बिहार चुनाव में AIMIM के पांच उम्मीदवारों ने जीता चुनाव।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
Bihar Election Result: "सुन लो तेजस्वी, सुन लो राजद के नेता हम तुम्हें बता रहे हैं कि तुम्हारी नादानी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। तुम्हारा गुरुर तुम्हे कमजोर करके रख जाएगा। तुम्हें अगर दोबारा बीजेपी को रोकना है, मोदी-नीतीश को रोकना है तो ओवैसी का हाथ पकड़ना पड़ेगा।"
चुनाव से पहले एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी (Owaisi) ने राजद से न तो मंत्री पद की मांग की थी, न उपमुख्यमंत्री पद की। ओवैसी ने सीमांचल में सिर्फ 5 सीटें मांगी थी। तेजस्वी को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। इसके बाद एआईएमआईएम ने सीमांचल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।
नतीजा हुआ कि 2020 विधानसभा की तरह ही इस बार भी 5 सीटें जीतने में पार्टी कामयाब हो गई। मोदी-नीतीश की आंधी में की जिस तरह बिहार में 'लालटेन' बुझ गई और 'पंजा' उखड़ गया वहां कैसे ओवैसी की पतंग हवा में लहराती रह गई, यह सवाल चुनावी पंडितों के लिए अब एक चर्चा का विषय बन चुकी है।
आइए सबसे पहले जान लें कि वो कौन सी सीटें हैं, जहां पर AIMIM के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
ये पांचों सीट सीमांचल की। जोकीहाट से मोहम्मद मुर्शीद आलम, बहादुरगंज से मोहम्मद तौसीफ आलम, कोचाधाम से मोहम्मद सरवर आलम, अमौर से अख्तरुल ईमान और बायसी से गुलाम सरवर चुनाव जीते हैं।
अब पांचों सीटों की गणित समझ लीजिए।
सीट-अमौर, जिला-पूर्णिया
इस सीट पर एआईएमआईएम के अख्तरूल इमाम ने बाजी मारी है। उन्हें इस बार 1,00,836 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे जेडीयू के सबा जफर को 61,908 वोट मिले। वहीं, तीसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान रहे। साल 2020 में जब एआईएमआईएम के चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे तो बिहार में अख्तरूल इमाम इकलौते एआईएमआईएम के विधायक बचे थे।
इस सीट से गुलाम सरवर जीते हैं। उन्हें 92,766 वोट मिले। दूसरे नंबर पर बीजेपी उम्मीदवार विनोद कुमार रहे। वहीं, आरजेडी उम्मीदवार तीसरे नंबर पर थे। 2020 में इस सीट से जीते एआईएमआईएम उम्मीदवार ने राजद का दामन थाम लिया था।
इस सीट पर AIMIM उम्मीदवार तौसीफ आलम ने बाजी मारी है। उन्हें 87,315 वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के मोहम्मद मसावर आलम को 58,589 वोट मिले। इस सीट पर भी 2020 में जीते AIMIM विधायक राजद भी शामिल हो गए थे।
सीट- कोचाधामन, जिला-किशनगंज
इस सीट पर मोहम्मद सरवर की जीत हुई है। उन्हें 81,860 वोट मिले। दूसरे स्थान पर राजद उम्मीदवार मुजाहिद आलम रहे, जिन्हें 58,839 वोट मिले। तीसरे नंबर पर बीजेपी उम्मीदवार बीना देवी रहीं।
जोकीहाट, जिला-अररिया
इस सीट पर मोहम्मद मुर्शीद आलम विजयी हुई। गौरतलब है कि राजद ने इस सीट पर शहनवाज आलम को टिकट दिया। ये वही उम्मीदवार थे जो साल 2020 में AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में राजद में शामिल हो गए थे।
इस बार AIMIM ने 28 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें पांच उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। मतलब स्ट्राइक रेट रहा 17.86 प्रतिशत। गौर करने वाली बात ये है कि यह स्ट्राइक रेट राजद से बेहतर है। इस बार तेजस्वी की अगुआई में राजद का स्ट्राइक रेट सिर्फ 18.18 प्रतिशत रहा।
