Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के महीनों बाद इस्लामी गणराज्य उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटा है। इसे देश की सबसे बड़ी विदाई बताया जा रहा है। खामेनेई ने 37 वर्षों तक सभी महत्वपूर्ण राजकीय मामलों में सर्वोच्च अधिकार संभाला था। इसी साल फरवरी में 86 साल की उम्र में मध्य तेहरान स्थित उनके आवासीय और कार्यस्थल परिसर पर अमेरिका और इजराइल की मिसाइल हमलों उनकी मौत हो गई। 3 जुलाई (शुक्रवार) से 9 जुलाई तक, पांच शहरों में उनकी अंतिम विदाई के लिए समारोह आयोजित किया जा रहा है। खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम के लिए क्या-क्या इंतजाम हो रहे हैं, कितने लोग शामिल हो रहे हैं, विस्तार से जानते हैं।
अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू
ईरान की राजधानी तेहरान में देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को शुरू हुई। ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे खामेनेई के ताबूत एक ट्रक में रखा गया है। इसी ट्रक में उनके परिजनों के ताबूत भी रखे गए हैं जो 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में इजराइल और अमेरिका के हवाई हमले में मारे गए थे। अधिकारियों ने ट्रक को इमाम की दरगाह के चारों ओर बनी पारंपरिक सजावटी जाली का स्वरूप दिया है। अंतिम यात्रा की निगरानी कर रहे रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल हसन हसनज़ादेह ने बताया कि इन ताबूतों को 12 घंटे की यात्रा के दौरान तेहरान की सड़कों से होते हुए मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाया जाएगा।
मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का अनुमान है। ईरानी प्रशासन का मानना है कि इससे सरकार के प्रति जनता के समर्थन का भी प्रदर्शन होगा।
इस बीच, तेहरान के विभिन्न स्थलों पर हजारों की संख्या में लोग जुट चुके हैं और वे खामेनेई के सम्मान में झंडे और बैनर लहरा रहे हैं। शोक के मद्देनजर प्रशासन ने प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है। हवाई क्षेत्र पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार से शुरू हुआ यह राष्ट्रीय शोक बृहस्पतिवार को समाप्त होगा। इसके बाद 86 वर्षीय खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
1.5 करोड़ तक लोग शामिल हो सकते हैं
तेहरान के कार्यवाहक मेयर अलीरेजा जकानी ने कहा है कि पूर्व सर्वोच्च नेता के लिए आयोजित समारोह राजधानी के इतिहास में सबसे बड़ी सभा होगी, जबकि अन्य अधिकारियों का कहना है कि अंतिम संस्कार में ईरान भर से 1.5 करोड़ तक लोग शामिल हो सकते हैं। सवाल है कि ईरान को खामेनेई के अंतिम संस्कार में इतना समय क्यों लगा? ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, जिन्होंने 1989 से ईरान पर शासन किया, 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए। शुरुआत में इस्लामी गणराज्य ने अपने नेता को मार्च में दफनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रहने के कारण, ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार को स्थगित करने का फैसला किया। खामेनेई के अंतिम संस्कार में देरी ने इस बात को लेकर भी अटकलों को हवा दी कि उनके अवशेष इतने लंबे समय तक कैसे संरक्षित रहे। हालांकि कुछ अटकलें थीं कि खामेनेई के शरीर को अस्थायी रूप से दफनाया गया था, ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनके शरीर को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार रखा गया था।
पांच शहरों में एक सप्ताह तक विदाई समारोह
अब, महीनों की देरी के बाद ईरान अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को दो देशों के पांच शहरों में एक सप्ताह तक चलने वाले भव्य अंतिम संस्कार समारोह के साथ विदाई दे रहा है, जिसमें लाखों शोक संतप्त लोग शामिल हो रहे हैं। ईरान भी खामेनेई को भव्य विदाई देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, यह समारोह धार्मिक प्रतीकों से भरपूर है और अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ ही मेल खाता है।
3 जुलाई को ईरान में विदेशी नेताओं के लिए आयोजित एक समारोह के साथ खामेनेई को अंतिम विदाई देने की शुरुआत हुई थी। 86 वर्षीय खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसाला लाया गया, जो देश के सबसे महत्वपूर्ण समारोह स्थलों में से एक है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि खामेनेई के ताबूत को उस पवित्र ध्वज में लपेटा गया जो कभी इमाम हुसैन के मकबरे पर फहराया जाता था। इमाम हुसैन उन शिया संतों में से एक हैं जिनसे खामेनेई का संबंध था। ईरानी सरकार के एक पोस्ट के अनुसार, सफेद अक्षरों वाला लाल झंडा "प्रतिरोध, बलिदान और सत्य के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक" है।
9 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार
शनिवार और रविवार (4 और 5 जुलाई) को तेहरान में सार्वजनिक अंतिम संस्कार समारोह शुरू हुए। खामेनेई के पार्थिव शरीर को परिवार के कई सदस्यों के पार्थिव शरीर के साथ, ग्रैंड मोसाला में अंतिम विदाई के लिए रखा गया। 9 जुलाई को अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए ईरान वापस लाया जाएगा। यह अंतिम संस्कार मशहद स्थित इमाम रजा के मकबरे में होगा। मशहद ईरान का सबसे पवित्र शहर है। इमाम रजा शिया इस्लाम के आठवें इमाम थे। यह शहर अली खामेनेई के लिए व्यक्तिगत रूप से भी अहम है, क्योंकि उनका जन्म 1939 में मशहद में हुआ था और उन्होंने अपने शुरुआती जीवन का अधिकांश समय यहीं बिताया। उन्होंने शहर के धार्मिक मदरसों में अध्ययन किया और फिर क़ोम में अपनी शिक्षा जारी रखी।
आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार बन सकता है
ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि जुलूस और अंतिम संस्कार में लगभग 40 लाख से 1.5 करोड़ शोक संतप्त लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार बन सकता है। इस विशाल आयोजन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। ईरान में 37 साल पहले 1989 में तब के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार हुआ था, जिसमें 1.02 करोड़ लोग शामिल हुए थे।
ईरान के बासिज अर्धसैनिक स्वयंसेवी बल के अनुसार, शोक संतप्त लोगों को खिलाने के लिए 50 करोड़ रोटियां बनाई जाएंगी, जिसके लिए राजधानी में 16 मोबाइल बेकरियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा कारणों से अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और सत्ताधारी सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए हैं। उनके बारे में कयास हैं कि वह बुरी तरह घायल हैं और उनका इलाज हो रहा है। ईरान के शीर्ष नेता उन्हें लेकर कोई जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं।