधिक करना चाहिए।
  3. साइटिका, गठिया आदि में सहजन का प्रयोग करना बहुत ही फायदेमंद होता है। इसकी छाल और पत्तियों का काढ़ा पीना शुरू कर दें। साथ ही इसकी सब्जी भी खाएं। लीवर को स्वस्थ रखने में भी ये बहुत कारगर होता है।
  4. यदि मोच आ गई हो तो सहजन की पत्तियों को पीस कर उसे सरसों के तेल में पकाएं और उसे मोच वाली जगह पर बांध दें। इससे मोच का दर्द भी दूर होगा और सूजन भी कम होगी।
  5. कान में होने वाले दर्द को दूर करने में भी सहजन बहुत काम आता है। इसके लिए इसकी ताजी पत्तियों को तोड़ कर उसका रस कान में कुछ बूंद डाल दें।
  6. जिन लोगों को किडनी में पथरी की समस्या हो उन्हें सहजन की सब्जी और सहजन का सूप जरूर पीना चाहिए। इससे पथरी बाहर निकल जाती है। इसकी जड़ की छाल का काढा सेंधा नमक और हिंग मिला कर पीएं इससे भी पथरी बाहर निकल जाती है।
  7. छोटे बच्चों के पेट में यदि कीड़े हों तो उन्हें सहजन के पत्तों का रस देना चाहिए। साथ ही दस्त होने पर भी इस रस को पिलाएं। दांतों में कीड़े हो तो इसकी छाल का काढ़ा पीना चाहिए।
  8. सहजन ब्लडप्रेशर को सामान्य करता है। ये दिल की बीमारी में भी बहुत फायदेमंद होता है। कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है। साथ ही इसकी पत्तियों का रस पीने से वेट भी कम होता है। इसमें कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जिससे हड्डियां मजबूत बनती है।

सहजन को सूप या सब्जी के रूप में खाना ब्लड प्यूरिफायर की तरह काम करता है। ये कैंसर जैसे रोगों में भी बहुत लाभदायक होता है।

 

 

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