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क्या है Agni 5 बैलिस्टिक मिसाइल की MIRV तकनीक? जो बनाती है इसे बेहद घातक, रेंज में संपूर्ण एशिया

भारत ने अपनी पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 (Agni-5) का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में इसकी सफल टेस्टिंग हुई। इसकी MIRV तकनीक बेहद खास है, जानें क्या है यह और भी खास फीचर्स की जानकारी...

Agni-5 MIRV Technology

Agni-5 की खास बातें इसे और मिसाइलों से अलग बनाती हैं (फोटो: टाइम्स नाउ नवभारत)

What is Agni-5 MIRV Technology: भारत ने अपनी सामरिक सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-5' (Agni-5 Ballistic Missile) का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से 'अग्नि-5' का परीक्षण किया गया और यह मिसाइल सभी परिचालन एवं तकनीकी मापदंडों पर खरी उतरी। अग्नि-5 की रेंज 5000 किमी है। ऐसे में यह मिसाइल पाकिस्तान, चीन, तुर्किये जैसे कई देशों तक मार करने की क्षमता रखती है।

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि अग्नि-V (संस्कृत : अग्नि; शाब्दिक अर्थ आग) एक भूमि आधारित परमाणु MIRV-सक्षम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है जिसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। 'अग्नि-5' न्यूक्लियर हथियार अपने साथ ले जा सकती है इसकी स्पीड मैक 24 है, यानी आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा है।

भारत लॉन्ग रेंज मिसाइल क्लब में शामिल (फोटो: canva)

परीक्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' के साढ़े तीन महीने बाद

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्षेपण में 'अग्नि-5' मिसाइल की मार्गदर्शन प्रणाली, प्रणोदन, चरण विभाजन , और अंतिम सटीकता जैसे सभी पहलुओं को परखा और प्रमाणित किया गया। इस परीक्षण से यह भी सिद्ध हो गया कि भारत की सामरिक सेनाएं कम समय की तैयारी में भी इस मिसाइल को प्रक्षेपित करने में सक्षम हैं। यह परीक्षण ऑपरेशन सिंदूर के लगभग साढ़े तीन महीने बाद और पिछले साल अग्नि-5 के पिछले परीक्षण के बाद हुआ है।

भारत लॉन्ग रेंज मिसाइल क्लब में शामिल

अग्नि-5 के लॉन्च के साथ भारत लॉन्ग रेंज मिसाइल क्लब में शामिल हो चुका है।अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन पहले से ही इस तरह की मिसाइलों से लैस हैं।अग्नि-5मिसाइल की तकनीक छोटे सैटेलाइट छोड़ने में इस्तेमाल हो सकेगी। यही नहीं यह दुश्मनों के सेटेलाइट को नष्ट करने में भी इस्तेमाल हो सकेगी।

अग्नि श्रृंखला भारत की परमाणु-सक्षम मिसाइलों का मुख्य आधार (फोटो:canva))

भारत के पास अग्नि श्रृंखला की और भी मिसाइलें

अग्नि श्रृंखला भारत की परमाणु-सक्षम मिसाइलों का मुख्य आधार है।भारत के मिसाइल कार्यक्रम में अग्नि श्रृंखला की अग्नि-1 से लेकर अग्नि-4 तक की मिसाइलें भी शामिल हैं, जिनकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर से 4,000 किलोमीटर के बीच है और ये सभी मिसाइलें पहले से ही तैनात हैं।

इसके प्रथम संस्करण यानी अग्नि-1 की मारक दूरी 700 किमी थी। भारत के पास 2,000 किमी की दूरी वाली अग्नि-2, 3,500 किमी की दूरी वाली अग्नि-3 के साथ अग्नि-4 भी है जिसकी रेंज 4,000 किमी से अधिक है।

Agni-5 की जद में संपूर्ण एशिया

यह परीक्षण पिछले साल अग्नि-5 के पिछले परीक्षण के बाद हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अग्नि-5 उत्तरी चीन सहित लगभग संपूर्ण एशियाई महाद्वीप और यूरोप के कुछ हिस्सों को कवर कर सकती है, जिससे यह भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का एक प्रमुख घटक बन जाती है। जिससे भारत की सामरिक शक्ति में अभूतपूर्व मजबूती आती है। परीक्षण के दौरान समुद्र में तैनात जहाजों, रडारों और टेलीमेट्री स्टेशनों ने मिसाइल की उड़ान का वास्तविक समय में आकलन किया। इससे सभी तकनीकी आंकड़ों का गहन विश्लेषण संभव हो सका।

मिसाइल सभी परिचालन एवं तकनीकी मापदंडों पर खरी उतरी (Photo: Indian Defence Research)

Agni-5 की खासियतें हैं बेमिसाल, डाल लें एक नजर

Type: मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM)

Range: 5,000 किमी तक है

Launch Platform:मोबाइल लॉन्चर और एकीकृत परीक्षण रेंज

Payload: परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम

Accuracy: उन्नत मार्गदर्शन प्रणालियों के साथ उच्च परिशुद्धता

Coverage:उत्तरी चीन और यूरोप के कुछ हिस्सों सहित लगभग संपूर्ण एशिया

Strategic Role:भारत के परमाणु प्रतिरोध का प्रमुख घटक

अग्नि-5 मिसाइल की MIRV तकनीक है खास

अग्नि-5 मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नोलॉजी से लैस है। मतलब एक साथ कई टारगेट्स के लिए लॉन्च की जा सकती है। MIRV तकनीक के माध्यम से कोई देश एक ही मिसाइल से सैकड़ों किलोमीटर दूर के कई लक्ष्यों को निशाना बना सकता है। इस टेक्निक को विकसित करने के लिए इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलें, छोटे वारहेड, लक्ष्यों पर सटीक निशाना साधने के लिए सही गाइडेंस और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर रिलीज करने की तकनीक की आवश्यकता होती है। Agni-5 7500 kg के बंकर बस्टर वॉरहेड ले जाने और धरती में करीब 100 मीटर की गहराई तक जाकर शत्रुओं के न्यूक्लियर सिस्टम, रडार सिस्टम, कंट्रोल सेंटर, हथियार स्टोरेज को तबाह करने में सक्षम बताई जा रही है।

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रवि वैश्य
रवि वैश्य Author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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