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यहूदियों पर हमले के लिए ऑस्ट्रेलिया की फिलिस्तीन नीति को जिम्मेदार क्यों मान रहे नेतन्याहू? अरब देशों की क्या है प्रतिक्रिया

नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अगस्त के महीन में ही अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बानीज को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीन को एक देश के रूप में मान्यता देने पर उन्हें आगाह किया था। नेतन्याहू ने कहा कि अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि 'फिलिस्तीन को मान्यता देने से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी की भावना भड़ेकगी, वे लोग प्रोत्साहित होंगे जो ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों को अपना दुश्मन समझते हैं।

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Photo : AP
सिडनी के बॉण्डी बीच पर रविवार को हुआ आतंकवादी हमला। तस्वीर-AP

Bondi Beach Terror Attack: सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए आतंकवादी हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई जबकि 38 अन्य घायल हुए। मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है। यह हमला उस समय हुआ जब यहूदी समुदाय के लोग अपना हनुक्का उत्सव मनाने के लिए बीच पर जुटे थे। यह कार्यक्रम चल ही रहा था कि इसी दौरान दो सिरफिरे बाप-बेटे हथियारों के साथ वहां पहुंचे और उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले ने दुनिया भर को झकझोर कर रख दिया। दुनिया भर के नेताओं ने इस यहूदियों के हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की और मारे गए लोगो को श्रद्धांजलि दी। इजरायल में इस हमले के खिलाफ बड़ी नाराजगी और चौतरफा विरोध देखने को मिला। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेनत्याहू ने तो इस आतंकवादी हमले के लिए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की फिलिस्तीन नीति को जिम्मेदार ठहरा दिया। नेतन्याहू ने कहा कि यहूदियों पर हमले के लिए अल्बानीज की इजरायल-फिलिस्तीन नीति जिम्मेदार है।

अल्बानीज को आगाह करते हुए नेतन्याहू ने लिखा था पत्र

नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अगस्त के महीन में ही अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बानीज को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीन को एक देश के रूप में मान्यता देने पर उन्हें आगाह किया था। नेतन्याहू ने कहा कि अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि 'फिलिस्तीन को मान्यता देने से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी की भावना भड़ेकगी, वे लोग प्रोत्साहित होंगे जो ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों को अपना दुश्मन समझते हैं। इससे यहूदी नफरत तेज होगा।' नेतन्याहू ने कहा कि 'उनके इस सुझाव को अल्बानीज ने कमजोरी को कमजोरी से और तुष्टिकरण को और तुष्टिकरण से बदला।'

आपने कार्रवाई नहीं की, बीमारी को फैलने दिया-नेतन्याहू

नेतन्याहू ने कहा कि 'ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोध को फैलने से रोकने के लिए आपकी सरकार ने कुछ नहीं किया। आपने उस कैंसर सेल जो कि आपके देश में बढ़ रहा है, उसे फैलने से रोकने के लिए कदम नहीं उठाए। आपने कोई कार्रवाई नहीं की। आपने बीमारी को फैलने दिया और यहूदी समुदाय पर हुए इस भयानक हमले को आज हमने देखा है।' नेतन्याहू के इन आरोपों पर जब सोमवार को अल्बानीज से पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर मीडिया को जवाब नहीं दिया। अल्बानीज ने कहा कि 'यह समय राष्ट्रीय एकता और ऑस्ट्रेलियाई लोगों के एक साथ आने का है। अभी हम लोग यह एकजुटता प्रदर्शित करेंगे।' एक हमलावर से बंदूक छीनने वाले व्यक्ति की प्रशंसा करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि 'निर्दोष यहूदियों की जान बचाने वाले मुस्लिम व्यक्ति की बहादुरी को वह सलाम करते हैं लेकिन हमें अपने लोगों और उनकी सुरक्षा की चिंता है। हम चुप नहीं बैठ सकते। हमें जो समाप्त करना चाहते हैं हम उनसे लड़ेंगे।'

