Times Now Navbharat
live-tv
Premium

Strait of Hormuz: होर्मुज पर ईरान की ‘ओपन-शट’ नीति: क्या यह अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश है?

Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका (US)-ईरान (Iran) के बीच दूसरे दौर की वार्ता से पहले शह और मात का खेल जारी है और इसका केंद्र बना हुआ है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज।

Image
दूसरे दौर की बातचीत से पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद (AI Photo)
Curated by: Shishupal Kumar
Updated Apr 19, 2026, 14:47 IST

Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच दूसरे दौर की वार्ता होनी है। दोनों ओर से इस बातचीत की तैयारी हो रही है, लेकिन इस वार्ता से पहले ही दोनों देशों के बीच तनाव फिर से गहरा गया है। दरअसल, ईरान ने एक दिन पहले ही, यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की घोषणा की थी। यह घोषणा तब हुई थी, जब ईरान की एक शर्त पूरी हो गई थी- लेबनान और इजराइल के बीच युद्धविराम। हालांकि यह युद्धविराम भी दिखावे की तरह ही रहा और हमले फिर शुरू हो गए। होर्मुज फिर बंद हो गया। हालांकि होर्मुज अमेरिका की एक गलती के कारण बंद हुआ, जिसकी घोषणा खुद ट्रंप ने की थी। ट्रंप की इसी घोषणा को गलती के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज पर ईरान की ओपन और शट नीति को अमेरिका पर दवाब बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

किस शर्त पर ईरान ने खोला था होर्मुज?

ईरान ने शुक्रवार को घोषणा की कि होर्मुज सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि लेबनान में लागू युद्धविराम को ध्यान में रखते हुए, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों के लिए मार्ग युद्धविराम की शेष अवधि तक पूरी तरह सुरक्षित और खुला रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहाजों को केवल उन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करना होगा, जिन्हें ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन ने पहले से निर्धारित और घोषित किया है। इस बयान के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी होर्मुज का जिक्र करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी-अभी यह घोषणा की है कि जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है और जहाजों की आवाजाही के लिए तैयार है, और इसके लिए उन्होंने धन्यवाद भी व्यक्त किया।

ट्रंप कहां कर बैठे गलती?

ईरान की इस घोषणा के बाद ट्रंप ने जहां एक और धन्यवाद कहा, वहीं दूसरी ओर एक और घोषणा कर बैठे। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज भले ही खुला है, युद्धविराम की तारीख भले ही बढ़ गई है, लेकिन ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि होर्मुज पूरी तरह से खुला है और व्यापार और आवागमन के लिए तैयार है, लेकिन ईरान के संबंध में नौसैनिक नाकेबंदी तब तक पूरी तरह से लागू रहेगी जब तक ईरान के साथ हमारा समझौता शत प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि अधिकांश बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो चुकी है।’’

ईरान ने दी धमकी, लेकिन अमेरिका को नहीं हुआ असर

18 अप्रैल को सुबह-सुबह ईरान ने अमेरिका को साफ-साफ शब्दों में कहा कि अगर नाकाबंदी जारी रही हो होर्मुज फिर से बंद कर दिया जाएगा। ईरान ने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी जारी रखी तो वह इसे फिर से बंद कर सकता है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि यह नाकेबंदी पिछले सप्ताह ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने शनिवार तड़के ’एक्स’ पर लिखा, ’’यदि नाकेबंदी जारी रही तो जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।’’

और फिर से बंद हो गया हॉर्मुज?

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले को लेकर तुरंत पलटी मारते हुए शनिवार को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिये। देश की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले की स्थिति में लौट आया है ... और अब यह सशस्त्र बलों के कड़े प्रबंधन और नियंत्रण में है। इसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक वह जलडमरूमध्य में आवागमन को अवरुद्ध करना जारी रखेगा।

चलने लगी गोली और लौटने लगे जहाज

ईरान के होर्मुज खोलने की घोषणा के बाद भारत समेत, दुनिया के कई देशों के तेल टैंकर और एलपीजी टैंकर होर्मुज क्रॉस करने के लिए निकल पड़े थे, लेकिन जैसे ही वो बीच रास्ते पहुंची ईरानी बलों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। ब्रिटेन की सेना ने शनिवार को कहा कि ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड की दो गनबोट ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर गोलीबारी की। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने कहा कि टैंकर को कोई नुकसान नहीं हुआ और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। ब्रिटेन की सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक मालवाहक जहाज पर हमला किया गया।

भारत भड़का और ईरानी राजदूत को कर लिया तलब

ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड की गोलीबारी की खबरों के बाद होर्मुज में दो भारतीय जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा। टैंकरट्रैकर्सडॉट कॉम ने बताया कि इन जहाजों में भारतीय ध्वज वाला एक सुपर टैंकर भी शामिल है, जो इराक से 20 लाख बैरल तेल ले जा रहा है। आंकड़ों से यह भी पता चला कि तेल टैंकर ’सनमार हेराल्ड’, ’देश वैभव’ और ’देश विभोर’ के साथ-साथ मालवाहक पोत ’जग अर्नव’ ने अपना मार्ग बदल लिया। इस घटना पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को इस "गोलीबारी की घटना" पर भारत की "गहरी चिंता" से अवगत कराया।

दूसरे दौर की वार्ता पर कितना होगा असर?

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी हो रही है, लेकिन इस तनाव के बाद यह सवाल उठने लगा है कि कही पहले दौर की वार्ता की तरह कहीं ऐसा न हो कि यह भी फेल हो जाएगा। क्योंकि न तो अमेरिका झुकने के लिए तैयार दिख रहा और न ही ईरान। विश्लेषक यह भी मान रहे हैं कि दूसरी दौर की वार्ता से पहले दोनों पक्ष माइंड गेम खेलकर एक दूसरे पर दवाब बना रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा शर्तें उनके हिसाब से मानी जा सके।

End of Article