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रूस में भारतीयों को नौकरी, न्यूक्लियर डील; रक्षा सहयोग... पढ़ें मोदी-पुतिन 'बिग डील' की ABCD

India-Russia Relationship: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर का भारत दौरा बेहद खास रहा। गुरुवार शाम पालम एयरपोर्ट पर उतरने के बाद से ही पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की केमिस्ट्री की चर्चा होने लगी। वहीं, दोनों देशों के बीच शुक्रवार को कई अहम समझौते हुए। आइए जरा उन समझौतों का जिक्र करें जिनकी वजह से भारत-रूस के संबंध और मजबूत होने वाले हैं।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की लीडरशिप में भारत और रूस के बीच शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता हुई।(फोटो सोर्स: चाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

India-Russia Relationship: पिछले आठ दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मानवता को कई चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है। इसके बावजूद भारत-रूस की मित्रता ध्रुव तारे की तरह अडिग रही है।’ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात का जिक्र करते हुए दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत और रूस की "ट्राई एंड टेस्टेड फ्रेंडशिप" को कोई तोड़ नहीं सकता।

राष्ट्रपति पुतिन के दो दिवसीय भारत दौरे (Putin India Visit) पर दुनिया की नजर थी। करीब 28 घंटों तक पुतिन भारत की सरजमीं पर थे। राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की कितनी शानदार केमिस्ट्री है, उसका नजारा तो गुरुवार शाम को ही दुनिया ने देख लिया, जब दोनों नेता एक साथ कार में बैठकर लोक कल्याण मार्ग (प्रधानमंत्री आवास) की ओर रवाना हुए।

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पुतिन और पीएम मोदी ने एक साथ कार में बैठकर एयरपोर्ट से लोक कल्याण मार्ग के लिए हुए रवाना।(फोटो सोर्स: ANI)

प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में पुतिन ने रात्रिभोज का लुत्फ उठाया। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को भगवत गीता का रूसी अनुवाद भेंट किया।

वहीं, शुक्रवार को दोनों नेताओं ने 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने बातचीत के जरिए और कूटनीति के जरिए यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर जोर दिया और पुतिन ने भी कहा कि रूस संघर्ष के शांतिपूर्ण हल के लिए काम कर रहा है।

नौकरियों से लेकर व्यापार और ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक दोनों देशों ने 11 अहम समझौते किए, जो नौवहन, उर्वरक, स्वास्थ्य सेवा, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करने से संबंधित हैं। इन समझौतों को 'डील ऑफ द डिकेड' कहा जा सकता है।

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भारत-रूस के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता।(फोटो सोर्स: ANI)

आइए जानते हैं क्या-क्या 11 अहम समझौते हुए

व्यापार सहयोग 2030 लक्ष्य

दोनों देशों ने तय किया कि 2030 तक पारस्परिक निवेश और व्यापार को नई ऊंचाई पर ले जाया जाएगा। लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को कई गुना बढ़ाया जाए और आर्थिक साझेदारी को नई संरचना मिले।

ऊर्जा क्षेत्र साझेदारी

दोनों देश तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल और उर्वरक आपूर्ति में एक-दूसरे के प्रमुख साझेदार बने रहेंगे। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई परियोजनाओं और तकनीकी सहयोग पर सहमति बनी।

समुद्री व परिवहन कनेक्टिविटी

भारत और रूस ने उत्तरी समुद्री मार्ग, चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर और अंतरराष्ट्रीय नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर सहयोग गहरा करने पर मंजूरी दी। इससे दोनों देशों के बीच तेज़ और किफायती व्यापारिक परिवहन मार्ग बनेंगे।

परमाणु व अंतरिक्ष सहयोग

परमाणु संयंत्रों के विकास, ईंधन चक्र सहयोग और अंतरिक्ष अनुसंधान, जिसमें मानव अंतरिक्ष अभियानों और सैटेलाइट नेविगेशन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं, पर साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला हुआ।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हम छोटे ‘मॉड्यूलर’ परमाणु रिएक्टर और ‘फ्लोटिंग’ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में सहयोग को लेकर भी बात कर सकते हैं।

पुतिन ने कहा कि रूस, भारत और अन्य समान विचारधारा वाले राष्ट्र एक न्यायसंगत और बहुध्रुवीय विश्व की दिशा में काम कर रहे हैं।

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भारत-रूस के बीच 11 अहम समझौते हुए।(फोटो सोर्स: Narendra Modi)

रक्षा व लॉजिस्टिक सपोर्ट

नई व्यवस्था के तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, पोर्ट और सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगी। यह रक्षा सहयोग को और अधिक व्यावहारिक और संचालन-स्तर पर मजबूत बनाता है।

स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा

चिकित्सा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य तकनीक, और खाद्य सुरक्षा मानकों के क्षेत्र में संयुक्त कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य दोनों देशों में स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।

भारतीय विशेषज्ञ मोबिलिटी

योग्य भारतीय इंजीनियरों और विशेषज्ञों को रूस में काम करने के लिए सरल प्रक्रियाओं और सुरक्षित ढांचे पर सहमति बनी। इससे तकनीकी कार्यबल के लिए नए अवसर खुलेंगे।

