Ghaziabad News: शहर के 1.13 लाख भवनों मालिकों ने निगम को एक बार भी नहीं दिया गृहकर, अब सीलिंग की तैयारी

Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र में रहने 1.13 लाख भवन मालिकों ने निगम गठन के बाद से अभी तक एक बार भी हाउस टैक्‍स जमा नहीं किया है। इन भवन मालिकों पर निगम के 136 करोड़ रुपये बकाया है। अब निगम इन भवनों को सील करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निगम ने शासन से इजाजत मांगी है।

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हाउस टैक्‍स नहीं जमा करने वाले भवन होंगे सील   |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • शहर के 1.13 लाख भवन मालिकों ने एक बार भी नहीं दिया हाउस टैक्‍स
  • इन भवन मालिकों पर निगम का 133 करोड़ रुपये हाउस टैक्‍स बकाया
  • नगर निगम अब इन भवनों को करेगा सील, शासन स्‍तर से मांगी इजाजत

Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम से सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पानी जैसी सुविधा लेने के बाद भी हाउस टैक्‍स जमा नहीं करने वालों पर अब गाज गिरने वाली है। नगर निगम ने शहर के करीब 1.13 लाख ऐसे भवन मालिकों को चिन्हित किया है, जिन्‍होंने नगर निगम के गठन के बाद से अब तक एक बार भी हाउस टैक्‍स नहीं जमा कराया। इन भवन मालिकों पर नगर निगम का 136 करोड़ रुपया बकाया है। निगम अधिकारियों के अनुसार, बार-बार डिमांड नोटिस भेजने के बाद भी ये भवन मालिक हाउस टैक्‍स जमा नहीं करा रहे। अब इन प्रॉपर्टी को सील करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में निगम ने शासन को प्रत्र लिखकर इजाजत मांगी है।

निगम अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1995 में नगर निगम गठन के समय आसपास के 40 गांवों को भी निगम में शामिल किया गया था। इन गांवों में निगम द्वारा सड़क, सीवर, पानी, जल निकासी की व्‍यवस्‍था की गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों भवन मालिकों ने हाउस टैक्‍स नहीं दिया। अब ऐसे लोगों पर निगम कार्रवाई करने जा रहा है।

निगम आयुक्‍त ने कराया था सर्वे  

बता दें कि, नगर निगम आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने हाल ही में पूरे शहर के वार्डों में खर्च की गई रकम और मिलने वाले हाउस टैक्‍स व बकाया का आकलन कराने के लिए सर्वे कराया था। जिसके बाद नगर निगम में 5.60 लाख नए भवनों को हाउस टैक्‍स के दायरे में शामिल किया गया। वहीं इस दौरान 1,13,755 ऐसे भवन मालिकों की पहचान की गई, जो कभी टैक्स नहीं जमा कराए। इन भवनों पर निगम का करीब 136 करोड़ हाउस टैक्‍स बकाया है।

रिहाइशी भवनों पर सीलिंग की लेंगे इजाजत

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, हाउस टैक्‍स बकाया होने पर व्यावसायिक भवनों को सील करने का अधिकार निगम के पास है, लेकिन रिहाइशी भवनों पर कार्रवाई करने से पहले निगम को संबंधित मंत्रालय से इजाजत लेनी पड़ती है। इसलिए निगम ने ही नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इन भवनों को सील करने की इजाजत मांगी है। निगम अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई होने पर ही इस रकम की वसूली हो सकती है।

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