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इंडिया गेट के प्रदर्शन पर क्यों हुआ विवाद? प्रदूषण के विरोध में कहां से आया हिडमा का पोस्टर, समझें पूरा मामला

पुलिस का कहना है कि इंडिया गेट पर प्रदर्शन के लिए इजाजत नहीं ली गई थी। अब इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी खूब देखने को मिल रही है। सवाल है कि दिल्ली प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन में नक्सली कमांडर हिडमा के पोस्टर कहां से आ गए?

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रविवार को प्रदूषण के खिलाफ इंडिया गेट पर प्रदर्शन। तस्वीर-AP

India Gate Protest: इंडिया गेट पर रविवार को हुए प्रदर्शन में खूब हंगामा देखने को मिला। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन में मारे गए नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के पोस्टर नजर आए और उसके समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जब वहां से हटाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से पेपर स्प्रे छोड़ा। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज करते हुए 23 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इंडिया गेट पर प्रदर्शन के लिए इजाजत नहीं ली गई थी। अब इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी खूब देखने को मिल रही है। सवाल है कि दिल्ली प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन में नक्सली कमांडर हिडमा के पोस्टर कहां से आ गए?

काली मिर्च का छिड़काव करने का आरोप

रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के विरोध में इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों ने रविवार को आंदोलनस्थल से हटाए जाने के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से काली मिर्च का छिड़काव (पेपर स्प्रे) किया। ‘पेपर स्प्रे’ एक गैर-घातक रसायन है, जिसका उपयोग आत्मरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए किया जाता है। इससे आंखों और श्वसन प्रणाली में तीव्र जलन होती है। अधिकारी ने बताया कि इस घटना में तीन-चार पुलिसकर्मी घायल हो गए और उनका राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

अवरोधक पार करने की कोशिश की

दरअसल, प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के पास इकट्ठा हुए थे और दिल्ली की 'बेहद खराब' वायु गुणवत्ता को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'कुछ प्रदर्शनकारी सी-हेक्सागन में घुस गए और अवरोधक पार करने की कोशिश की। हमने उन्हें समझाने का प्रयास किया कि पीछे कई एम्बुलेंस और चिकित्सक फंसे हैं और उन्हें रास्ता देने की जरूरत है, लेकिन वे (प्रदर्शनकारी) आक्रोशित हो गए।' मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को स्थिति भांपकर ऐसा लगा कि वहां झड़प हो सकती है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने को कहा। अधिकारी ने बताया, 'प्रदर्शनकारी नहीं माने, अवरोधक पार कर सड़क पर बैठ गए। जब हमारी टीम उन्हें हटाने की कोशिश कर रही थी, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर ‘पेपर स्प्रे’ का इस्तेमाल किया। तीन-चार पुलिसकर्मी घायल हुए और उनका उपचार किया जा रहा है।' बाद में प्रदर्शनकारियों को सी-हेक्सागन से हटा दिया गया।

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रविवार को एनसीआर प्रदूषण के खिलाफ इंडिया गेट पर हुआ प्रदर्शन। तस्वीर-AP

पुलिस पर पेपर स्प्रे से हमला करने से इंकार

पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे से हमला करने के आरोपों से प्रदर्शनकारियों ने इंकार किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने पुलिस पर पेपर स्प्रे नहीं छोड़ा। साथ ही प्रदर्शनकारी युवकों ने यह भी कहा कि उनके समूह में कुछ लोग दाखिल हो गए थे जिन्होंने नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का पोस्टर ले रखा था। इन्होंने हिडमा के समर्थन में नारे लगाए लेकिन इन लोगों के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं था। हिडमा के समर्थन में नारे लगाया जाता देख इन्होंने खुद को उनसे अलग कर लिया। जबकि पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे से हमला किया।

प्रदर्शनकारी इंडिया गेट अचानक कैसे पहुंचे?

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने समाचार एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, 'यह बहुत ही असामान्य था। पहली बार प्रदर्शनकारियों ने यातायात और कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों पर इस तरह हमला किया।' बताया गया कि एनसीआर प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करने जुटे प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित करने की कोशिश की। आरोप यह भी है कि जब पुलिसकर्मी उन्हें वहां से हटा रहे थे तो उन्होंने उन पर कथित रूप से पेपर स्प्रे किया। पुलिस यह भी पता कर रही है कि आखिरकार प्रदर्शनकारी वहां अचानक से पहुंचे कैसे? इस प्रदर्शन का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें प्रदर्शनकारियों के एक समूह को इंडिया गेट के पास सी-हेक्सागॉन इलाके में बैठ हुए देखा जा सकता है।

मारे गए नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का पोस्टर

ये प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और इन तख्तियों पर वायु प्रदूषण के खिलाफ नारे लिखे हुए थे और वे इसके खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। इसी दौरान वहां एक प्रदर्शनकारी के हाथ में मारे गए नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का पोस्टर था। बता दें कि 18 नवंबर को आंध्र पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में हिडमा मारा गया। यही नहीं, यहां हिडमा के समर्थन में नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने 'हर घर से निकलेगा हिडमा', 'अमर रहे हिडमा' के नारे लगाए।

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प्रदर्शन में नक्सली कमांडर हिडमा के समर्थन में लगे नारे। तस्वीर-AP

इस प्रदर्शन की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने के लिए कहा लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक-एक कर वहां से हटाना शुरू किया।

पुलिस पर हमला के आरोप में 23 गिरफ्तार

यहां मीडिया से बातचीत में एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हिडमा एक आदिवासी था जिसने अपने अधिकारों के लिए हथियार उठाया। लोग उसके तरीके से असहमत हो सकते हैं और उसे गलत बता सकते हैं लेकिन जिस चीज की वह लड़ाई लड़ रहा था, उसे गलत नहीं बताया जा सकता। अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने वालों को इस तरह से नहीं दबाना चाहिए।' अपनी इस कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन करने का आधिकारिक स्थल जंतर-मंतर है न कि इंडिया गेट। पुलिसकर्मियों के खिलाफ हमले के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर बीएनएस की धारा 74, 79, 105(2), 132, 221, 223, और 6(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं।पुलिस ने हिडमा समर्थक प्रदर्शनकारियों के पास से पेपर स्प्रे के तीन केन बरामद किए। कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में छह प्रदर्शनकारियों और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में 16 के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

इंडिया गेट के आस-पास सुरक्षा हुई कड़ी

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि 'इस तरह की विचारधारा को यह माकूल जवाब है।'अपने एक ट्वीट में मिश्रा ने कहा, 'कल के प्रदर्शन को देखें। हाथों में प्रदूषण के खिलाफ पोस्टर्स थे लेकिन मुंह से लाल सलाम के नारे लगाए जा रहे थे। जिहादी और नक्सलियों का नया मुखौटा है सोशल एक्टिविस्ट बनना।' पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से व्यक्त करें, ताकि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और व्यवस्था प्रभावित न हो। इस घटना के बाद इंडिया गेट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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