अनमोल बिश्नोई की क्राइम कुंडली (ANI)
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और करीबी साथी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिका से दिल्ली लाए गए अनमोल को एनआईए अधिकारियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, अप्रैल 2024 में बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर पर गोलीबारी, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या समेत कई अन्य अपराधों में वांछित अनमोल को मंगलवार को अमेरिका से निर्वासित कर दिया गया था। अनमोल बिश्नोई ने जुर्म की दुनिया में क्या-क्या कारनामे किए, किन-किन अपराधों को अंजाम दिया और क्या था उसका मॉडस ऑपरेंडी, विस्तार से जानते हैं।
साल 2022 से फरार अमेरिका में रह रहा अनमोल जेल में बंद अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले आतंकी-सिंडिकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार होने वाला 19वां आरोपी है। अनमोल के खिलाफ एनआईए ने मार्च 2023 में आरोपपत्र दाखिल किया था। तब मामले की जांच में यह बात सामने आई थी कि उसने 2020-2023 की अवधि के दौरान देश में कई आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने में घोषित आतंकवादी गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई की सक्रिय रूप से मदद की थी। इसमें कहा गया है कि अनमोल ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए अमेरिका से आतंकी सिंडिकेट चलाया और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया और इसके लिए उसने जमीनी स्तर पर अपने गुर्गों का इस्तेमाल किया। एनआईए की जांच से पता चला कि अनमोल ने गिरोह के शूटर और जमीनी कार्यकर्ताओं को शरण और रसद मुहैया कराई थी। एनआई के मुताबिक, अनमोल अन्य गैंगस्टरों की मदद से विदेशी धरती से भारत में जबरन वसूली में भी शामिल था।
अनमोल एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड (Baba Siddique Murder) में मुख्य आरोपी है। इसके अलावा 2024 में बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में भी वह वांछित है। बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 को बांद्रा स्थित उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच कर रही है और अब तक 26 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा अनमोल पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड में से भी एक है, जिनकी 2022 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अनमोल के खिलाफ देशभर में कई मामले दर्ज हैं। एनआईए दस्तावेज में कहा गया है कि अनमोल एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लगभग पूरी तरह गुमनाम रहते हुए विदेशों से अपने कारनामों का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ अकेले राजस्थान में कम से कम 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह कई राज्यों में हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और लक्षित गोलीबारी सहित कई बड़े अपराधों में शामिल है।
उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। हालांकि उसे भारत में आपराधिक गतिविधियों से संबंधित आरोपों में नहीं बल्कि अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके कुछ दिनों बाद भारत ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी थी। 2022 से फरार अमेरिका में रहने वाला अनमोल अपने जेल में बंद भाई लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले आतंकी सिंडिकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार होने वाला 19वां आरोपी है। महाराष्ट्र की एक अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी करने और इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद बिश्नोई के प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू हुई थी।
अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक साम्राज्य की आड़ में लंबे समय तक सक्रिय अनमोल बिश्नोई इस गिरोह के विदेशी रणनीतिकार के रूप में उभरा है। उस पर जबरन वसूली रैकेट, टारगेट किलिंग और धन जुटाने का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। कई राज्यों में वांछित और भारत के कुछ सबसे चर्चित अपराधों से जुड़े अनमोल बिश्नोई ने फर्जी पहचान, विदेशी सुरक्षा ठिकानों और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल करके एक वैश्विक नेटवर्क बनाया। उसकी भारत वापसी बिश्नोई गिरोह के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश कर रही भारतीय एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार किए गए एक गोपनीय दस्तावेज ने अब बिश्नोई गिरोह के विदेशी संचालन के पूरे पैमाने को उजागर कर दिया है। इसमें खुलासा हुआ है कि संगठन ने जबरन वसूली का पैसा खेल क्लबों, रियल एस्टेट, नौकाओं, फिल्मों और यहां तक कि कनाडाई प्रीमियर लीग से जुड़ी फ्रेंचाइजी में भी लगाया था। जांचकर्ताओं का कहना है कि गिरोह ने कनाडा और थाईलैंड तक धन पहुंचाने के लिए हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया, जिससे औपचारिक बैंकिंग लेन-देन के बिना ही उच्च-मूल्य वाले सीमा पार लेनदेन संभव हो गए। हाल के महीनों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरोह के वित्तीय नेटवर्क पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, इसके सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियों पर छापे मारे हैं और एक प्रमुख धन प्रबंधक के रिश्तेदारों की 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
अनमोल को बिश्नोई गिरोह के वैश्विक संचालन का असली मास्टरमाइंड माना जा रहा था, इसलिए एनआईए ने उसे अपनी मोस्ट वांटेड सूची में डाल दिया था। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी को लेकर सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि अनमोल की वापसी सिंडिकेट के विदेशी निवेश, वित्तीय संचालन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों का पर्दाफाश करने में एक अहम सफलता होगी। एजेंसी का कहना है कि उससे पूछताछ से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कैसे भारत के सबसे खूंखार आपराधिक नेटवर्कों में से एक ने देश में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देते हुए विदेशों में भी अपना विस्तार किया।
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