अजब महाराष्ट्र की गजब राजनीति, संकट में महाविकास अघाड़ी! चाचा-भतीजा फिर आए साथ; कांग्रेस का गठबंधन से इंकार
Pune Local Body Election: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से उलटफेर दिखाई दे रहा है। घर, दफ्तर, विधानसभा से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने वाले चाचा और भतीजे ने हाथ मिलाया है, जो शायद ही विपक्षी गठबंधन वाले महाविकास अघाड़ी में शामिल दल को रास नहीं आ रहा। तभी तो कांग्रेस ने दूरी बना ली और शिवसेना (यूबीटी) ने अपना अलग गठबंधन बनाया।
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Dec 26, 2025, 10:03 AM IST
Pune Local Body Election: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से उलटफेर दिखाई दे रहा है। घर, दफ्तर, विधानसभा से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने वाले चाचा और भतीजे ने हाथ मिलाया है, जो शायद ही विपक्षी गठबंधन वाले महाविकास अघाड़ी (MVA) को रास आए। दरअसल, हम बात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के मुखिया शरद पवार और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की कर रहे हैं। चाचा और भतीजे ने एक साथ आकर सभी को चौंका दिया है।
अचानक कैसे बदले समीकरण
चाचा शरद पवार के साथ भतीजे अजित पवार ने पुणे नगर निगम चुनावों के लिए महज हाथ मिलाया है। इससे कांग्रेस खफा भी है। एक तरफ ठाकरे बंधु साथ आ गए तो दूसरी ओर पवार परिवार ने तमाम मतभेदों को भुलाते हुए पुणे नगर निगम के लिए हाथ मिला लिया। भले शरद पवार और अजित पवार ने सीधे तौर पर एक-दूसरे से हाथ न मिलाया हो, लेकिन चुनावों के मद्देनजर दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन तो हो ही गया है।
किस खेमे में शामिल होगी कांग्रेस
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह एनसीपी (एसपी) या एनसीपी, दोनों के साथ ही गठबंधन करने के मूड में नहीं है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने गुरुवार को कहा कि एनसीपी (एसपी) या अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ कांग्रेस गठबंधन नहीं करेगी, क्योंकि इन दोनों दलों ने पुणे महानगर पालिका चुनाव एक साथ लड़ने का फैसला किया है।
कांग्रेस के इस निर्णय के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ग्रैंड ओल्ड पार्टी महाविकास आघाडी (MVA) के अपने दूसरे सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन कर सकती है और इन संभावनाओं को उस वक्त और बल मिला जब मोहन जोशी ने अपनी टिप्पणी में शिवसेना (यूबीटी) और समान विचारधारा वाले अन्य संगठनों के साथ गठबंधन की संभावना तलाशने की बात कही।
कांग्रेस के पास क्या-क्या विकल्प
मोहन जोशी ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई की एक बैठक गुरुवार को मुंबई में पार्टी प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल के नेतृत्व में हुई। बैठक के दौरान निर्देश जारी किए गए कि कांग्रेस को शिवसेना (यूबीटी), आम आदमी पार्टी (AAP) और राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) जैसी समान विचारधारा वाली पार्टियों से हाथ मिलाना चाहिए। अगर वंचित बहुजन आघाडी शामिल होना चाहती है तो उसका भी स्वागत है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार सहित अन्य नेता (फाइल फोटो)
भतीजे पवार कांग्रेस को दे चुके हैं ऑफर!
हाल ही में, कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने कहा था कि उन्हें पुणे निकाय चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर अजित पवार से प्रस्ताव मिला है। जब इस बारे में मोहन जोशी से सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कहा कि चूंकि, एनसीपी (एसपी) और एनसीपी एक साथ चुनाव लड़ रही हैं, इसलिए कांग्रेस दोनों पार्टियों में से किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
पुणे नगर निगम में 41 वार्ड के 165 पार्षदों का चुनाव होता है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने एकला चलो की रणनीति अपनाई थी और उसे मुंह की खानी पड़ी। कांग्रेस ने 85 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन 10 सीटों पर ही कामयाबी हासिल कर पाई। शिवसेना (यूबीटी) का भी यही हाल था। मतलब पार्टी ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन दलगत राजनीति के चलते एक भी पार्षद नहीं बचा पाई, ज्यादातर पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया।
