थाईलैंड-कंबोडिया के बीच फिर क्यों छिड़ा संघर्ष? क्या फेल हो गया ट्रंप का शांति फॉर्मूला?
दोनों देशों के बीच ताजा संघर्ष की शुरुआत नवंबर की एक घटना के बाद हुई। दरअसल, थाईलैंड का एक सैनिक लैंडमाइन की चपेट में आने के बाद घायल हो गया। इसके बाद थाईलैंड ने कंबोडिया पर विवादित क्षेत्र में लैंड माइन लगाने का आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप से कंबोडिया ने इंकार किया। इसके बाद बीते अपने सैनिक की मौत हो जाने के बाद आठ दिसंबर को थाईलैंड ने कंबोडिया के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए।
- Written by: आलोक कुमार राव
- Updated Dec 9, 2025, 03:07 PM IST
Conflict between Thailand and Cambodia: दक्षिण एशिया के दो देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर सीमा पर हिंसक संघर्ष की शुरुआत हो गई। इस ताजा संघर्ष में सात लोगों की जान गई है। थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ने एक-दूसरे पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों के लोग दहशत में हैं। हजारों की संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। इस नए हिंसक संघर्ष के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दोनों देशों के बीच लागू कराया गया संघर्ष विराम खतरे में पड़ गया है। ट्रंप ने टैरिफ का दबाव डालकर थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बीते अक्टूबर महीने में सुलह कराया था। ट्रंप तब से कई बार इस सीजफायर का श्रेय ले चुके हैं।
क्यों शुरू हुआ ताजा संघर्ष
दोनों देशों के बीच ताजा संघर्ष की शुरुआत नवंबर की एक घटना के बाद हुई। दरअसल, थाईलैंड का एक सैनिक लैंडमाइन की चपेट में आने के बाद घायल हो गया। इसके बाद थाईलैंड ने कंबोडिया पर विवादित क्षेत्र में लैंड माइन लगाने का आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप से कंबोडिया ने इंकार किया। इसके बाद बीते अपने सैनिक की मौत हो जाने के बाद आठ दिसंबर को थाईलैंड ने कंबोडिया के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए। इस हमले के बाद कंबोडिया ने उस पर पलटवार करना शुरू किया। इससे पहले जुलाई महीने में दोनों देशों के बीच भीषण संघर्ष हुआ। इस संघर्ष में 43 लोगों की जान गई और 30 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ा। इस संघर्ष को खत्म कराने में ट्रंप ने दखल दिया। उन्होंने कथित रूप से कारोबार एवं टैरिफ का दबाव बनाकर दोनों देशों के बीच सुलह कराया। इसके बाद कुआलालंपुर में हुए आसियान समिट में एक पीस डील पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए।
चार कंबोडियाई नागरिक मारे गए
थाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद 50,000 से अधिक लोग सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों को छोड़कर आश्रय स्थलों में चले गए हैं तथा माना जा रहा है कि और भी लोग अन्यत्र अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। वहीं, कंबोडिया के सूचना मंत्री नेथ फेकट्रा ने कहा कि सीमा के निकट के कई गांवों के निवासियों को वहां से निकाल लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ताजा झड़पों में कम से कम एक थाई सैनिक और चार कंबोडियाई नागरिक मारे गए हैं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने टेलीविजन पर एक भाषण में कहा कि देश की रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार सैन्य अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘थाईलैंड कभी हिंसा नहीं चाहता। मैं दोहराना चाहूंगा कि थाईलैंड ने कभी कोई लड़ाई या आक्रमण शुरू नहीं किया है, लेकिन वह अपनी संप्रभुता का उल्लंघन कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।’
कंबोडियाई गोलीबारी में दो सैनिक घायल हुए- थाईलैंड
नवंबर की शुरुआत में थाई सैनिकों के बारूदी सुरंगों की चपेट में आने के बाद संघर्षविराम पर खतरा पैदा हो गया था, जिसके कारण थाईलैंड ने घोषणा की कि वह संघर्षविराम समझौते के कार्यान्वयन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर देगा। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। ट्रंप ने नवंबर के मध्य में कहा था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्ध को रुकवा दिया है जबकि तनाव अब भी बना हुआ है। रविवार को सीमा पर एक और झड़प हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहले गोली चलाने का आरोप लगाया। थाई सेना ने कहा कि कंबोडियाई गोलीबारी में उसके दो सैनिक घायल हुए और उसके जवाब में थाई सैनिकों ने पलटवार किया।
एक थाई सैनिक मारा गया, चार घायल हुए
दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी का यह सिलसिला लगभग 20 मिनट तक चला। कंबोडिया ने कहा कि पहले गोलीबारी थाई पक्ष ने की और उसके सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई नहीं की। सोमवार को थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विनथाई सुवरी ने कहा कि कंबोडियाई सैनिकों ने थाईलैंड के कई इलाकों में पहले गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि एक थाई सैनिक मारा गया और चार अन्य घायल हुए तथा प्रभावित क्षेत्रों से नागरिकों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि थाईलैंड ने ‘कंबोडियाई हमलों से निपटने के लिए कई क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए विमान का इस्तेमाल किया।’ कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेता ने कहा कि थाई सेना ने ही सबसे पहले कंबोडियाई सैनिकों पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि कंबोडिया ने सोमवार को शुरुआती हमलों के दौरान जवाबी कार्रवाई नहीं की।
सदियों पुरानी है कंबोडिया-थाईलैंड के बीच दुश्मनी
उन्होंने कहा, ‘कंबोडिया अनुरोध करता है कि थाईलैंड तुरंत उन सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोक दे, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए खतरा हैं।’ क्षेत्र के एक और पड़ोसी देश मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में संयम बरतने की अपील की और कहा कि उनका देश लड़ाई रोकने के प्रयासों में सहयोग करने के लिए तैयार है। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सदियों पुरानी दुश्मनी है। उनके क्षेत्रीय दावे मुख्य रूप से 1907 के उस नक्शे से उत्पन्न हुए हैं, जो तब बनाया गया था जब कंबोडिया फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन के अधीन था। थाईलैंड का कहना है कि वह नक्शा गलत है।