Faridabad: अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट भी शामिल, केस दर्ज, एक गिरफ्तार

Faridabad News: फरीदाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने अवैध भ्रूण लिंग जांच करने वाले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें शामली का सीएमएस भी शामिल है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने इस संबंध में शामली पुलिस के पास पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ एक को गिरफ्तार करवाया है।

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अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • फरीदाबाद-पलवल की महिलाओं की शामली में होती थी जांच
  • आरोपी भ्रूण लिंग जांच के लिए लेते थे 50 हजार रुपये
  • 20 हजार रुपये लेने के बाद मौके से भागा सीएमएस, एक गिरफ्तार

Faridabad News: फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक ऐसे अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (सीएमएस) भी शामिल है। यूपी के शामली से संचालित होने वाला यह गिरोह फरीदाबाद-पलवल में गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण जांच करता था। गिरोह में शामिल सीएमएस शामिला का है। फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएमएस समेत चार लोगों के खिलाफ शामली जिले के कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है। वहीं गिरोह के एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है।

फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस गिरोह के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शामली के सीएमएस ने अवैध तरीके से भ्रूण की लिंग जांच के लिए हमारे द्वारा भेजे गए एक नकली ग्राहक से भ्रूण जांच के लिए 20 हजार रुपए एडवांस लिए थे। इसमें दिल्‍ली की एक महिला भी शामिल है।

ट्रैप का शक होने पर मौके से भागा सीएमएस

फरीदाबाद सीएमओ डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि हमें जानकारी मिली थी कि दिल्ली की विजय लक्ष्मी नाम की एक महिला अवैध तरीके से भ्रूण लिंग जांच करवाती है। यह महिला यहां की गर्भवती महिलाओं का लिंग जांच के लिए यूपी के शामली जिले में ले जाती थी। जानकारी मिलने के बाद डॉ. हरजिंदर के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई। जिसने एक गर्भवती महिला को नकली ग्राहक बनाकर शामली भेजा। साथ ही यहां की स्वास्थ्य विभाग की टीम शामली पहुंचकर वहां की डीएम जसजीत कौर से मिली और उन्‍हें पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद डीएम ने शामली एसडीएम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर टीम के साथ भेजा।

50 हजार रुपए लेकर करता था जांच

सीएमओ डॉ. गुप्ता ने बताया कि आरोपी विजय लक्ष्मी को नकली ग्राहक महिला के पति ने फोन किया तो उसने शामली जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार से मिलने को कहा। इस डॉक्‍टर ने भ्रूण जांच के लिए 50 हजार रुपए की मांग की और अपने सरकारी आवास पर बुलाकर एडवांस के तौर पर 20 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद दोपहर तीन बजे आने को कहा। लेकिन किसी तरह इस डॉक्‍टर को ट्रैप की जानकारी मिल गई और वह वहां से भाग गया। पैसे वापस मांगने पर उसने आशीष नाम के एक युवक को वहां भेजा जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में शामली के सीएमएस डॉ. सफल कुमार, विजय लक्ष्मी, आशीष एवं उसके भाई मोनू के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।

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