मीडिया और प्रसारण सहयोग

दोनों देशों के प्रसारण संगठनों के बीच सामग्री निर्माण, तकनीकी आदान-प्रदान और प्रशिक्षण के लिए एक नई सहयोग व्यवस्था बनाई गई है। इसका लक्ष्य सांस्कृतिक और सूचनात्मक कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।

पर्यटन व वीजा सुधार

रूस के नागरिकों के लिए ई-टूरिस्ट वीजा और समूह वीजा की नई सुविधा लागू की जाएगी। पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया।

कस्टम्स डेटा साझेदारी

कस्टम्स सूचना, वाहनों और माल की आवाजाही से जुड़े डेटा को साझा करने की व्यवस्था बनेगी। इससे व्यापार में समय, लागत और औपचारिकताओं में कमी आएगी।

जलवायु व वैश्विक सहयोग

दोनों देशों ने जलवायु कार्रवाई, उत्सर्जन घटाने और विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर साझा सहयोग की दिशा में प्रतिबद्धता जताई। उद्देश्य है—वैश्विक मुद्दों पर संयुक्त नेतृत्व और स्थिरता को बढ़ाना।

सेक्टर घोषणा असर
स्वास्थ्य2 बड़े मेडिकल समझौतेटेक, ट्रेनिंग और हेल्थ इन्फ्रा में सुधार
कृषि-फर्टिलाइजरसंयुक्त यूरिया उत्पादनखाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूती
ट्रेडनेशनल करेंसी में लेनदेनडॉलर डिपेंडेंसी कम, तेज व्यापार
ऊर्जालगातार ईंधन आपूर्तिभारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत
वीजारूसियों को 30 दिन का फ्री वीजाटूरिज्म, एजुकेशन और बिजनेस तेज
मैनपावरभारतीय कामगारों के लिए मोबिलिटी एग्रीमेंटरूस में नौकरी और स्किल
रक्षादोनों देशों की सेनाएं करेंगी एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों का उपयोगसैन्य संचालन को मिलेगा मजबूती

आतंकवाद का जिक्र और पाकिस्तान

समझौते के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के समकक्ष आतंकवाद का जिक्र कर बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने कहा, "भारत और रूस लंबे समय से इस खतरे के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, चाहे पहलगाम में आतंकवादी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला। इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है।"

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नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता।(फोटो सोर्स: Narendra Modi)

पीएम मोदी ने कहा, "भारत का यह दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"

इस समझौते की सबसे अहम कड़ी मैनपावर मेबिलिटी एग्रीमेंट को माना जा रहा है। दरअसल, इस एग्रीमेंट के तहत भारतीय स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड कामगारों को रूस में काम करने का मौका मिलेगा। यह एग्रीमेंट कंपनियों के बीच नियमों को आसान करेगा और भारत को एक विश्वसनीय वर्कफोर्स सोर्स के रूप में स्थापित करेगा।

वहीं, रूसी नागरिकों के लिए भारत ने 30 दिनों का फ्री वीजा देने की घोषणा की है। इससे भारत में टूरिज्म, स्टूडेंट एक्सचेंज, और मेडिकल टूरिज्म में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

तेल का जिक्र और ट्रंप को चुनौती

कुछ महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के रूस से तेल खरीदने का हवाला देकर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने का एलान किया था। हालांकि, भारत ने अमेरिका पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। भारत ने दो टूक कहा कि हम अपने हित से समझौता नहीं करेंगे। अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखा।

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हैदराबाद हाउस में साथ चलते पुतिन और पीएम मोदी।(फोटो सोर्स: Narendra Modi)

कच्चे तेल का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा, "रूस, भारत को बिना रुकावट के तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए तैयार है, और रूस मेक इन इंडिया में सहयोग करेगा।"

शुक्रवार सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने रूसी भाषा में एक खास नोट लिखा। इस नोट में उन्होंने मल्टीपोलर वर्ल्ड का जिक्र किया।

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राजघाट जाकर पुतिन ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि।(फोटो सोर्स: Randhir Jaiswal)

पुतिन ने रूसी भाषा में लिखा, "कई मामलों में, महात्मा गांधी ने नए, ज्यादा न्यायपूर्ण मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर का अंदाजा लगाया था, जो अब बन रहा है। लियो टॉल्स्टॉय को लिखे अपने खतों में, उन्होंने हुक्म और दबदबे से मुक्त दुनिया के भविष्य पर विस्तार से सोचा था, जो देशों के बीच बराबरी, आपसी सम्मान और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित हो। ये वही सिद्धांत और मूल्य हैं जिन्हें रूस और भारत आज इंटरनेशनल स्टेज पर मिलकर बनाए रखते हैं।"

राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की केमिस्ट्री और भारत-रूस के बीच 2030 तक का रोडमैप इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि दोनों देशों की दोस्ती अब और भी मजबूत होने वाली है।

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