‘भाबीजी घर पर हैं’ के एक्टर को मिला था इरफान खान संग फिल्म का चांस, बहन की वजह से टूटा सपना, अब है मलाल

Tenali Rama Star Sohit Soni Selected For Irrfan Khan Film: टीवी स्टार सोहित सोनी को इरफान खान के साथ एक फिल्म ऑफर हुई थी। इस फिल्म का नाम हिंदी मीडियम था जिसमें वो काम करने वाले थे...

TV Actor sohit soni bhabiji ghar par hai fame selected for Irrfan khan Film hindi medium
भाबीजी घर पर है के स्टार्स के साथ सोहित सोनी। 

मुख्य बातें

  • टीवी सेलेब्स इरफान खान को अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
  • सेलेब्स उनके संग खिंचवाईं तस्वीरें और बिताए पल की यादें शेयर कर रहे हैं।
  • टीवी स्टार सोहित सोनी ने भी इरफान खान को श्रद्धांजलि दी है।

इरफान खान के निधन के बाद बॉलीवुड से लेकर टीवी जगत तक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार सेलेब्स उनके संग खिंचवाईं अनसीन तस्वीरें और बिताए पल की यादें शेयर कर रहे हैं। हाल ही में टीवी स्टार सोहित सोनी ने भी इरफान खान को श्रद्धांजलि दी है। भाबीजी घर पर हैं, तेनाली राम, यारों का टशन, जीजाजी छत पर हैं, दीया और बाती हम जैसे कई टीवी शोज कर चुके सोहित ने ये भी बताया है कि उन्हें इरफान खान के साथ फिल्म हिंदी मीडियम में काम करने का ऑफर मिला था। 
दरअसल इरफान खान टीवी एक्टर सोहित सोनी के सबसे पसंदीदा एक्टर थे। सोहित का सपना था कि वो एकबार इरफान खान के साथ काम करें। हालांकि ये सपना हमेशा के लिए सिर्फ सपना बनकर ही रह गया। 


सोहित सोनी ने अपने श्रद्धांजलि पोस्ट में इस फिल्म के ऑफर का जिक्र किया है और इसे ना कर पाने के पीछे की भी पूरी कहानी बताई है। सोहित लिखते हैं, 'क्या कहूं शब्द नहीं आंखों में आंसू है। बॉलीवुड जगत के लिए पूरे देश के लिए बहुत दुख की बात है कि हमारे बीच एक्टिंग के गुरु यूं कहूं एक्टिंग पाठशाला नहीं है। उनके साथ काम करना मेरा सपना था जो कि हिंदी मीडियम मूवी में पूरा होने जा रहा था। शूटिंग दिल्ली में थी और मैं लखनऊ से 300km आगे छोटे गांव बहन के पास राखी बधवाने गया हुआ था। पता नहीं था कि रात को कॉल आ जाएगा कि कल इरफान खान जी के साथ हिंदी मीडियम मूवी में आपका पहला सीन है।'

सोहित सोनी आगे लिखते हैं, 'काश मुझे पता होता, शूटिंग डेट पहले मिली होती तो मैं शायद बहन के यहां पर रक्षाबंधन मनाने नहीं जाता। देर से सिलेक्शन होने के कारण रात को फोन आया और मैं बहुत फड़फड़ाने लगा। कैसे भी दिल्ली पहुंच जाऊं सुबह 8:00 बजे की शूटिंग पर। वह भी पहला सीन इरफान खान जी के साथ अफसोस होने लगा कि मैं अपने गांव क्यों आया। परंतु मेरी इसमें कोई गलती नहीं थी ना कास्टिंग टीम को पता था कि मेरा सिलेक्शन अचानक होगा।' 

'टीम को लगा कि मैं दिल्ली ही हूं तो बुला लेंगे। मैंने बहुत कोशिश की दिल्ली पहुंचने की परंतु अपने हालात से मजबूर था मैं बहुत दूर सिस्टर के यहां था जहां पर एयरपोर्ट भी डेढ़ सौ किलोमीटर दूर था और रास्ते में एक 14 किलोमीटर का जंगल पड़ता था। दो से ढाई घंटे टीम से बात करता रहा यह कहकर कि मैं आ जाऊंगा कैसे भी करके...। टीम ने समझाया कि मत आओ जान को जोखिम में मत डालो। मेरा सपना, सपना ही बनकर रह गया। इरफान भाई मैं आपको जिंदगी भर बहुत मिस करूंगा।'

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