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क्या है AI पावर्ड भारत विस्तार? फोन पर किसानों की समस्याएं होंगी दूर, मिलेंगे ये फायदे

जयपुर में इस टूल के उद्घाटन के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद थे। एआई पार्वड इस टूल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गत एक फरवरी को बजट भाषण में भारत-विस्तार के बारे में घोषणा करने के बाद हुआ है। भारत-विस्तार एआई से चलने वाला एक टूल है। इसमें कृषि से जुड़े पोर्टर्स को एक जगह पर लाया गया है।

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Photo : PTI
किसानों को समस्याएं दूर करेगा भारत विस्तार।
Updated Feb 17, 2026, 15:18 IST

What is AI-powered Bharat Vistar? दोस्तो, भारत में खेती करने वाले किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना होता है। ये समस्याएं खाद, बीज, योजनाओं से लेकर मौसम तक जुड़ी हुई हैं। किसानों की इन परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए उनके लिए भारत-विस्तार एआई टूल लॉन्च किया। किसानों को फोन पर परामर्श देने वाले एआई पावर्ड 'वर्चुअली इंटिग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस अग्रीकल्चर रिसोर्सेज' टूल का केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उद्घाटन किया। फोन पर इस टूल के जरिए किसान अब एक फोन कॉल पर मौसम के बारे में जानकारी, केंद्र एवं सरकार की योजनाओं और मंडी भाव की जानकारी पा सकेंगे। खास बात यह है कि ये सारी जानकारी उन्हें अपने स्थानीय भाषा में मिलेगी।

जयपुर में इस टूल के उद्घाटन के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद थे। एआई पार्वड इस टूल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गत एक फरवरी को बजट भाषण में भारत-विस्तार के बारे में घोषणा करने के बाद हुआ है।

क्या है भारत-विस्तार?

भारत-विस्तार एआई से चलने वाला एक टूल है। इसमें कृषि से जुड़े पोर्टर्स को एक जगह पर लाया गया है। साथ ही खेती-किसानी पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अध्यायों को एआई की मदद से समझाया गया है।

  • यह उन्नत मशीन लर्निंग मॉडलों द्वारा संचालित व्यक्तिगत फसल स्वास्थ्य और मौसम संबंधी अलर्ट प्रदान करेगा।
  • यह एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराएगा।
  • इसका इंटरफेस और ऑडियो सामग्री 22 से अधिक क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।
  • यह एग्रीटेक स्टार्टअप्स और साझेदारों को नवाचारी समाधान विकसित करने में सक्षम बनाएगा।
  • इसमें प्राकृतिक भाषा आधारित वॉयस बॉट्स होंगे, जिनके माध्यम से किसान बिना टाइप किए जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
  • यह राज्य के भूमि अभिलेखों और स्थानीय विस्तार सेवाओं के साथ एकीकृत समन्वय सुनिश्चित करेगा।

साधारण फोन भी इसे सपोर्ट करेगा

भारत‑VISTAAR को वॉयस‑फर्स्ट एआई के रूप में तैयार किया गया है, ताकि साधारण फीचर फोन वाला किसान भी सिर्फ कॉल करके इसका लाभ ले सके। इसके लिए टेलीफोनी हेल्पलाइन 155261 को प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, साथ ही वॉयस इनपुट‑आउटपुट, वेबसाइट और मोबाइल साइट चैटबॉट जैसी सुविधाएं भी तैयार हैं, वहीं एंड्रॉयड ऐप भी जारी किया जाएगा।

मौसम, मंडीभाव, कीट‑रोग और योजनाओं का एकीकृत समाधान

फेज‑1 लांच के लिए भारत‑विस्तार में IMD से मौसम की जानकारी, एममार्कनेट से मंडीभाव, एनपीएसएस के जरिए कीट और बीमारी प्रबंधन, एग्री‑स्टैक डेटा और 10 केंद्र सरकार योजनाओं की जानकारी को जोड़ा गया है। इसके साथ ही योजना की डिटेल, आवेदन की स्थिति, लाभ की ट्रैकिंग और शिकायत दर्ज कर समाधान की स्थिति देखने की सुविधा भी इंटीग्रेट की गई है, ताकि किसान को बार‑बार दफ्तर या अलग‑अलग पोर्टल न घूमने पड़ें।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में भारत‑VISTAAR

भारत‑VISTAAR को कृषि क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए किसान‑केंद्रित, एआई‑संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में डिजाइन किया गया है, जो 'प्लग‑एंड‑प्ले' मॉडल पर काम करेगा ताकि अलग‑अलग सरकारी, वैज्ञानिक और बाज़ार संबंधी प्रणालियों को आसानी से जोड़ा जा सके। यह प्लेटफॉर्म सत्यापित एवं सुरक्षित जानकारी पर आधारित है, मल्टीमॉडल और बहुभाषी पहुंच देता है और ऐसा ढांचा प्रदान करता है, जिसे विभिन्न राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर अपनाकर बड़े स्तर पर प्रभाव पैदा कर सकती हैं।

