Jeffrey Epstein: बाल यौन शोषण के आरोपी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) द्वारा रची गई भयावह दुनिया के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए लगभग 30 लाख दस्तावेजों से उसके यौन संबंधों, दौलत और प्रभाव के विशाल नेटवर्क का खुलासा हुआ है। नए ईमेल और तस्वीरें इस यौन अपराधी की नई योजना का खुलासा करती है। यह रिपोर्ट एपस्टीन आनुवंशिकी और मानव जाति को बेहतर बनाने के जुनून को उजागर करती हैं। नई फाइलें "ट्रांसह्यूमनिज्म" के प्रति उसके आकर्षण को दिखाती हैं, जो जेनेटिक इंजीनियरिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी तकनीकों के जरिए मानव आबादी को बेहतर बनाने की उसकी सोच को दिखाती है। एपस्टीन का अधिक से अधिक महिलाओं को गर्भवती करके मानव जाति में अपना डीएनए फैलाना चाहता था। मानव जाति की "सुपर नस्ल" बनाने की उसकी भयावह योजनाओं पर के बारे में विस्तार से जानिए।
मानव जाति की 'सुपर नस्ल' बनाने का सपना
दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या कर ली थी। लेकिन वह अब भी चर्चा में है। अब उसकी नई योजना का खुलासा हुआ है जो बताती है कि उसकी सोच कहां तक चली गई थी। वह महिलाओं को अपने शुक्राणु से गर्भवती कर एक "सुपर नस्ल" बनाने की योजना बना रहा था। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2000 के दशक की शुरुआत में एपस्टीन कई वर्षों तक वैज्ञानिकों और अन्य लोगों के साथ न्यू मैक्सिको स्थित अपने विशाल फार्महाउस में महिलाओं को गर्भवती करके मानव जाति में अपना डीएनए फैलाने के अपने सपने पर अक्सर चर्चा करते थे।
यह ट्रांसह्यूमनिज्म में उनकी लंबे समय से चली आ रही दिलचस्पी को दर्शाता है। आलोचकों का कहना है कि ट्रांसह्यूमनिज्म आधुनिक युग के यूजेनिक्स जैसा है, जो एक गलत सिद्धांत है कि चुनिंदा प्रजनन के जरिए मनुष्यों को बेहतर बनाया जा सकता है। न्यू मैक्सिको में जोरो रेंच वह जगह है जहां ये बदनाम फाइनेंसर अपनी योजना को लागू करना चाहता था। 33,000 वर्ग फुट का यह रेंच सांता फे के बाहरी इलाके में एक छोटे से कस्बे में स्थित है। कई महिलाओं ने एपस्टीन पर इस न्यू मैक्सिको रेंच पर किशोर या युवा लड़कियों के रूप में उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।
जोरो रेंच पर 20 महिलाओं को करना चाहता था गर्भवती
एक प्रभावशाली कंप्यूटर वैज्ञानिक, जेरोन लैनियर ने पहले न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया था कि नासा के एक वैज्ञानिक ने उन्हें बताया था कि एपस्टीन अपने जोरो रेंच पर एक साथ 20 महिलाओं को गर्भवती करना चाहता था। उसका यह आइडिया 1980 में स्थापित कैलिफोर्निया के एक शुक्राणु बैंक, रिपॉजिटरी फॉर जर्मिनल चॉइस पर आधारित था। इस बैंक में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के शुक्राणु जमा किए जाने थे जो मानव जीन पूल को बढ़ावा देना चाहते थे। हालांकि, 1999 में इस संस्थान के बंद होने से पहले सिर्फ एक नोबेल पुरस्कार विजेता ने ही इसमें योगदान दिया था। लेनियर के अनुसार, एपस्टीन अपने बच्चों को जन्म देने के लिए संभावित उम्मीदवारों, जिनमें ज्यादातर आकर्षक और प्रभावशाली शैक्षणिक योग्यता वाली महिलाएं होती थीं, उन्हें चुनने के लिए भव्य डिनर पार्टियों का आयोजन करता था। इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि ये योजनाएं अमल में लाई गईं या नहीं।
