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क्या है BLA जिसने बलूचिस्तान में छेड़ी पाकिस्तानी सेना और ISI के खिलाफ जंग?

BLA मुख्य रूप से पाकिस्तानी सेना, पुलिस, बुनियादी ढांचे (जैसे गैस पाइपलाइन और रेलवे), चीनी परियोजनाओं (CPEC) और गैर-बलूच निवासियों को निशाना बनाता है। वे चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों पर हमला करते हैं क्योंकि उनका मानना ​​है कि पाकिस्तान उनके संसाधनों का शोषण कर रहा है। क्या है बीएलए की मांग और कैसे करता है काम, आइए जानते हैं।

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Photo : AP
क्या है बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी?

बलूचिस्तान में हाल ही में भीषण हमलों ने एक बार फिर पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत को सुर्खियों में ला दिया है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी आंदोलनों से ग्रस्त रहा है। बलूचिस्तान में बलोच लोगों और पाकिस्तानी सरकार के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। बलूच लोग पाकिस्तानी सरकार पर प्रांत के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाता है। इनका कहना है कि स्थानीय आबादी को इससे कोई फायदा नहीं मिल रहा है। इस संघर्ष के केंद्र में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) है, जो एक उग्रवादी समूह है और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध लड़ रहा है। हालांकि पाकिस्तान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा बीएलए को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है, लेकिन कई बलूच लोग उनके कार्यों को आत्मनिर्णय और आजादी के लिए संघर्ष के रूप में देखते हैं।

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) क्या है?

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक बलूच राष्ट्रवादी सशस्त्र संगठन है जो पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है। बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला और पिछड़ा प्रांत है, गैस, खनिज और तटीय संपदा जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। BLA और स्थानीय लोगों का दावा है कि पाकिस्तानी सरकार इन संसाधनों का दोहन कर रही है और स्थानीय बलूच लोगों को इनसे कोई लाभ नहीं मिल रहा है। BLA का कहना है कि बलूच लोगों को उनके अधिकारों और स्वायत्तता से वंचित किया जा रहा है। वे इसके खिलाफ सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं।

बलूच विद्रोहियों के पास कितने लड़ाके हैं?

बलूच विद्रोहियों की कुल संख्या का सटीक अनुमान लगाना कठिन है क्योंकि ये संगठन गुप्त रूप से काम करते हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे रहते हैं। बलूचिस्तान में कई समूह सक्रिय हैं, जैसे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA), बलूचिस्तान लिबरेशन फोर्स (BLF), बलूच नेशनल आर्मी (BNA) और यूनाइटेड बलूच आर्मी (UBA)। इनमें से BLA सबसे बड़ा और सबसे सक्रिय संगठन है। 2020 में BLA के पास लगभग 600 सक्रिय लड़ाके होने की खबर थी। हालांकि, 2025 तक यह संख्या बढ़कर 3,000 हो गई। BLA की कुल सदस्यता कई हजार है, जिसमें लड़ाके, समर्थक और भर्ती करने वाले शामिल हैं। ऑपरेशन हेरोफ (Herof) में 3,000 से अधिक बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं।

सिर्फ बलूच समूहों के लड़ाके ही नहीं

BLF ने 2025 में दावा किया कि उसके 42 लड़ाके मारे गए, लेकिन कुल संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। जैश अल-अदल जैसे अन्य समूहों में 500-600 लड़ाके हैं। सभी बलूच अलगाववादी समूहों में लड़ाकों की कुल संख्या 5,000 से 10,000 के बीच हो सकती है, लेकिन भर्ती और हताहतों के कारण यह संख्या घटती-बढ़ती रहती है। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने 2025-2026 में 100 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया है।

पाकिस्तानी सेना की रणनीति क्या है?

बीएलए पाकिस्तानी सेना के साथ सीधे टकराव से बचता है क्योंकि सेना कहीं अधिक ताकतवर है। इसलिए, यह समूह गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाता है, जिसके तहत छोटे-छोटे हमलों से दुश्मन को कमजोर किया जाता है। यह रणनीति अफगानिस्तान में तालिबान की रणनीति के समान है, जहां हमला करके भागने की रणनीति का इस्तेमाल किया जाता है। बीएलए की रणनीति समय के साथ विकसित हुई है।

BLA की गुरिल्ला युद्ध रणनीति

BLA लड़ाके अक्सर पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर सेना की चौकियों, गश्ती दल और काफिलों पर अचानक हमले करते हैं। वे इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), रॉकेट और छोटे हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। फिर वे सेना को जवाबी कार्रवाई करने से रोकने के लिए तेजी से पीछे हट जाते हैं। मजीद ब्रिगेड आत्मघाती बम धमाके करती है, जिसमें पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं। ये हमले सेना के शिविरों, चौकियों और अन्य रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाते हैं। 2025 में ऐसे कई हमले हुए, जिनमें नोश्की और पंजगुर शिविरों पर हुए हमले भी शामिल हैं, जहां बीएलए ने तीन दिनों तक कब्जा जमाए रखा था।

सेना को तितर-बितर करने के लिए BLA एक साथ कई जगहों पर समन्वित हमले भी करता है। इसका एक उदाहरण ऑपरेशन हेरोफ (ब्लैक स्टॉर्म) है, जिसका दूसरा चरण 2026 में शुरू हुआ। इसमें 10 शहरों पर हमले, राजमार्गों को बंद करना और पाकिस्तानी झंडों को BLA के झंडे से बदला जाना शामिल था। 2025 में BLA ने 521 हमलों की जिम्मेदारी ली, जिसमें 1060 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।

BLA मुख्य रूप से पाकिस्तानी सेना, पुलिस, बुनियादी ढांचे (जैसे गैस पाइपलाइन और रेलवे), चीनी परियोजनाओं (CPEC) और गैर-बलूच निवासियों को निशाना बनाता है। वे चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों पर हमला करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि पाकिस्तान उनके संसाधनों का शोषण कर रहा है। यह समूह सोशल मीडिया का भी उपयोग करता है। वे टेलीग्राम, व्हाट्सएप और रंबल जैसे प्लेटफार्मों पर हमलों के वीडियो, प्रचार सामग्री और शहीदों की कहानियां साझा करते हैं। इससे भर्ती में आसानी होती है।

इसका क्या असर होगा?

यह संघर्ष बलूचिस्तान की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। पाकिस्तानी सेना बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है, लेकिन अलगाववाद कम नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा; राजनीतिक संवाद और विकास जरूरी हैं। लेकिन पाकिस्तानी सेना और सरकार दमन के जरिए इन्हें काबू करना चाहती है, जो नामुमकिन है। बलूचिस्तान के लोग लड़ाके माने जाते हैं और पाकिस्तान की ज्यादतियों ने आग में घी का काम किया है। आजादपसंद और लड़के बलूच पाकिस्तान की हर ज्यादती और जुल्म का जवाब अब बड़े पैमाने पर देने लगे हैं और ऑपरेशन हेरोफ इसका सबूत है।

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