इतना ही नहीं, AIMIM के दो उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे और 14 सीटों पर तीसरे नंबर पर। ठाकुरगंज से गुलाम हसनैन और बलरामपुर से मोहम्मद आदिल हसन दूसरे नंबर पर रहे।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि राजद को ओवैसी के उम्मीदवार ने कितना नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं, 28 में से 10 सीटों पर AIMIM उम्मीदवारों के जीत-हार के अंतर से ज्यादा वोट मिले। 8 सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशी को सीधा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, एक सीट पर AIMIM ने जदयू को भी नुकसान पहुंचाया है।
जिन 8 सीटों पर AIMIM ने महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया वो इस प्रकार हैं।
यहां से बीजेपी की निशा सिंह ने चुनाव जीता। दूसरे नंबर पर राजद की इशरत परवीन रहीं। यहां हार-जीत का अंतर सिर्फ 7,752 रहा। तीसरे नंबर पर आए AIMIM उम्मीदवार को 30,163 वोट मिले।
इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सुभाष सिंह विजयी हुए। दूसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी ओम प्रकाश गर्ग रहे। 28 हजार वोट के अंतर से ओम प्रकाश गर्ग को हार मिली। AIMIM उम्मीदवार को इस सीट पर 14,225 वोट मिले।
इस सीट पर LJP (R) के उम्मीदवार नितेश कुमार सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार इरफान आलम को 12,875 वोट के अंतर से हराया। तीसरे नंबर पर रहे AIMIM उम्मीदवार मोहम्मद शहनवाज आलम को 35,309 वोट मिले।
इस सीट पर LJP (R) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह विजयी हुए। राजद के मुकेश रौशन दूसरे नंबर पर रहे। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव 35,703 वोट हासिल कर तीसरे नंबर पर रहे। यहां से AIMIM उम्मीदवार अमित कुमार उर्फ बच्चा राय को 15,783 वोट मिले।
इस सीट पर भी LJP (R) ने बाजी मारी। उदय कुमार सिंह ने राजद उम्मीदवार प्रमोद कुमार वर्मा को सिर्फ 13,524 वोट से हराया। यहां पर चौथे नंबर पर रहे AIMIM उम्मीदवार शाने अली खान को 14,754 वोट मिले।
इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार मुरारी मोहन झा ने राजद उम्मीदवार फराज फातमी को 7303 वोट से हराया। AIMIM उम्मीदवार ने यहां से 7474 वोट काटे।
इस सीट पर जदयू उम्मीदवार राजेश कुमार मंडल ने 18, 453 वोट के अंतर से राजद उम्मीदवार ललित कुमार यादव को हराया। यहां पर AIMIM के जलालुद्दीन साहिल को 16,966 वोट मिले।
इस सीट पर AIMIM ने जदयू को नुकसान पहुंचाया। कांग्रेस के अबिदुर रहमान ने जदयू उम्मीदवार शगुफ्ता अजीम को 12,741 वोट से चुनाव हराया। एआईएमआईएम उम्मीदवार मंजूर आलम को इस सीट पर 53,421 वोट मिले।
इस सीट पर तो कांटे की टक्कर हुई। राजद के फैजल रहमान महज 178 वोट से चुनाव जीते। दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी उम्मीदवार पवन कुमार जायसवाल। वहीं, AIMIM उम्मीदवार राणा रंजीत को 5,730 वोट मिले।
AIMIM के परफॉर्मेंस ने एक तरफ जहां तेजस्वी यादव को जोर का झटका दिया। वहीं, सभी दलों को गठबंधन का महत्व भी सीखा दिया। AIMIM के प्रवक्ता जसीम ने कहा कि साल 2020 में भी हमारी पार्टी ने 5 सीटें जीती, लेकिन राजद ने हमारे चार विधायकों को खरीद लिया। इस बार हमने 5 नए चेहरे को जिताया। राजद का प्रोपागेंडा टूट चुका है। उनका MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण धवस्त हो गया है।
एक्सप्लेनर्स