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हमले में अब तक 16 लोगों की गई जान। तस्वीर-AP

हमले चाहे जिस नीयत से हों, स्वीकार्य नहीं-कतर

इस भीषण एवं जघन्य हमले पर प्रतिक्रिया देते कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि 'वह इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है।' हालांकि, कतर ने अपने बयान में यहूदी विरोध अथवा इस समुदाय का कोई जिक्र नहीं किया। मंत्रालय ने कहा कि उनका देश हिंसा, आतंकवाद एवं आपराधिक कृत्यों के खिलाफ है चाहे वह किसी भी इरादे अथवा वजहों से अंजाम दिए गए हों। बता दें कि कुछ महीने पहले इजरायल ने हमास के ठिकाने को निशाना बनाते हुए कतर में हवाई हमला किया था और इस हमले को कतर ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।

ईरान ने भी की हमले की निंदा

यही नहीं, इजरायल के दुश्मन देश ईरान ने भी इस हमले की निंदा की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने पर्शियन में X पर पोस्ट अपने बयान में कहा कि 'ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए हिंसक हमले की हम निंदा करते हैं। इंसानों की हत्या चाहे जिस तरीके से भी की जाए वह अस्वीकार्य और निंदनीय है।' बाकेई ने अपने बयान में हालांकि यहूदी विरोधी भावना के बारे में कुछ नहीं कहा। बाद में विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह हिंसा एवं आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है। साथ ही उसने गाजा और वेस्ट बैंक में नागरिकों के मारे जाने पर इजरायल की आलोचना भी की। मंत्रालय ने कहा कि 'वह मित्र देश ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाता है।'

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सिडनी में यहूदी समुदाय पर हुआ आतंकी हमला। तस्वीर-AP

आपराधिक कृत्यों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं-UAE

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इस हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि वह सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर बनाने वाले इन आपराधिक कृत्यों की कड़े शब्दों में निंदा और हिंसा एवं आतंकवाद के सभी रूपों को खारिज करता है। यही नहीं मंत्रालय ने मारे गए लोगों एवं पीड़ित परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की। मंत्रालय ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की। यूएई ने कहा कि उनकी सरकार ऑस्ट्रेलिया के साथ है।

10 घायलों की हालत अभी भी गंभीर-पुलिस

इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने गोलीबारी को ‘इस्लामिक स्टेट से प्रेरित एक आतंकवादी हमला’ करार दिया है। ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस आयुक्त क्रिसी बैरेट ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वे संदिग्धों की विचारधारा को लेकर पहली बार टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब्त किए गए वाहन में ‘इस्लामिक स्टेट के झंडों’सहित कई सबूत मिले हैं। उन्होंने बताया कि घटना में घायल हुए 25 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 10 की हालत गंभीर है।

फिलिपींस आए थे दोनों हमलावर

सिडनी के बॉन्डी बीच पर 15 लोगों की हत्या करने वाले साजिद अकरम (50) और उसका 24 साल का बेटा नावीद अकरम पिछले महीने फिलिपींस आए थे। यह दावा फिलिपींस के इमिग्रेशन अधिकारियों ने किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में इमिग्रेश ब्यूरो के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तानी मूल के दोनों बाप-बेटे कथित रूप से भारतीय पासपोर्ट पर एक नवंबर को फिलिपींस आए और 28 नवंबर को यहां से वापस चले गए। रिपोर्ट के मुताबिक प्रवक्ता ने बताया कि साजिद और नावीद दोनों फिलिपींस छोड़ने से पहले दावाओ में रुके थे। दावाओ से ही वे मनीला और फिर सिडनी के लिए रवाना हुए। फिलिपींस के अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं। इस बीच, एनएसडब्ल्यू ने कहा है कि नावीद के नाम पर एक वाहन है जिसमें उसने उन्नत किस्म के विस्फोटक और घर में तैयार आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के दो ध्वज रखे थे।

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