कौन हैं आर श्रीलेखा, तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की पहली मेयर बनकर रच सकती हैं इतिहास
- Authored by: Piyush Kumar
- Updated Dec 14, 2025, 02:29 PM IST
Who Is Former DGP IPS R Sreelekha: तिरुवनंतपुरम नगर निगम में कुल 101 वार्डों पर चुनाव हुए, जिसमें बीजेपी ने 50 सीटों पर जीत हासिल की। इस जीत के साथ बीजेपी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसी के साथ तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी के लिए मेयर पद का रास्ता भी साफ हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि आर श्रीलेखा को बीजेपी की ओर से मेयर पद का चेहरा बनाया जाएगा।
तिरुवनंतपुरम की बीजेपी मेयर बनेंगी श्रीलेखा।(फोटो सोर्स: ANI)
Who Is Former DGP IPS R Sreelekha: केरल निकाय चुनाव के नतीजों ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को जबरदस्त झटका दिया है। वहीं, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए की ऐतिहासिक जीत ने सियासी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। जिस तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पिछले 45 साल से लेफ्ट का दबदबा बना था वहां आखिरकार 'कमल' खिल गया।
दरअसल, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में कुल 101 वार्डों पर चुनाव हुए, जिसमें बीजेपी ने 50 सीटों पर जीत हासिल की। इस जीत के साथ बीजेपी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, एलडीएफ को 29 और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ को 19 सीटें मिली।
वहीं, 2 सीटें निर्दलीय के खाते में गईं। इसी के साथ तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी के लिए मेयर पद का रास्ता भी साफ हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि आर श्रीलेखा को बीजेपी की ओर से मेयर पद का चेहरा बनाया जाएगा। उन्होंने सस्थामंगलम डिविजन से जीत दर्ज की है।

श्रीलेखा ने उन्होंने सस्थामंगलम डिविजन से जीत दर्ज की है।(फोटो सोर्स: @surendranbj)
तिरुवनंतपुरम में जन्मी और पली-बढ़ी श्रीलेखा ने 16 साल की उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था। तिरुवनंतपुरम के कॉटन हिल स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की। गायन, नाटक, एनसीसी और एनएसएस में भी उनकी खास रुचि थी।
उन्होंने तिरुवनंतपुरम वुमेंस कॉलेज से इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की। साथ ही उन्होंने फिर इग्नू से एमबीए किया। उन्होंने सबसे पहले विद्याधिराज कॉलेज में अध्यापन का काम शुरू किया। इसके बाद, उन्होंने रिजर्व बैंक में कार्यरत रहते हुए सिविल सेवा में एंट्री ली।
1987 में बनीं IPS
जनवरी 1987 में वो केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। वहीं, साल 1991 में त्रिशूर की पहली महिला एसपी बनीं। वह राज्य के कई जिलों में पुलिस की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उन्होंने सीबीआई, केरल अपराध शाखा, सतर्कता विभाग, अग्निशमन विभाग, मोटर वाहन विभाग और जेल विभाग सहित प्रमुख एजेंसियों में अपनी सेवाएं दीं।

जनवरी 1987 में आर श्रीलेखा केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं।(फोटो सोर्स: @AnoopKaippalli)
साल 2017 में उन्हें DGP पर पदोन्नत किया गया। वो इस रैंक तक पहुंचने वाली केरल की पहली महिला अधिकारी बनीं। साल 2020 में उन्होंने 33 साल की सेवा के बाद रिटायरमेंट लिया। पुलिस की नौकरी से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने साल 2024 में बीजेपी जॉइन की। वे पीएम मोदी की लीडरशिप से बेहद प्रभावित हैं।
केरल निकाय चुनाव में किसने मारी बाजी?
केरल में 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे शनिवार को घोषित कर दिए गए। इन नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। चुनाव राज्य के छह नगर निगमों, 14 जिला पंचायतों, 87 नगर पालिकाओं, 152 ब्लॉक पंचायतों और 951 ग्राम पंचायतों में कराए गए थे।
चुनाव परिणामों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ़) ने सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ़) पर स्पष्ट बढ़त हासिल की है। यूडीएफ ने कुल मिलाकर चार नगर निगमों, सात जिला पंचायतों, 54 नगर पालिकाओं, 79 ब्लॉक पंचायतों और 505 ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की।
नगर निगमों की बात करें तो यूडीएफ़ ने कोल्लम, कोच्चि, त्रिशूर और कन्नूर जैसे अहम शहरी निकायों में जीत हासिल की है। इन नतीजों को शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस नेतृत्व वाले मोर्चे की मजबूत पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह परिणाम एलडीएफ़ के लिए चेतावनी और यूडीएफ़ के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इन नतीजों का असर आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ेगा। वहीं, एलडीएफ को सिर्फ एक नगर निगम, सात जिला पंचायतों, 28 नगर पालिकाओं, 63 ब्लॉक पंचायतों और 340 ग्राम पंचायतों में जीत मिली है। इसके अलावा, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने एक नगर निगम, दो नगर पालिकाओं और 26 ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की है।
चुनाव नतीजों पर क्या बोले पीएम मोदी और अमित शाह?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के स्थानीय चुनावों के परिणाम आने के बाद बीजेपी-एनडीए उम्मीदवारों को वोट देने के लिए केरल के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "केरल की जनता यूडीएफ़ और एलडीएफ़ से तंग आ चुकी है।"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत को 'एक नए अध्याय की शुरुआत' बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, "तिरुवनंतपुरम ने आशा और दृढ़ विश्वास के साथ अपनी बात रखी है और नगर निगम में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन को सुनिश्चित करते हुए एक नए अध्याय की शुरुआत की है। यह परिवर्तन, विकास और क्लीन गवर्नेंस का समर्थन है।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी केरल की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "केरल की जनता ने स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी और एनडीए को भारी जीत दिलाई, तिरुवनंतपुरम को अपना पहला बीजेपी मेयर मिलेगा।"
केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इन चुनाव परिणामों पर कहा, "मलयाली लोग भ्रष्टाचार-मुक्त शासन, विकास और जवाबदेही चाहते हैं। वे दशकों की नाकारा और भ्रष्ट लेफ्ट-राइट राजनीति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।"