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डिजिटल मैपिंग और GIS टेक्नोलॉजी...समझिए इस बार कैसे खास होगी अगली जनगणना?

भारत में अगली जनगणना पूर्ण डिजिटल जनगणना (Digital Census) होगी, जिसमें मोबाइल ऐप, टैबलेट, ऑनलाइन डेटा एंट्री और रियल-टाइम सर्वर अपलोड जैसी आधुनिक तकनीकें इस्तेमाल होंगी। जानिए क्या खास होगा अनुभव...

Digital Census in India

खास होगी भारत में अगली जनगणना?

भारत में जनगणना का विशेष महत्व है, बता दें कि 'जनगणना 2027' (Census 2027) दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण की जनगणना अप्रैल और सितंबर 2026 के बीच, जबकि दूसरे चरण की फरवरी 2027 में होगी। पर इसबार की जनगणना पहले हुईं जनगणना के मुकाबले काफी एडवांस होने जा रही है। जिसमें हाइटेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें GPS tagging, Face-to-Face डिजिटल इंटरव्यू और AI का भी उपयोग होगा, जानिए कैसे यह सब काम होगा...

2027 की जनगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी, जिसमें मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा और स्व-गणना के लिए ऑनलाइन प्रावधान होगा। बता दें कि जनगणना की प्रत्येक कवायद से पहले विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और जनगणना डेटा उपयोगकर्ताओं से प्राप्त जानकारी और सुझावों के आधार पर जनगणना से संबंधित प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया जाता है।

जनगणना दो फेज में होगी, पहला फेज अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा। वहीं दूसरा फेज फरवरी 2027 में होगा। पहले फेज में हाउज लिस्टिंग और हाउस सेंसस किया जाएगा, वहीं दूसरे फेज में पॉपुलेशन एन्यूमरेशन होगा।

भारत में जनगणना

भारत में जनगणना का इतिहास (Census History in India)

भारत में जनगणना का इतिहास 150 सालों से भी अधिक पुराना है और प्रत्येक जनगणना में पिछली जनगणनाओं के अनुभवों का ध्यान रखा जाता है।भारत में जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई, जब वायसराय लॉर्ड मेयो के शासनकाल में पहली जनगणना कराई थी। पहली पूर्ण,समकालिक जनगणना 1881 में हुई थी, फिर यह हर 10 साल में की जाती है। स्वतंत्रता के बाद की पहली जनगणना 1951 में हुई थी। 1951 के बाद की सभी जनगणनाएं 1948 के जनगणना अधिनियम के तहत आयोजित की जाती हैं।

2027 डिजिटल जनगणना के होंगे फायदे

2011 में हुई थी पिछली जनगणना

पिछली जनगणना 2011 में हुई थी।वहीं 2021 की जनगणना कोरोना-महामारी और लॉजिक-क्रियान्वयन कारण स्थगित हुई।इसलिए अगली जनगणना 2027 में तय की गई है ताकि समय अंतर पूरा हो जाए और नमूना-डेटा (Population Data) अपडेट हो सके। जनगणना 2027 में शामिल मुख्य डेटा होंगे-जनसंख्या,शिक्षा, रोजगार, आर्थिक गतिविधि, मातृ-भाषा, घर, पानी, बिजली, इंटरनेट, धर्म,जाति/जनजाति, और प्रवासन।

भारत में 2027 की जनगणना होगी डिजिटल (Digital Census in India)

भारत में अगली जनगणना जो होनी है वह पूरी तरह डिजिटल मॉडल पर आधारित होगी। यह भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल ऐप, टैबलेट, ऑनलाइन डेटा एंट्री और रियल-टाइम सर्वर अपलोड जैसी आधुनिक तकनीकों का काफी इस्तेमाल होगा। बता दें यह आम लोगों के लिए भी अनूठा अनुभव होगा।

