Pam Bondi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर एक्शन में हैं। वह दोनों जगहों पर 'बमबारी' कर रहे हैं। ईरान पर तो वह बम गिरा ही रहे हैं, अमेरिका में अपने प्रशासन में ऊंचे पदों पर आसानी अपने करीबियों को जिस तरह से वह एक-एक किनारे लगा रहे है, उससे उनके करीबी डरे हुए हैं। ताजा मामला अटार्नी जनरल पाम बॉन्डी का है। ट्रंप ने गुरुवार को अटॉर्नी जनरल पद से बॉन्डी को हटा दिया। अभी कुछ दिनों पहले ट्रंप ने होमलैंड सेक्युरिटी सेक्रेटरी पद से क्रिस्टी नोएम की छुट्टी की। बॉन्डी दूसरी हाई प्रोफाइल हस्ती हैं जिनकी ट्रंप प्रशासन से विदाई हुई है। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि ट्रंप अभी यही नहीं रुकने वाले नहीं हैं, आने वाले दिनों में अन्य बड़े पदों से लोगों की छुट्टी हो सकती है। इसमें सीबीआई के डाइरेक्टर काश पटले और नेशनल इंटेलिजेंस की चीफ तुलसी गबार्ड का नाम भी शामिल है।
काश पटेल-तुलसी गबार्ड पर हो सकती है कार्रवाई!
बॉन्डी के हटाए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन में एक तरह से खलबली मची हुई है। दबे जुबान यही चर्चा है कि अगला नंबर किसका है। रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान युद्ध में फंसे ट्रंप अपने प्रशासन के कामकाज से खुश नहीं हैं। वह प्रशासनिक पदों पर बदलाव चाहते हैं। अटकलें हैं कि आने वाले दिनों में काश पटेल और तुलसी को उनके पद से हटाया जा सकता है। 'पोलिटिको' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड ल्युटनिक एवं लेबर सेक्रेटरी लोरी शावेज के कामकाज से हताश एवं निराश हैं।
तुम्हारा जॉब गया बॉन्डी!
गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि बॉन्डी अब तुम अपने पद पर नहीं हो। ट्रंप की इस घोषणा के बाद 14 महीनों से चले आ रहे बॉन्डी के कार्यकाल पर विराम लग गया। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि 'हम पाम को बहुत पसंद करते हैं। अब उन्हें निजी क्षेत्र मे एक बहुत ही महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति की जाएगी और इसकी घोषणा समय आने पर की जाएगी।' पद से हटाए जाने पर बॉन्डी ने अपने एक बयान में कहा कि इस पद काम करना जीवनभर के लिए सम्मान है।
tom bondy
आगे वह इस पद का कार्यभार ट्रंप के पूर्व निजी वकीलों में से एक टॉड ब्लेंच को सौंपेंगी। ब्लेंच अभी डिप्टी अटॉर्नी जनरल हैं। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन पहले ही बॉन्डी राष्ट्रपति की लिमोजिन में ट्रंप के साथ बर्थराइट सिटिजन केस की सुनवाई में शामिल होने सुप्रीम कोर्ट गई थीं और एक दिन बाद उन्हें पद से हटाए जाने की घोषणा हुई। चर्चा है कि इसी दौरान कार में ट्रंप ने उन्हें पद से हटाए जाने के बारे में जानकारी दी और बाद में यह बात सार्वजनिक हुई।
जैसा चाह रहे थे वैसा काम नहीं कर पा रही थीं बॉन्डी!
बॉन्डी को हटाए जाने की वजह एपस्टीन फाइल्स को बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जस्टिस डिपार्टमेंट जिस तरह से एपस्टीन फाइल्स की चीजें सामने ला रहा है, उससे ट्रंप खुश नहीं हैं। इस पूरे मामले में ट्रंप, बॉन्डी से जैसा चाह रहे थे, वह उस तरीके से काम नहीं कर पा रही थीं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बॉन्डी केस बनाने और चलाने में असफल रही हैं, इससे भी ट्रंप उनसे नाराज थे। बॉन्डी पर ट्रंप की नाराजगी सार्वजनिक रूप से कुछ दिनों पहले आई थी। अपने ट्रुथ सोशल के एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि 'पाम मैं 30 से ज्यादा बयान एवं पोस्ट देखे हैं जिनमें एक ही बात बार-बार कही गई है। केवल बातें हैं कोई एक्शन नहीं। कुछ भी नहीं हो रहा। कोमी, एडम, लेटिसिया के बारे में क्या? ये सभी दोषी हैं लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा। ऐसे में वर्जीनिया में हमें डेमोक्रेट समर्थित यूएस अटॉर्नी को रखना चाहिए जिसका अतीत रिपब्लिकन के खिलाफ रहा हो।'
ट्रंप ने आगे कहा, 'हमें अब ज्यादा देरी नहीं कर सकते। यह हमारी प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीतयता को खत्म कर रहा है। बिना किसी बात के लिए इन्होंने मुझ पर दो बार महाभियोग और 5 बार केस चलाया। अब न्याय जरूर होना चाहिए।'
Tulsi gabard
बॉन्डी ने राष्ट्रपति को खुश करने की पूरी कोशिश की
रिपोर्टों के मुताबिक अपने 14 महीनों के कार्यकाल में अटॉर्नी जनरल के रूप में, बॉन्डी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस की सुनवाई और व्हाइट हाउस के कार्यक्रमों में उनकी जमकर तारीफ की, ऐसे अभियोजकों को हटा दिया जिन्हें राष्ट्रपति के प्रति पर्याप्त वफादार नहीं माना गया, और उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच शुरू की। न्याय विभाग की मुख्य इमारत पर तो ट्रंप की तस्वीर वाला एक बड़ा बैनर भी लगाया गया था। हालांकि, यह सब भी काफी नहीं लगा और अंततः उनके पद से हटने का कारण बन गया। बॉन्डी को हटाया जाना अकेला मामला नहीं है। द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप अपने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड को भी पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं।
केंट का बचाव करने से तुलसी से नाराज हैं ट्रंप?
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कैबिनेट सदस्यों से गबार्ड को हटाने को लेकर राय ली है और इस बात पर नाराजगी जताई है कि उन्होंने एक पूर्व डिप्टी का बचाव किया, जिसने ईरान के साथ युद्ध के उनके तर्क को कमजोर किया था। ट्रंप, गबार्ड से इसलिए भी नाराज हो गए क्योंकि उन्होंने पूर्व आतंकवाद-रोधी प्रमुख जो केंट की उस आलोचना की निंदा नहीं की, जिसमें प्रशासन के ईरान पर युद्ध करने के फैसले की आलोचना की गई थी। केंट के पद छोड़ने और उनकी आलोचना ने ट्रंप को नाराज किया, लेकिन गबार्ड द्वारा केंट का बचाव करने और ईरान पर हमले के प्रशासन के फैसले का खुलकर समर्थन न करने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
