Premium

कौन हैं उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा, जो गणतंत्र दिवस पर होंगे मुख्य अतिथि?

जर्मन स्त्री रोग विशेषज्ञ और राजनीतिज्ञ उर्सुला वॉन डेर लेयेन के नाम कई उपलब्धियां हैं। वह यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष हैं। अक्टूबर 1958 में जन्मीं वॉन डेर लेयेन ने अपने शुरुआती 13 साल ब्रुसेल्स में बिताए। यूरोपीय परिषद के 64 वर्षीय अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का भारत से संबंध है। उनके दादा गोवा से थे, जबकि उनकी दादी फ्रांसीसी-मोजाम्बिक मूल की थीं।

Image
Photo : AP
26 जनवरी 2026 के मुख्य अतिथि

भारत का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जा रहा है। भारत के लिए ये दिन बेहद खास है और इसे यादगार बनाने के लिए हर साल की तरह इस वर्ष भी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर शानदार गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन होगा। इस दौरान लगभग 10,000 विशेष अतिथि यहां पहुंचेंगे। भारत हर साल किसी खास हस्ती को गणतंत्र दिवस पर अतिथि के तौर पर बुलाता है। इस वर्ष यूरोपीय आयोग (European Union) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष की 25 से 27 जनवरी तक नई दिल्ली की यात्रा पर हैं। इस दौरान भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसे वॉन डेर लेयेन ने "मदर ऑफ ऑल डील्स" बताया है। गणतंत्र दिवस समारोह पर उनके अलावा एंटोनियो कोस्टा भी भारत पहुंचे हैं। आइए जानते हैं कौन हैं ये दोनों हस्तियां।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन कौन हैं?

जर्मन स्त्री रोग विशेषज्ञ और राजनीतिज्ञ उर्सुला वॉन डेर लेयेन के नाम कई उपलब्धियां हैं। वह यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष हैं। अक्टूबर 1958 में जन्मीं वॉन डेर लेयेन ने अपने शुरुआती 13 साल ब्रुसेल्स में बिताए। टाइम पत्रिका के अनुसार, उनके पिता उस समय यूरोपीय आयुक्त थे जब यूरोपीय संघ का नाम यूरोपीय आर्थिक समुदाय था। वह बेल्जियम, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी रह चुकी हैं और फ्रेंच और अंग्रेजी भाषा में धाराप्रवाह बोलती हैं। वॉन डेर लेयेन ने दो जर्मन विश्वविद्यालयों और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में अर्थशास्त्र का अध्ययन किया, लेकिन स्नातक की उपाधि हासिल नहीं की। बाद में वॉन डेर लेयेन ने हनोवर में मेडिकल का अध्ययन किया और 1991 में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

वह कुछ वर्षों तक कैलिफोर्निया में रहीं, जब उनके पति स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत थे। वह पेशे से मेडिकल के प्रोफेसर थे। सात बच्चों की मां वॉन डेर लेयेन ने 40 वर्ष की उम्र के आसपास अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1990 में वह जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल की क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी (CDU)में शामिल हुईं। लोअर सैक्सोनी की क्षेत्रीय सरकार में प्रमोशन पाते हुए वॉन डेर लेयेन को 2005 में मर्केल की पहली सरकार में परिवार, वरिष्ठ नागरिक, महिला एवं युवा मामलों की मंत्री नियुक्त किया गया।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन

मातृत्व और पितृत्व अवकाश के अधिकारों में सुधार किया

उस दौरान, वॉन डेर लेयेन ने मातृत्व और पितृत्व अवकाश के अधिकारों में सुधार किया। उनके कार्यकाल में जर्मनी ने एक कानून लागू किया जिसके तहत एक वर्ष से अधिक उम्र के हर बच्चे के लिए डेकेयर सुविधा में स्थान जरूरी किया गया। सरकार ने सवैतनिक माता-पिता अवकाश योजना भी शुरू की जिसमें पिताओं के लिए कम से कम दो महीने का सवैतनिक अवकाश शामिल था। 2009 में वॉन डेर लेयेन मर्केल की सरकार में श्रम मंत्रालय में शामिल हुईं। दिसंबर 2013 में वे जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री बनीं। जर्मनी में उन्हें कई अपमानजनक उपनामों से पुकारा जाता था, जिनमें "क्रिपेन-उर्सल" (क्रेच उर्सल) भी शामिल है, जिसका अर्थ है एक रूढ़िवादी नारीवादी जो नर्सरी में सीटों की संख्या बढ़ाने पर तुली हुई है। वैन डेर लेयेन 2019 में यूरोपीय आयोग की 13वीं अध्यक्ष बनीं। पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया गया। 67 वर्षीय वैन डेर लेयेन 2029 तक आयोग की प्रमुख रहेंगी।

एंटोनियो कोस्टा कौन हैं?

यूरोपीय परिषद के 64 वर्षीय अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का भारत से संबंध है। उनके दादा गोवा से थे, जबकि उनकी दादी फ्रांसीसी-मोजाम्बिक मूल की थीं।

दिसंबर 2024 में पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री कोस्टा यूरोपीय संघ के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक का नेतृत्व करने वाले जातीय अल्पसंख्यक समुदाय के पहले व्यक्ति बने। दो साल पहले पॉलिटिको को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रवासी नागरिक का कार्ड दिया था, और कहा था कि उनकी सांस्कृतिक निकटता, ज्ञान और कभी-कभी भाषाई कौशल निश्चित रूप से मददगार हैं, और मुझे उम्मीद है कि मैं इनका उपयोग यूरोपीय संघ की सेवा में करूंगा।

एंटोनियो कोस्टा

उन्होंने उस समय कहा था कि वे अपनी भारतीय विरासत का उपयोग एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के साथ यूरोप के अक्सर असमान संबंधों को पुनर्परिभाषित करने के लिए करना चाहते हैं। कोस्टा ने नवंबर 2015 से अप्रैल 2024 तक पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के रूप में अपने आठ वर्षों के दौरान विदेशी नेताओं, विशेष रूप से अफ्रीकी, एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देशों के नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए।

क्या है यूरोपीय आयोग?

यूरोपीय आयोग (European Commission), यूरोपीय संघ का मुख्य कार्यकारी निकाय है। इसकी प्रमुख भूमिकाओं में नए कानूनों और नीतियों का प्रस्ताव करना, उनके कार्यान्वयन की निगरानी करना और यूरोपीय संघ के बजट का प्रबंधन करना शामिल है। इसकी वेबसाइट के अनुसार, आयोग यह भी सुनिश्चित करता है कि यूरोपीय संघ की नीतियां और कानून सदस्य देशों में सही ढंग से लागू हों, यूरोपीय संघ की ओर से अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर बातचीत करता है और निधि का आवंटन करता है।

अध्यक्ष के रूप में वॉन डेर लेयेन आयोग के संगठन और व्यक्तिगत आयुक्तों को पोर्टफोलियो आवंटित करने के लिए जिम्मेदार हैं। वे आयोग के नीतिगत एजेंडा का भी निर्धारण करती हैं, साथ ही यूरोपीय परिषद की बैठकों, जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों, गैर-यूरोपीय संघ देशों के साथ शिखर सम्मेलनों और यूरोपीय संसद और परिषद में प्रमुख बहसों में निकाय का प्रतिनिधित्व करती हैं।

क्या है यूरोपीय परिषद?

यूरोपीय परिषद (European Council) यूरोपीय संघ के सात संस्थानों में से एक है। इसमें 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देश, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष शामिल हैं। परिषद यूरोपीय संघ का सर्वोच्च राजनीतिक प्राधिकरण है, जो संघ की नीतिगत एजेंडा निर्धारित करता है। यह यूरोपीय संघ का नेतृत्व करता है और लिस्बन संधि के तहत, इसके विकास के लिए आवश्यक प्रोत्साहन देता है। यह यूरोपीय संघ की सामान्य राजनीतिक दिशा निर्धारित करता है और इसकी प्राथमिकताओं को तय करता है। हालांकि, यूरोपीय परिषद के पास कोई औपचारिक विधायी शक्तियां नहीं हैं और यह कानून नहीं बना सकती।

End of Article