NEET Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा नीट यूजी 2026 एग्जाम के प्रश्नपत्र लीक हो जाने के बाद सिस्टम के कई 'लूपहोल्स' उजागर हो रहे हैं। इसी बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच में यह सामने आया है कि परीक्षा से पहले ही केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के प्रश्नों का शत-प्रतिशत मिलान होने वाले दस्तावेज छात्रों के बीच घूम रहे थे। इसी सुराग ने जांच एजेंसियों को एनटीए के भीतर और उससे जुड़े एक 'इंसाइडर नेटवर्क' (अंदरूनी सिंडिकेट) तक पहुंचाया।
परीक्षा से ठीक पहले व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक 'गेस पेपर' या मॉक टेस्ट की 60 पन्नों की हैंडरिटन पीडीएफ फाइल वायरल हो रही थी। जब जांच एजेंसियों और एनटीए ने इसकी जांच की तो सामने आया कि परीक्षा में पूछे गए केमिस्ट्री के सभी 45 सवाल इस गेस पेपर से हूबहू मेल खा रहे थे। किसी बाहरी व्यक्ति के लिए बिना अंदरूनी मदद के इतने सटीक सवाल तैयार करना नामुमकिन था, जिसने एनटीए के भीतर सक्रिय एक 'इंसाइडर सिंडिकेट' की पोल खोल दी।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार , नीट परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद यानी 7 मई को राजस्थान के सीकर के एक मुखबिर से एनटीए को एक ईमेल मिला। मुखबिर ने कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र की पीडीएफ प्रति एजेंसी के साथ साझा की।
टेलीग्राम पर शेयर किए जा रहे थे नीट के प्रश्नपत्र। AI IMAGE
पी.वी. कुलकर्णी पर सीबीआई का गहराया शक
सीबीआई का ध्यान अब पुणे के रिटायर लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी पर केंद्रित है, जिन्हें पिछले सप्ताह ही इस घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों को पुख्ता संदेह है कि कुलकर्णी न केवल केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र तैयार करने में शामिल थे, बल्कि उन्हें इस पेपर का मराठी भाषा में ट्रांसलेट करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। इसी दोहरी भूमिका का फायदा उठाकर उन्होंने कथित तौर पर पेपर लीक किया।
कई भाषाओं में ट्रांसलेट होते हैं पेपर
नीट के प्रश्नपत्र कई भाषाओं में छपते हैं। ऐसे में ट्रांसलेटर्स की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। एक ट्रांसलेटर अंग्रेजी से दूसरी भाषा में प्रश्न पत्र का ट्रांसलेट करता है। जबकि दूसरी ट्रांसलेटर उसी भाषा से वापस अंग्रेजी में अनुवाद करता है। एनटीए ऐसेा इसलिए करता है कि जिससे किसी भी तरह की गलती ना हो जाए।
नीट प्रश्न पत्र कई भाषाओं में ट्रांसलेट होते हैं। AI IMAGE
री-एग्जाम के लिए NTA ने कर ली ठोस तैयारी
दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) की तारीख 21 जून तय की गई है। हालांकि री-एग्जाम से ठीक पहले एनटीए ने परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने पूरे सिस्टम में आमूल-चूल बदलाव शुरू कर दिया है।
इसके तहत एजेंसी ने आगामी परीक्षा के लिए भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) के सभी पेपर सेटर्स (प्रश्न-निर्धारक) और अनुवादकों की पुरानी टीम को पूरी तरह हटाकर नई टीम को यह गोपनीय जिम्मेदारी सौंपी है।ॉ
साथ ही भविष्य में किसी भी तरह के डेटा लीक को रोकने और परीक्षा की शुचिता को मजबूत करने के लिए एजेंसी अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) में भी कड़े संशोधन कर रही है।
प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर खुद को मजबूत करने के लिए NTA अपनी आंतरिक प्रणालियों का पुनर्गठन कर रहा है, जिसके तहत मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जैसे वरिष्ठ पदों के लिए विज्ञापन जारी कर नई नियुक्तियां शुरू की गई हैं।
इसमें प्रस्तावित सीटीओ (CTO) की भूमिका सबसे अहम होगी, जो एजेंसी के पूरे डिजिटल परीक्षा तंत्र की कमान संभालेंगे। इनके जिम्मे प्रश्न पत्र प्रबंधन, सुरक्षित मूल्यांकन प्रणाली, साइबर सुरक्षा और परिणाम प्रसंस्करण (Result Processing) जैसी महत्वपूर्ण कड़ियों की देखरेख होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
अब तक कौन-कौन हुआ गिरफ्तार
पीवी कुलकर्णी (पुणे)
सीबीआई जांच में जांचकर्ताओं द्वारा मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाने गए पहले व्यक्ति सेवानिवृत्त केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी हैं, जिन्हें अधिकारियों ने इस नेटवर्क का सरगना बताया। मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले कुलकर्णी पुणे में कार्यरत थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया।
मनीषा गुरुनाथ मंधारे (पुणे)
इस मामले में दूसरी मुख्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे थीं, जो पुणे की एक वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान लेक्चरर हैं और मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने वाली NTA समिति की सदस्य भी थीं। CBI के अनुसार, उन्हें परीक्षा के वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान अनुभागों तक पूरी पहुंच थी।
मनीषा वाघमारे (पुणे)
पुणे की एक अन्य प्रमुख आरोपी मनीषा वाघमारे, जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं, 14 मई को मंधारे और कुलकर्णी द्वारा संचालित कोचिंग कक्षाओं के लिए छात्रों को जुटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
धनंजय लोखंडे (अहिल्यानगर, महाराष्ट्र)
लोखंडे को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में प्रश्नपत्र लीक कांड में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं का दावा है कि वाघमारे ने पैसे के बदले अभिभावकों और छात्रों को उससे जोड़ा।
शुभम खैरनार (नासिक)
27 वर्षीय बीएएमएस छात्र शुभम खैरनार को नासिक के इंदिरा नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। नासिक पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोखंडे ने कथित तौर पर नीट प्रश्नपत्र वाला एक पैकेट खैरनार को भेजा था, जिसके लिए उसने कथित तौर पर 10 लाख रुपये का भुगतान किया था।
यश यादव (हरियाणा)
जांचकर्ताओं का आरोप है कि खैरनार ने बाद में यह सामग्री गुरुग्राम निवासी यश यादव को सौंप दी। यादव ने कथित तौर पर यह सामग्री जयपुर निवासी मंगिलाल बिवाल उर्फ मंगिलाल खटिक को 10 लाख रुपये में यह कहकर बेच दी कि लगभग 150 प्रश्न अंतिम परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाएंगे।
विकास बिवाल, मंगिलाल बिवाल और दिनेश बिवाल (जयपुर)
अधिकारी दिनेश बिवाल के परिवार के सदस्यों की भी जांच कर रहे हैं, क्योंकि उन पर हरियाणा स्थित कागज आपूर्तिकर्ता यश यादव के साथ लंबे समय से संबंध होने का आरोप है। परिवार के कई सदस्यों के औसत शैक्षणिक प्रदर्शन के बावजूद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के बाद जांचकर्ताओं को संदेह हुआ।
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर (लातूर)
महाराष्ट्र के प्रमुख मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के कोचिंग नेटवर्क के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को भी सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। लगभग दो दशकों से, रेणुकाई करियर सेंटर, जिसे आरसीसी या 'मोटेगांवकर सर की कक्षाएं' के नाम से जाना जाता है, महाराष्ट्र भर के छात्रों के बीच मेडिकल की पढ़ाई के लिए एक मार्ग के रूप में मान्यता प्राप्त है।
