बिहार चुनाव में कई सोशल मीडिया स्टार्स को मिली करारी शिकस्त।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
Bihar Election Result: संस्कृत में एक श्लोक है "न भूतो न भविष्यति" इसका अर्थ है कि न पहले कभी हुआ और न ही भविष्य में होगा। शुक्रवार को बिहार की राजनीति में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जो आज तक नहीं हुआ था। इस बार हुए बिहार विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक वोटिंग हुई।
मतदाताओं ने आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी तादाद में वोटिंग की। वोटिंग के बाद एग्जिट पोल में ज्यादातर एजेंसियां, एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला का अनुमान जता रहे थे, लेकिन इस बार बिहार की जनता के मन में कुछ और था, जिसे समझने में बड़े से बड़े राजनीतिक पंडित फेल हो गए।
शुक्रवार को आए नतीजों ने साबित कर दिया कि नीतीश सरकार की योजनाओं की कोई तोड़ नहीं है। बिहार की महिलाओं ने एनडीए के उम्मीदवारों के पक्ष में जमकर वोट किया। नतीजा ये हुआ कि भाजपा के 89 तो जदयू के 85 उम्मीदवारों ने बाजी मार ली।
एनडीए गठबंधन ने पिछले चुनाव की तुलना में 80 सीटें ज्यादा हासिल की। वोट शेयर भी बढ़कर 47 प्रतिशत पहुंच गया। इतना ही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी के 'हनुमान' कहे जाने वाले चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति (रामविलास) ने 28 में से 19 सीटें जीत ली।
वहीं, युवा तेजस्वी की लीडरशिप में लड़ी महागठबंधन सिर्फ 34 सीटों पर सिमट गई। राजद और कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवारों को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। मानों एनडीए की आंधी में 'लालटेन' बुझ गई और 'कांग्रेस' का पंजा उखड़ सा गया।
इस बार हुए बिहार चुनाव में मानों पूरी 'भोजपुरी इंडस्ट्री' चुनावी मैदान में उतर आई थी। एनडीए और महागठबंधन दोनों तरफ से भोजपुरी कलाकारों ने प्रचार-प्रसार किया। हालांकि, भोजपुरी इंडस्ट्री के तीन बड़े चेहरे, मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव (निरहुआ) बीजेपी के सांसद हैं।
इन लोगों का प्रचार-प्रसार करना कोई चौंकाने वाली बात नहीं थी, लेकिन बीजेपी ने पवन सिंह को अपना स्टार प्रचारक बनाया। चर्चा चल रही थी कि पवन सिंह चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन आखिरी मौके पर उन्हें चुनाव न लड़ने का फैसला किया। हालांकि, एनडीए उम्मीदवारों के लिए उन्होंने जमकर प्रचार किया।
लोक गायिका मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur Election Result) को तो अलीनगर विधानसभा से उम्मीदवार ही बना दिया। 25 वर्षीय मैथिली, अलीनगर की जनता की दिल को जीतने में कामयाब हुई और बिहार की सबसे युवा विधायक बन गईं।
वहीं, दूसरी ओर बीजेपी के खिलाफ कुछ ऐसे लोगों ने चुनाव लड़ा जो सोशल मीडिया की दुनिया में तो काफी वायरल होते हैं। जन सुराज ने यूट्यूबर मनीष कश्यप को चानपतिया विधानसभा सीट से मैदान में उतारा। वहीं, भोजपुरी सिंगर रीतेश पांडे को करगहर सीट से उम्मीदवार बनाया गया।
हालांक, दोनों उम्मीदवारों ने प्रशांत किशोर को निराश किया। दूसरी तरह भोजपुरी के प्रसिद्ध एक्टर और सिंगर खेसारी लाल यादव को राजद ने छपरा से टिकट दिया, लेकिन वो भी चुनाव हार गए।
राजनीतिक मैदान में अपना भाग्य आजमाने उतरीं पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह (Jyoti Singh Election Result) को हार का मुंह देखना पड़ा। चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर ज्योति की कई वीडियो वायरल हुई थी, जहां वो अपने पति के साथ रिश्तों को लेकर काफी दुखी थीं। ज्योति सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में काराकाट से निर्दलीय उम्मीदवार थीं।
इस बार बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने भी चुनावी में अपने पिता और भागलपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अजीत शर्मा के लिए प्रचार किया। हालांकि, अजीत शर्मा को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
कुल मिलाकर बात ये है कि जिन सोशल मीडिया स्टार्स ने महागठबंधन, जन सुराज या किसी अन्य दल से चुनाव लड़ा उसे निराशा ही हाथ मिली। वहीं, जिन कलाकरों ने एनडीए की ओर से चुनाव लड़ा या प्रचार किया वो शुक्रवार को जश्न मना रहे थे। बिहार की जनता ने इस बार न तो किसी स्टार का स्टारडम देखा न फॉलोअर्स की संख्या, लोगों ने सिर्फ मोदी-नीतीश की लीडरशिप पर भरोसा जताया।
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