एपस्टीन के अजीबोगरीब मंसूबे
एपस्टीन ने क्रायोनिक्स में भी रुचि दिखाई थी, जो एक अप्रमाणित विज्ञान है और मृत लोगों के शरीर को जमाकर भविष्य में उन्हें पुनर्जीवित करने पर केंद्रित है। खबरों के अनुसार, वह अपना सिर और लिंग भी जमाना चाहता था। 2011 में एपस्टीन द्वारा स्थापित एक चैरिटी ने वर्ल्ड ट्रांसह्यूमनिस्ट एसोसिएशन को 20,000 डॉलर दिए, जो अब ह्यूमैनिटी प्लस के नाम से संचालित होता है। समूह की वेबसाइट के अनुसार, इसका लक्ष्य विचारकों की एक नई पीढ़ी को गहराई से प्रभावित करना है जो मानवता के अगले कदमों की कल्पना करने का साहस रखते हैं।
एपस्टीन का आनुवंशिकी के प्रति जुनून
तथाकथित एपस्टीन फाइलों से पता चला है कि इस कुख्यात यौन अपराधी ने प्रतिरक्षा और इलाज के लिए महत्वपूर्ण स्टेम कोशिकाओं के निर्माण की संभावनाओं का पता लगाने के लिए आनुवंशिक परीक्षण का भुगतान किया था। एपस्टीन एक जीन-संपादन कंपनी को वित्त पोषित करने के बारे में भी बातचीत कर रहा था। वह कुछ नस्लीय विशेषताओं, जैसे नीली आंखों से आकर्षित था। ये नए ईमेल जीनोमिक्स अनुसंधान के क्षेत्र में टॉप वैज्ञानिकों के साथ उसके संबंधों को उजागर करते हैं। जर्मन संज्ञानात्मक वैज्ञानिक जोशा बाख, जो एआई के क्षेत्र में एक प्रभावशाली शख्स, उन्हें एपस्टीन से 300,000 पाउंड का दान मिला था। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, उनके साथ हुई एक ईमेल बातचीत से संकेत मिलता है कि एपस्टीन अश्वेत लोगों को आनुवंशिक रूप से संशोधित करके उन्हें अधिक होशियार बनाने की संभावना पर विचार कर रहा था।
खुद की डिजाइनर बेबी कंपनी शुरू करना चाहता था
एपस्टीन ने हार्वर्ड के विकासवादी गतिशीलता कार्यक्रम को 6.5 मिलियन डॉलर दान किए थे और वहां दोपहर का भोजन भी आयोजित किया था। एपस्टीन को डिजाइनर शिशुओं और आनुवंशिक रूप से संशोधित बच्चों की संभावना में भी रुचि थी। न्याय विभाग द्वारा जारी एक दस्तावेज में एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के साथ क्लोनिंग पर हुई बातचीत का जिक्र है। एपस्टीन अपनी खुद की डिजाइनर बेबी कंपनी शुरू करना चाहता था। 2018 में एक क्रिप्टोकरेंसी उद्यमी ब्रायन बिशप, जो डिजाइनर-बेबी प्रोजेक्ट के लिए निवेश की तलाश में थे, उनके साथ उनके ईमेल की बातें भी नए दस्तावेज लीक में शामिल हैं। संदेशों में बिशप ने इस बात पर जोर दिया कि यह धनराशि परियोजना को "गैरेज बायोलॉजी" चरण से आगे बढ़ाने में सहायक होगी, जिससे पांच वर्षों के भीतर पहले जीवित बच्चे और संभवतः एक मानव क्लोन बनाना संभव हो सकेगा। बिशप ने कहा कि दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं रहेगी, और मानव प्रजाति का भविष्य तो और भी बदल जाएगा।