Ahilyabai Holkar: 8 साल की उम्र में हो गई थी अहिल्याबाई होल्कर की शादी, ससुर ने हर कदम पर दिया था साथ

टीवी पर नए शो पुण्यश्लोक अहिल्याबाई की शुरुआत हुई है। क्या आप जानते हैं कि अहिल्याबाई कौन थीं और क्यों उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है?

Ahilyabai Holkar
Ahilyabai Holkar 

मुख्य बातें

  • टीवी पर शुरू हुआ नया शो पुण्यश्लोक अहिल्याबाई।
  • क्या आप जानते हैं कि अहिल्याबाई होल्कर कौन थीं?
  • यहां जाने अहिल्याबाई की जिंदगी से जुड़ी खास बातें।

छोटे पर्दे पर नए टीवी सीरियल पुण्यश्लोक अहिल्याबाई की शुरुआत हो गई है। यह पीरियड ड्रामा अहिल्याबाई होल्कर की जिंदगी पर आधारित है, जिन्होंने पितृसत्तात्मक समाज द्वारा बनाए गए रूढीवादी सोच को खत्म किया था। 

क्या आप जानते हैं कि अहिल्याबाई कौन थीं? अगर नहीं, तो यहां जानें उनसे जुड़ी सभी बातें। 

1. अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंदी गांव, अब अहमदनगर जिले में हुआ था। 

2. अहिल्याबाई के पिता मंकोजी सिंधिया बीड जिले के रहने वाले एक सम्मानित परिवार से संबंध रखते थे और इस गांव के पाटिल थे। अहिल्याबाई कभी स्कूल नहीं गई थीं, लेकिन उनके पिता ने उन्हें पढ़ना और लिखना सिखाया था। 

3. अहिल्याबाई के ससुर मल्हार राव पुणे जा रहे थे और इस दौरान रास्ते में एक मंदिर में रुके जहां उन्होंने 8 साल की अहिल्याबाई को मंदिर में पूजा करते देखा और उनकी शादी अपने बेटे खंडेराव होल्कर से करवाने का फैसला किया।

4. साल 1733 में अहिल्याबाई की शादी खंडेराव होल्कर से हो गई। इसके बाद 1745 में उन्होंने अपने बेटे मालेराव होल्कर को जन्म दिया।

5. इसके बाद साल 1954 में अहिल्याबाई के पति खंडेराव की मृत्यु हो गई। उन्होंने मुगल सम्राट अहमद शाह बहादुर के अनुरोध पर अपने पिता की सेना के माध्यम से घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान, खंडेराव अपने सैनिकों का निरीक्षण कर रहे थे और इस दौरान उन्हें तोप के गोले से मार दिया गया।

6. अपने पति खंडेराव की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई ने सती होने से इंकार कर दिया। यह वो प्रथा थी जिसमें महिलाओं को उनके पति के शव के साथ जला दिया जाता था। अहिल्याबाई के ससुर मल्हार राव ने अपनी बहू के निर्णय का समर्थन किया।

7. बेटे खंडेराव के निधन के बाद मल्हार राव ने अहिल्या को राजनीतिक गतिविधियों में दिलचस्पी लेने के लिए प्रोत्साहित किया और उनकी बहादुरी देखकर कई तरह की युद्ध क्रियाएं भी सिखाईं। लेकिन बेटे के निधन के 12 साल बाद, 1766 में मल्हार राव का भी निधन हो गया। 

8. मल्हार राव के निधन के बाद उनके पोते मालेराव इंदौर के शासक बने लेकिन अप्रैल 1967 में उनका भी निधन हो गया, जिसके बाद अहिल्या ने इंदौर की शासक के तौर पर शपथ ली। 

9. मालेराव के निधन के बाद अहिल्याबाई ने तत्कालीन पेशवा कोमालवा के प्रशासन को संभालने की अनुमति देने के लिए याचिका दायर की। जल्द ही उसे अनुमति मिल गई और साथ ही वो मालवा की शासक भी बन गईं।

10. अपने शासन के दौरान अहिल्याबाई ने इंदौर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य करते हुए बांध, घाट, टैंक और तालाब बनवाए। इसके साथ ही उन्होंने मालवा में किलों का निर्माण करवाया। इसके साथ ही उन्होंने जरूरी स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाईं। उसके शासनकाल के दौरान, कला और संस्कृति उसके राज्य में विकसित हुई। 13 अगस्त 1975 को अहिल्याबाई का निधन हो गया था। 

मालूम हो कि छोटे पर्दे पर अहिल्याबाई की जिंदगी पर आधारित शो पुण्यश्लोक अहिल्याबाई की शुरुआत हुई है जिसमें उनका रोल निभा रही हैं 9 साल की अदिती जलतरे, वहीं उनके ससुर मल्हार राव होल्कर के रोल में नजर आएंगे एक्टर राजेश श्रृंगारपोरे।

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