वॉयस‑फर्स्ट एआई, फीचर फोन और राज्यों से जुड़ाव

भारत‑VISTAAR को भारत सरकार द्वारा निर्मित एआई‑संचालित कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें वॉयस‑फर्स्ट एआई के ज़रिए देश के किसानों तक सेवा पहुंचाने पर विशेष जोर है, ताकि फीचर फोन उपयोगकर्ता भी टेलीफोनी के माध्यम से इस सुविधा का लाभ ले सकें। फेज‑1 में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों को प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है और आगे चलकर इसे अन्य राज्यों और अधिक भारतीय भाषाओं तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे यहराष्ट्रीय स्तर का कृषि डिजिटल नेटवर्क बन जाएगा व किसानों के लिए लाभकारी होगा।

ICAR, KVK व वैज्ञानिक सलाह से जुड़ा मजबूत नेटवर्क

भारत‑VISTAAR में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)के पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज, फसल प्रबंधन और सॉइल हेल्थ कार्ड आधारित मृदा सलाह को शामिल किया गया है, जिससे किसान को वैज्ञानिक और क्षेत्र‑विशेष सलाह मिल सके।इससे यह प्लेटफॉर्म सिर्फ सूचना देने वाला नहीं, बल्कि एक तरह से 'डिजिटल कृषि सलाहकार' बन जाता है, जो फसल और खेत के बेहतर निर्णय में मदद करेगा।यह ऐतिहासिक लांच कार्यक्रम स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट, दुर्गापुरा, जयपुर में आयोजित होगा। भारत विस्तार के माध्यम से किसानों को अलग-अलग कार्यालयों, वेबसाइटों, ऐप्स या बिचौलियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सभी संबंधित जानकारी का एकल और विश्वसनीय स्रोत होगा — उनकी अपनी भाषा में, टेक्स्ट और वॉयस आधारित संवाद के माध्यम से।

किसान इसे कैसे उपयोग कर सकेंगे

भारत विस्तार 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। किसान भारत विस्तार चैटबॉट और टेक्स्ट आधारित संवाद के जरिए अपने सुझाव और जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

लॉन्च के समय उपलब्ध सेवाएं

  • 10 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की जानकारी, जिनमें शामिल हैं: पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY), मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC), संशोधित ब्याज अनुदान योजना, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन, प्रति बूंद अधिक फसल, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान, कृषि अवसंरचना कोष और किसान क्रेडिट कार्ड।
  • लाभ की स्थिति की जांच (पीएम-किसान, PMFBY और मृदा स्वास्थ्य कार्ड)।
  • पीएम-किसान शिकायत पंजीकरण और ट्रैकिंग।
  • फसल और पशुपालन संबंधी सलाह।
  • ICAR के वैज्ञानिक ज्ञान पर आधारित सलाह।
  • कीट और रोग संबंधी अलर्ट।
  • वास्तविक समय की जानकारी — मौसम पूर्वानुमान (IMD से) और मंडी भाव (Agmarknet से)।
  • मौसम आधारित कृषि सलाह।
  • राज्यों और सहकारी संस्थाओं की एआई प्रणालियां — महाराष्ट्र का MahaVistaar, बिहार का BiharKrishi और AmulAI।

लॉन्च के समय भाषाई क्षमता

  • चैटबॉट (टेक्स्ट आधारित संवाद): अंग्रेजी और हिंदी।
  • टेलीफोन कॉल: 'भारती' प्रारंभ में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी।
  • महाराष्ट्र के किसान Vasudha (मराठी) के माध्यम से
  • गुजरात के किसान AmulAIकी Sarlaben (गुजराती) के माध्यम से
  • बिहार के किसान Bihar Krishi App (हिंदी) के माध्यम से भारतविस्तार का उपयोग कर सकेंगे।

चरणबद्ध रूप से जोड़ी जाने वाली सेवाएं और भाषाएं

मई 2026 तक सभी केंद्रीय योजनाओं को पात्रता, आवेदन, लाभ की स्थिति और शिकायत निवारण के लिए एकीकृत किया जाएगा।

मौसम, कीट, फसल उपयुक्तता, बाजार मूल्य, उर्वरक आवश्यकता आदि से संबंधित अधिक व्यक्तिगत सलाह जोड़ी जाएगी।

अगले 3 महीनों में यह तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ भाषाओं में उपलब्ध होगा, साथ ही संबंधित राज्य सरकार की योजनाएं भी जोड़ी जाएंगी। अन्य राज्यों की योजनाएं और सेवाएं चरणबद्ध तरीके से जोड़ी जाएंगी। अगले 6 महीनों में यह कुल 11 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी और 9 क्षेत्रीय भाषाएं) में उपलब्ध होगा।

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