भारत में डिजिटल होगी इस बार जनगणना

"डिजिटल जनगणना" को कैसे दिया जाएगा अंजाम

इस बार की जनगणना में मोबाइल ऐप से डेटा कलेक्शन होगा, पहली बार हर गणनाकर्ता (Enumerator) को स्मार्टफोन या टैबलेट दिया जाएगा। जनगणना के लिए एक डेडिकेटेड मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जो डेटा प्रविष्टि को तेज और एरर लेस बनाएगा। ऐप में ड्रॉपडाउन मेनू और 'फेच' जैसे स्मार्ट फीचर्स होंगे जो डेटा दोहराव को कम करने में मदद करेंगे। इंटेलिजेंट कैरेक्टर रिकग्निशन (ICR) तकनीक का उपयोग करके असंगठित उत्तरों को भी प्रोसेस किया जाएगा। जियो-टैगिंग (Geo Tagging) सभी भवनों (आवासीय और गैर-आवासीय) की जियो-टैगिंग पहली बार की जाएगी। इसकी ऑनलाइन निगरानी भी की जाएगी, पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी के लिए एक वेबसाइट भी होगी।

Digital Census में क्या-क्या होगा खास-

  • इस बार नागरिकों के पास विकल्प होगा कि खुद भी घर बैठे ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने का
  • लोग अपने मोबाइल/लैपटॉप पर अपना गृह पहचान संख्या (House Listing ID) डालेंगे
  • ओटीपी वेरिफिकेशन से परिवार की पूरी जानकारी दर्ज होगी सबमिट करके एक डिजिटल रसीद मिलेगी
  • Enumerators बाद में बस जानकारी मिलान कर लेंगे
  • सवालों की पूरी सूची डिजिटल रूप में होगी
  • निवासी की जानकारी भरकर सीधे सर्वर पर भेजना
  • GPS tagging (लोकेशन वेरिफिकेशन)
  • रियल-टाइम डेटा अपडेट होगा
  • रियल-टाइम डेटा अपलोड और सुरक्षित सर्वर सिस्टम
  • हर एंट्री एन्क्रिप्शन के साथ सीधे सिक्योर NIC सर्वर पर जाएगी बीच में डेटा खोने की संभावना नहीं
  • Enumerators को डेटा बैकअप की जरूरत नहीं, क्योंकि सब कुछ लाइव अपलोड होगा

Face-to-Face डिजिटल इंटरव्यू (Tablet Based)

  1. जिन लोगों ने Self-enumeration नहीं किया, वहां अधिकारी घर-घर जाकर टैबलेट से इंटरव्यू लेंगे और जवाब स्क्रीन पर भरेंगे
  2. GPS-location से घर व व्यक्ति की पहचान की पुष्टि होगी

डिजिटल मैपिंग और GIS टेक्नोलॉजी

  1. भारत के हर गांव, शहर, वार्ड, ब्लॉक और घर को GIS Maps पर टैग किया जाएगा।
  2. गलत मैपिंग नहीं होगी वहीं दोहरी गिनती खत्म होगी और माइग्रेशन और शहरीकरण की सही तस्वीर सामने आ सकती है
डेटा एनालिटिक्स और AI आधारित वेरिफिकेशन-2027 की जनगणना में पहली बार मशीन लर्निंग से डुप्लीकेट एंट्री हटेंगी और AI से अजीब/असंभव डेटा को फ्लैग किया जाएगा जिससे क्लियर डेटा तैयार होगा।

2027 डिजिटल जनगणना के क्या होंगे फायदे (Benefits of Digital Census)

डिजिटल जनगणना के तमाम फायदे होंगे इसमें डेटा तेजी से जारी होगा कागजी प्रक्रिया की तरह काफी समय नहीं लगेगा। गलतियां और दोहरी कम होगा वहीं कम लागत के साथ तुरंत विश्लेषण और नीति-निर्माण आसान होगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण भी होगा क्योंकि कागजों का इस्तेमाल काफी घट जाएगा। तो यह तो साफ है कि भारत में होने वाली अगली जनगणना पहले से काफी अलग होने जा रही है।

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रवि वैश्य
रवि वैश्य Author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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