Seva Teerth New House of PMO: दशकों तक प्रधानमंत्री कार्यालय जिसे PMO कहा जाता था, अब उसका पता बदल गया है। अब इसका ठिकाना साउथ ब्लॉक में नहीं बल्कि सेवा तीर्थ परिसर में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को इस परिसर का उद्घाटन किया। इस सेवा तीर्थ परिसर में ही उन्होंने कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का भी उद्घाटन किया। पीएमओ का अपना एक इतिहास रहा है। आजादी के बाद से पीएमओ ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक से चलता रहा है। अब तक यह देश के बड़े फैसलों का गवाह बना। इस दौर में इसने कई प्रधानमंत्री देखे। देश को दशा और दिशा लेने वाले फैसले यहीं लिए जाते रहे। साउथ ब्लॉक से पीएमओ का शिफ्ट होना उस औपनिवेशक अतीत से दूर जाना है, जिसकी परछाई से आज भी भारतीय शासन व्यवस्था पूरी तरह से मुक्ति नहीं हो पाई है। 'सेवा तीर्थ' के रूप में पीएमओ को नया घर मिला है। यह 'सेवा तीर्थ' बदले हुए भारत की आकांक्षाओं और सपनों का एक तरह से मूर्त रूप है।
कर्तव्य भवन 1 एवं दो में शिफ्ट होंगे कई मंत्रालय
साउथ ब्लाक से वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, कॉरपोरेट अफेयर, शिक्षा, संस्कृति, कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि, किसान कल्याण, रसायन एवं आदिवासी मंत्रालय कर्तव्य भवन 1 एवं दो में शिफ्ट होंगे। सेवा तीर्थ परिसर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का ही एक हिस्सा है और इसके निर्माण में करीब 1,200 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसका निर्माण साल 2019 में शुरू हुआ। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनी संसद की नई इमारत का उद्घाटन साल 2023 में और इसके बाद कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट इमारतों का उद्घाटन 2025 में हुआ। सेवा तीर्थ लाल एवं पीले रंग के मिश्रण से युक्त एक तरह का एग्जीक्यूटिव इंक्लेव है और इसे खुले परिसर में बनाया गया है। इसमें भारतीय सभ्यता एवं आधुनिक डिजाइन दोनों का सम्मिश्रण है। जबकि रायसीना हिल्स पर स्थित साउथ ब्लॉक पर ब्रिटिश ढांचे की छाप है।
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साउथ ब्लॉक में इस प्रकार की सुविधा नहीं थी
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को 1926-27 में हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। हालांकि, समय-समय पर आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसमें थोड़े बड़े बदलाव भी होते रहे। लेकिन स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया ‘सेवा तीर्थ’ परिसर व्यापक सुरक्षा और संरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित है। बताया जाता है कि यह भूकंप-रोधी है और हर परिस्थिति में संचालन योग्य रहने के लिए तैयार किया गया है। सेवा तीर्थ की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘इंडिया हाउस’ है, जो एक आधुनिक सम्मेलन सुविधा है। यहां उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएंगी। साउथ ब्लॉक में इस प्रकार की समर्पित सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण बैठकों के लिए अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं।
कई केंद्रीय मंत्रालय अब एक छत के नीचे
सेवा तीर्थ, साउथ ब्लॉक की बंद-दरवाजों वाली सत्ता संस्कृति से अलग एक नई कार्यप्रणाली प्रस्तुत करता है। अब अधिकारी साझा कार्यस्थलों में काम करेंगे, जिससे सहयोग और समन्वय को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पीएमओ ने एक बयान में कहा, 'यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है और यह प्रधानमंत्री की आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है… सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत थे।' इसके अलावा, यह कई केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों को भी एक ही छत के नीचे लाता है।
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'अतीत और भविष्य का संगम’
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से नवनिर्मित सेवा तीर्थ में स्थानांतरित करने को 'अतीत और भविष्य का संगम’ करार दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में हुई आखिरी बैठक के बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां पत्रकारों के समक्ष पारित प्रस्ताव को पढ़ा जिसके मुताबिक यह कदम 'महज स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, बल्कि अतीत और भविष्य का संगम है।’ उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण किया था, लेकिन आजादी के बाद भी लगातार सरकारों ने इन इमारतों का इस्तेमाल कार्यालय के तौर पर किया। मोदी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय के नए भवन ’विकसित भारत’ की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं और ये नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
देश तेजी से संतृप्ति लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा-PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी ऐतिहासिक इमारतें, जिनमें अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा रक्षा, गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय स्थित हैं, ब्रिटिश साम्राज्य के आदर्शों को मूर्त रूप देने के लिए बनाई गई थीं, लेकिन सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का निर्माण देश की जनता की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, "यहां लिए गए निर्णय किसी सम्राट की इच्छा को प्रतिबिंबित करने के बजाय 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की नींव बनेंगे। इसी भावना के साथ, मैं सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन को देश की जनता को समर्पित करता हूं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 'सुधार एक्सप्रेस' पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नया अध्याय लिख रहा है और व्यापार समझौतों के माध्यम से नए द्वार खोल रहा है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से संतृप्ति लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, और काम की नई गति और सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में नए सिरे से विश्वास राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
